à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के तीन कलाकारों को साल 2025 के यूनाइटेड सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤¸ (यूà¤à¤¸à¤) फेलोशिप से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है। शिकागो के गैर-लाà¤à¤•ारी संगठन यूनाइटेड सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤¸ की तरफ से यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में असाधारण योगदान देने वाले कलाकारों को पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किठजाते हैं।
इस फेलोशिप के तहत हर विजेता को 50 हजार डॉलर की मदद दी जाती है। इस पर कोई रोक नहीं होती। यूà¤à¤¸à¤ फैलोशिप को संसाधनों और सेवाओं के माधà¥à¤¯à¤® से हर चरण में कलाकारों का सपोरà¥à¤Ÿ करने के लिठतैयार किया गया है।
इस साल यूà¤à¤¸à¤ फेलोशिप के तहत दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के 50 कलाकारों को मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ दी गई है। इनमें à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के तीन कलाकार - à¤à¤®à¥€ नेà¤à¥à¤•à¥à¤®à¤¾à¤¥à¤¿à¤², अंजलि शà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ और शà¥à¤¯à¥‹à¤• मिशा चौधरी शामिल हैं।
à¤à¤®à¥€ नेà¤à¥à¤•à¥à¤®à¤¾à¤¥à¤¿à¤²
à¤à¤®à¥€ नेà¤à¥à¤•à¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¿à¤² दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की कवि और निबंधकार हैं। उनके नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• टाइमà¥à¤¸ के नेचर संबंधी निबंध अधिक बिकने वाले कलेकà¥à¤¶à¤¨ हैं। उनके साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में चार कविता संगà¥à¤°à¤¹ हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कई पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार मिल चà¥à¤•े हैं जिनमें नेशनल à¤à¤‚डॉमेंट फॉर द आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ से कविता फैलोशिप, पà¥à¤¶à¤•ारà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार और कविता में गà¥à¤—ेनहाइम फैलोशिप शामिल हैं। इस वकà¥à¤¤ वह सिà¤à¤°à¤¾ मैगजीन में कविता संपादक हैं।
अंजलि शà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤¸à¤¨
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ व डिजाइनर शà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ 1996 से à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पारंपरिक गà¥à¤²à¤¾à¤¸ कारीगरों के साथ रचनातà¥à¤®à¤• सहयोग में जà¥à¤Ÿà¥€ हैं। उनका फोकस सामाजिक-आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सशकà¥à¤¤à¤¿à¤•रण के लिठअनà¥à¤¸à¤‚धान à¤à¤µà¤‚ डिजाइन पर है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अलà¥à¤«à¥à¤°à¥‡à¤¡ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कॉलेज ऑफ सेरामिकà¥à¤¸ से बैचलर ऑफ फाइन आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ (बीà¤à¤«à¤) में डिगà¥à¤°à¥€ लेने से पहले नई दिलà¥à¤²à¥€ में नेशनल इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ फैशन टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ में à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤°à¥€à¤œ डिजाइन की पढ़ाई की थी। बाद में रोड आइलैंड सà¥à¤•ूल ऑफ डिज़ाइन से मासà¥à¤Ÿà¤° ऑफ फाइन आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ (à¤à¤®à¤à¤«à¤) किया। गà¥à¤²à¤¾à¤¸ आरà¥à¤Ÿ में शà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ को कई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार à¤à¥€ मिल चà¥à¤•े हैं।
शà¥à¤¯à¥‹à¤• मीशा चौधरी
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में जनà¥à¤®à¥‡ और बà¥à¤°à¥à¤•लिन में रहने वाले लेखक, निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤• व आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ शà¥à¤¯à¥‹à¤• मीशा चौधरी ने खà¥à¤¦ को समकालीन रंगमंच की à¤à¤• अगà¥à¤°à¤£à¥€ आवाज के रूप में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ओबी अवारà¥à¤¡ और वà¥à¤¹à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤‚ग अवारà¥à¤¡ जैसे कई पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार मिल चà¥à¤•े हैं। उनका पहला नाटक Public Obscenities 2024 के पà¥à¤²à¤¿à¤¤à¥à¤œà¤° पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार के फाइनल तक पहà¥à¤‚चा था। चौधरी दो बार के सनडांस फेलो रहे हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने लघॠफिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ की सीरीज विसिटà¥à¤°à¤¾ बनाई है। इस वकà¥à¤¤ वह अपनी à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• विजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ मां के साथ सहयोग कर रहे हैं।
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