टेकà¥à¤¸à¤¾à¤¸ टेक यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° इंदà¥à¤°à¤œà¥€à¤¤ शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ ने कैंसर की सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठà¤à¤• नया इनोवेटिव तरीका ईजाद किया है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ ने आफà¥à¤Ÿà¤°à¤—à¥à¤²à¥‹ के रूप में à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स इमेजिंग तकनीक विकसात की है।
इस वकà¥à¤¤ फà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤‚स गाइडेड सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जाती है, जिसमें डाई से à¤à¤°à¤¾ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ लगाया जाता है। इसके बाद जब लेजर से लाइट डाली जाती है तो इस डाई की वजह से टà¥à¤¯à¥‚मर चमकने लगता है। इससे डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ को कैंसर वाले टिशà¥à¤¯à¥‚ और हेलà¥à¤¦à¥€ टिशà¥à¤¯à¥‚ में अंतर पता चल जाता है।
हालांकि इस तकनीक की अपनी सीमाà¤à¤‚ हैं। इसमें फà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤‚ट कà¥à¤› देर के लिठही काम करता है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर तà¥à¤°à¤‚त लेजर का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना पड़ता है। इसके अलावा ये मटिशà¥à¤¯à¥‚ में गहरे तक नहीं पहà¥à¤‚च पाता और इससे मिलने वाले सिगà¥à¤¨à¤² à¤à¥€ कमजोर होते हैं।
इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ ने आफà¥à¤Ÿà¤°à¤—à¥à¤²à¥‹ तकनीक ईजाद की है। इस तकनीक में टà¥à¤¯à¥‚मर करीब दस मिनट तक चमकता रहता है। इससे डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ को बेहतर तरीके से उसका पता लगाने और निकालने में मदद मिल सकती है। इस तकनीक में फà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤‚ट टिशà¥à¤¯à¥‚ में उस सीमा तक गहरे तक पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करके कैंसर कारी ऊतकों को उजागर कर देता है, जहां पारंपरिक फà¥à¤²à¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤‚ट काम नहीं कर पाता।
2023 में टेकà¥à¤¸à¤¾à¤¸ टेक में शामिल हà¥à¤ शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ ने बताया कि उनकी तकनीक उसी तरह काम करती है, जैसे कि अंधेरे में कोई चमकने वाला सà¥à¤Ÿà¤¿à¤•र दिखाई देता है। इससे कैंसरकारी सà¤à¥€ ऊतकों को निकालना संà¤à¤µ हो सकता है।
अब शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ और उनकी टीम इस आफà¥à¤Ÿà¤°à¤—à¥à¤²à¥‹ इमेजिंग तकनीक में और सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में जà¥à¤Ÿà¥‡ हैं। वह इसमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने पर काम कर रहे हैं, जिससे वह और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गहराई तक पहà¥à¤‚च सकेगा। शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ के इस काम को à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स फंकà¥à¤¶à¤¨à¤² मटीरियलà¥à¤¸ ने हाल ही में पà¥à¤°à¤•ाशित किया है।
शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ ने 2015 में इंडियन इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस à¤à¤‚ड टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€, शिवपà¥à¤° (à¤à¤¾à¤°à¤¤) से मेटलरà¥à¤œà¤¿à¤•ल इंजीनियरिंग और मटीरियल साइंस में बीई की डिगà¥à¤°à¥€ हासिल की है। इसके बाद उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 2017 यूआईयूसी से à¤à¤®à¤à¤¸ किया और 2020 में पीà¤à¤šà¤¡à¥€ की थी।
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