ADVERTISEMENTs

येल ने भारतीय सहायक प्रो. प्रियाशा को सम्मानित किया

मुखोपाध्याय को उनकी पुस्तक 'रिक्वायर्ड रीडिंग: द लाइफ ऑफ एवरीडे टेक्स्ट्स इन द ब्रिटिश एम्पायर' के लिए हेमैन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मुखोपाध्याय ऑक्सफोर्ड में पीएचडी के दौरान एर्टेगन स्कॉलर थीं। / Yale University

येल फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज (FAS) ने येल में अंग्रेजी की सहायक प्रोफेसर प्रियाशा मुखोपाध्याय को सैमुअल और रोनी हेमैन पुरस्कार से सम्मानित किया है जो मानविकी à¤®à¥‡à¤‚ उत्कृष्ट छात्रवृत्ति को मान्यता देता है। 

मुखोपाध्याय ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में पीएचडी और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक, परास्नातक और एमफिल की पढ़ाई पूरी की। मुखोपाध्याय को उनकी पुस्तक 'रिक्वायर्ड रीडिंग: द लाइफ ऑफ एवरीडे टेक्स्ट्स इन द ब्रिटिश एम्पायर' के लिए हेमैन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

मुखोपाध्याय दक्षिण एशिया के साहित्यिक इतिहास की विद्वान हैं। अपनी पुस्तक में वह औपनिवेशिक दक्षिण एशिया के अभिलेखागार को खंगालती हैं और 'पढ़ने' के बारे में हमारे à¤µà¤¿à¤šà¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को चुनौती देने के लिए मैनुअल, पत्रिकाओं और पंचांगों जैसे सामान्य लेखन की जांच करती हैं।

कार्यक्रम में सहायक प्रोफेसर सैमुअल मैकडॉगल और जुनलियांग शेन को भी उनके संबंधित क्षेत्रों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कला और विज्ञान संकाय के डीन स्टीवन à¤µà¤¿à¤²à¥à¤•िंसन ने अपनी खुशी व्यक्त की और कहा कि मैं प्रियाशा, सैम और जुनलियांग को उनके उत्कृष्ट विद्वत्तापूर्ण कार्य के लिए सम्मानित करते हुए प्रसन्न हूं। 

विल्किंसन ने कहा कि दक्षिण एशिया के साहित्यिक इतिहास, मानव संज्ञान और बीजगणितीय ज्यामिति पर उनका अभूतपूर्व शोध FAS में हमारे सहयोगियों द्वारा किए जा रहे à¤‰à¤¤à¥à¤•ृष्ट कार्य का प्रतिनिधित्व करता है। विल्किंसन ने भी अपना आभार व्यक्त किया और कहा कि मैं विद्वानों और शिक्षकों के ऐसे उत्कृष्ट समुदाय के साथ काम करने के लिए आभारी à¤¹à¥‚ं।
 

Comments

Related

ADVERTISEMENT

 

 

 

ADVERTISEMENT

 

 

E Paper

 

 

 

Video