यॉरà¥à¤• विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने पà¥à¤°à¤¶à¤‚सित à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के लेखकों अमिताव घोष और नमिता गोखले को दस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में नामित किया है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस वरà¥à¤· सेंटà¥à¤°à¤² हॉल में सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• समारोह के दौरान मानद उपाधियां (honorary degrees) पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की जाà¤à¤‚गी।
सबसे पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ समकालीन à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लेखकों में से à¤à¤• घोष को साहितà¥à¤¯ और वैशà¥à¤µà¤¿à¤• विचार में उनके महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान के लिठसमà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया जाà¤à¤—ा। दशकों से फैले साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• करियर के साथ, घोष ने 9 उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸, चार गैर-कालà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤• रचनाठ(non- fiction work) और दो निबंध संगà¥à¤°à¤¹ लिखे हैं।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login