à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अमेरिकी वेंकटेशन सà¥à¤‚दरेशन कृषि वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 2024 का वोलà¥à¤« पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार मिला है। यह कृषि के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दिया जाने वाला सबसे बड़ा पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार है। इस पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार को 'कृषि का नोबेल' à¤à¥€ कहा जाता है, जिसमें 100,000 डॉलर की राशि शामिल है। UC Davis में पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट बायोलॉजी और पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट साइंसेस डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° सà¥à¤‚दरेशन को पौधों के विकास पर उनके अगà¥à¤°à¤£à¥€ काम के लिठजाना जाता है, जो फसल सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
सà¥à¤‚दरेशन के शोध से सिंथेटिक अपोमिकà¥à¤¸à¤¿à¤¸ का विकास हà¥à¤† है, जो हाइबà¥à¤°à¤¿à¤¡ पौधों से कà¥à¤²à¥‹à¤¨ बीज बनाने की à¤à¤• विधि है। इससे महंगे और समय लेने वाले कà¥à¤°à¥‰à¤¸à¤¬à¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग की आवशà¥à¤¯à¤•ता समापà¥à¤¤ हो जाती है। सà¥à¤‚दरेशन ने बताया, 'इन कà¥à¤²à¥‹à¤¨ हाइबà¥à¤°à¤¿à¤¡ के साथ किसान अपनी कटी हà¥à¤ˆ कà¥à¤› बीजों को बचा सकते हैं और अगले साल की फसल के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फिर से लगा सकते हैं।' उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि 'यह विकासशील देशों में छोटे किसानों के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ खबर है जो हर साल हाइबà¥à¤°à¤¿à¤¡ बीज खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकते हैं।'
कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के बायोलॉजिकल साइंसेज कॉलेज के डीन मारà¥à¤• वाइन ने कहा कि यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार सà¥à¤‚दरेशन के अà¤à¥‚तपूरà¥à¤µ काम का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ है। उनका काम पौधों के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ की बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ जीव विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की समठको लागू करता है, जिससे विकासशील देशों में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हाइबà¥à¤°à¤¿à¤¡ फसल उपà¤à¥‡à¤¦à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बनाई जाती है। सà¥à¤‚दरेशन ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से फिजिकà¥à¤¸ में à¤à¤®à¤à¤¸à¤¸à¥€ की डिगà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है और कृषि में वोलà¥à¤« पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने वाले सातवें यूसी डेविस पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° हैं।
सà¥à¤‚दरेशन ने कहा कि मà¥à¤à¥‡ विशेष रूप से यह जानकर खà¥à¤¶à¥€ हà¥à¤ˆ कि तीन मूल वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों को यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार देकर, वोलà¥à¤« फाउंडेशन इस तरह के समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के लायक होने के लिठबà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ और पहचान रहा है। कॉलेज ऑफ à¤à¤—à¥à¤°à¥€à¤•लà¥à¤šà¤°à¤² à¤à¤‚ड à¤à¤¨à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¨à¤®à¥‡à¤‚टल साइंसेज की डीन हेलेन डिलारà¥à¤¡ ने सà¥à¤‚दरेशन और उनकी टीम के सहयोगी पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि उनका काम इस बात का उदाहरण है कि कैसे अकादमिक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ अलगाव में मौजूद नहीं हैं। बलà¥à¤•ि यह वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के समाधान बनाने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤•, परसà¥à¤ªà¤° जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ का हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं।
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