By Prabhjot singh
वह चिरयà¥à¤µà¤¾ है। उनकी याददाशà¥à¤¤ किसी सà¥à¤ªà¤° कंपà¥à¤¯à¥‚टर जितनी अचà¥à¤›à¥€ है। उनका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ-कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पंजाब और सिख मामले हैं। उनसे कोई à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ पूछें और दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹ व तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‹à¤‚, दोनों के साथ उतà¥à¤¤à¤° हाजिर है। बेशक, वह कोई और नहीं बलà¥à¤•ि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनसंपरà¥à¤• के पà¥à¤°à¥‹à¤§à¤¾ तरलोचन सिंह हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अलग-अलग विचारधारा के राजनीतिक नेताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। उनके 91वें जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ पर सरदार तरलोचन सिंह को सिख मामलों का सबसे बड़ा और चलता-फिरता विशà¥à¤µà¤•ोश कहना अतिशयोकà¥à¤¤à¤¿ न होगी।
50 के दशक की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में नव निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ राजà¥à¤¯ पेपà¥à¤¸à¥‚ के पहले गैर-कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥€ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ सिंह रारेवाला से शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उस समय जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ जैल सिंह के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ के पà¥à¤°à¥‡à¤¸ सचिव के रूप में अपनी पहचान बनाई। तब देश अपने सबसे बà¥à¤°à¥‡ दौर से गà¥à¤œà¤° रहा था। ततà¥à¤•ालीन पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ इंदिरा गांधी की हतà¥à¤¯à¤¾ और उसके बाद न केवल केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ राजधानी में बलà¥à¤•ि कई अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर सिखों के नरसंहार का दà¥à¤–द और दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• दौर था वह।
वह 25 साल बाद 1984 के नरसंहार की à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ यादों के साथ संसद में खड़े हà¥à¤ और à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ से देश ने माफी मांगी जो न केवल सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ संगà¥à¤°à¤¾à¤® में बलà¥à¤•ि उसके बाद के राषà¥à¤Ÿà¥à¤° निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में à¤à¥€ हमेशा आगे रहा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ही अटल बिहारी वाजपेयी के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बनने से पहले शिरोमणि अकाली दल और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ के बीच गठबंधन का मारà¥à¤— पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤ किया था। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने परसà¥à¤ªà¤° विरोधी राजनीतिक नेताओं को सामाजिक मंचों पर à¤à¤•जà¥à¤Ÿ किया और कई जटिल समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का समाधान खोजने में मदद की।
तरलोचन सिंह ने कहा कि वह हमेशा बातचीत या संवाद में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ रखते हैं। इस तरह वह सà¤à¥€ राजनीतिक दलों में दोसà¥à¤¤ बनाने में सफल रहे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने संकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤·à¤£ में कहा कि मैंने कà¤à¥€ किसी को नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चाया। सबसे गंà¤à¥€à¤° परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ हमेशा सकारातà¥à¤®à¤• और रचनातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण अपनाया।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ à¤à¤µà¤¨ में सेवा देने के बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• आयोग, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मानवाधिकार आयोग का अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और दिलà¥à¤²à¥€ परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ निगम का अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·-सह-à¤à¤®à¤¡à¥€ नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया गया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ओलंपिक संघ में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पदों पर रहने के अलावा 1982 के à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ खेलों और 2010 राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤®à¤‚डल खेलों के मीडिया पà¥à¤°à¤®à¥à¤– के रूप में à¤à¥€ काम किया था।
इन सà¤à¥€ विवरणों को à¤à¤¸à¤ªà¥€à¤à¤¸ ओबेरॉय के सरबत दा à¤à¤²à¤¾ टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤•ाशित संकलन में शानदार तरीके से शामिल किया गया है। संकलन के विमोचन में पंजाब के दिगà¥à¤—जों ने à¤à¤¾à¤— लिया। केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ सोम पà¥à¤°à¤•ाश को पंजाब और सिख मामलों के 'मिसà¥à¤Ÿà¤° गूगल' का परिचय कराते हà¥à¤ खà¥à¤¶à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤ नौकरशाह से राजनेता बने और होशियारपà¥à¤° से à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ सांसद सोम पà¥à¤°à¤•ाश ने शà¥à¤°à¥€ तरलोचन सिंह के साथ अपने लंबे जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ को याद किया। यादें तब की थीं जब वह सांसद थे या राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• आयोग के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· थे या उससे à¤à¥€ पहले राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ या केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ गृह मंतà¥à¤°à¥€ डॉ. जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ जैल सिंह के पà¥à¤°à¥‡à¤¸ सचिव थे। .
शà¥à¤°à¥€ सोम पà¥à¤°à¤•ाश ने कहा कि हम दोनों ने लंबे समय तक पंजाब सरकार की सेवा की। मैंने उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ शà¥à¤²à¥à¤• और कराधान विà¤à¤¾à¤— में काम किया और शà¥à¤°à¥€ तरलोचन सिंह à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ की सबसे बड़ी सहकारी संसà¥à¤¥à¤¾ मारà¥à¤•फेड के सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• और मीडिया संबंधों की देखà¤à¤¾à¤² कर रहे थे। जैसे ही मैं सिविल सेवा में आगे बढ़ा और पà¥à¤°à¤¾à¤‚तीय सिविल सेवा में नियà¥à¤•à¥à¤¤ हà¥à¤† तरलोचन सिंह ततà¥à¤•ालीन केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ गृह मंतà¥à¤°à¥€ डॉ. जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ जैल सिंह के साथ दिलà¥à¤²à¥€ चले गये। जैल सिंह बाद में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ बने।
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