पिछले वृतà¥à¤¤à¤¾à¤‚त में हम साउथ डकोटा के बैडलैंड नेशनल पारà¥à¤• में डूबते सूरज को देख रहे थे। यह जगह इतनी सà¥à¤‚दर है कि हर डीटेल लिखते-लिखते à¤à¤• किताब ही बन जाà¤à¥¤ नारंगी सूरज जब इन पहाड़ों के पीछे छà¥à¤ªà¤¤à¤¾ है तो अपनी आà¤à¤¾ को इन पर देर तक छोड़ता जाता है। à¤à¤¸à¤¾ लगता है कि उसका à¤à¥€ डूबने का मन न हो।
इस पारà¥à¤• में कई सीनिक डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ है। हर जगह सà¥à¤Ÿà¥‰à¤ª बने है। आप चाहे जितनी देर रà¥à¤•ें, तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ लें। जो लोग à¤à¤°à¤¿à¤œà¥‹à¤¨à¤¾, यूटा गठहैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤›-कà¥à¤› वहां की à¤à¤²à¤• मिल सकती है। पर कà¥à¤› ही। इंसानों की तरह पहाड़ों की à¤à¥€ रूप-रेखा थोड़ी à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तो होती ही है। बैडलैंड में हमनें कई जीव-जंतॠदेखें पर à¤à¤• जंगली à¤à¥‡à¤¡à¤¼ जाने कैसे इन पहाड़ की चोटियों पर चढ़ता-गिरता उसके सिरमौर पर बैठा था। हमें बहà¥à¤¤ अचरज हà¥à¤†à¥¤ फिर थोड़ा आगे बढ़े तो दूसरे पहाड़ की शिखा पर दो à¤à¥‡à¤¡à¤¼ à¤à¤• साथ बैठे दिखे। फिर अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया शायद यही इनका ठिकाना हो। मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ कितनी à¤à¥€ हो जीव अपना ठौर ढूंढ ही लेता है।
यहां पूरा दिन बिताने के बाद हम निकल पड़े नॉरà¥à¤¥ डकोटा की तरफ़। इस रासà¥à¤¤à¥‡ में इतनी सारी 'वाल डà¥à¤°à¤—' की होरà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग थी की मत पूछिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ लगता था कि वाल डà¥à¤°à¤— वालों का ही पूरा इलाक़ा हो। वाल डà¥à¤°à¤— à¤à¤• गिफà¥à¤Ÿ शॉप के साथ खाने-पीने और तमाम चीजों की बड़ी सी दà¥à¤•ान है। यह à¤à¥€ यहां के अटà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨ में था तो हम चले गà¤à¥¤ दà¥à¤•ान à¤à¥€à¤¤à¤° से à¤à¤‚टीक सा लà¥à¤• लिठहà¥à¤ है। à¤à¤• घंटा काफ़ी है चलते-फिरते घूमने के लिठयहां।
नॉरà¥à¤¥ डकोटा के थियोडà¥à¤°à¤² नेशनल पारà¥à¤• जाने से पहले हम फारà¥à¤—ो में थोड़ी देर रà¥à¤•े थे। वहां à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ चरà¥à¤š है जो लकड़ी का बना था और उसमे बड़ा सा जहाज बना था वह देखा। सू फॉल से 10 मिनट की दूरी पर होटल लिया था। वहां रात बिताई और अगले दिन सू फॉल देखा। यह à¤à¤• सà¥à¤‚दर शहर है यहां का। दिन का ख़ाना à¤à¤• इंडियन रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट में खाया। यह à¤à¥€ गोवा के à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने खोला था। हम चकित थे की पहली बार गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤à¥€, साउथ या पंजाबियों को छोड़ गोवा के लोगों ने रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट इधर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ शà¥à¤°à¥‚ किया है। यहां के मालिक से मालूम हà¥à¤† कि à¤à¤• साथ करीब 20 परिवार गोवा से यहां पहà¥à¤‚चे थे। और फिर सब ने यहां रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट खोल लिया।
अगले दिन थियोडà¥à¤°à¤² नेशनल पारà¥à¤• जाने के रासà¥à¤¤à¥‡ में हमने अमेरिका के सबसे बड़े à¤à¥ˆà¤‚से का सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‚ देखा। यह हाई वे से सटा ही है तो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ नहीं लगा यहां जाने में। इसी सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ लेखक लà¥à¤ˆà¤¸ लामोर का जनà¥à¤® सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है। पर बरसों पहले वह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ आंधी-तूफान और तरकà¥à¤•ी के नाम कहीं आस-पास गà¥à¤® हो गया। à¤à¤¸à¥‡ में इसी छोटे से कसà¥à¤¬à¥‡ में à¤à¤• उनके नाम कर दिया है।
थियोडà¥à¤°à¤² नेशनल पारà¥à¤• की इंटà¥à¤°à¥€ फी à¤à¥€ 30 डॉलर है। यह पारà¥à¤• तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से मà¥à¤à¥‡ थोड़ा कम पसंद आया। पर इसका दूसरा à¤à¤¾à¤— सà¥à¤‚दर था। यहां तरह-तरह के जंगली फूल और लमà¥à¤¬à¥‡ घास के मैदान थे। à¤à¤• पूरा दिन यहां बिताने के बाद हम होटल पहà¥à¤‚चे और अगले दिन, 'डेविल माउंटेन' देखने के साथ वापस घर को लौट आà¤à¥¤ इन आठदिनों में कई छोटी-छोटी जगहों पर à¤à¥€ गठपर ये कम समय के हिसाब से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ थीं।
हमने साउट डकोटा, मिनीसोटा, नॉरà¥à¤Ÿ डकोटा, मोंटना के साथ वायोमिंग की यातà¥à¤°à¤¾ पूरी की थी।
नोट: ख़ाली और कम आबादी वाले इन शहरों में à¤à¤• गजब का सà¥à¤•ून था। à¤à¤¸à¥‡ में रोड के किनारे में कà¥à¤› बोरà¥à¤¡ दिखे- अरà¥à¤œà¥‡à¤‚ट हेलà¥à¤ª या सà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ हेलà¥à¤ªà¤²à¤¾à¤‡à¤¨ का नंबर लिखा था उन पर। मैंने इतने बरसों में पहली बार सà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ हेलà¥à¤ªà¤²à¤¾à¤‡à¤¨ का बोरà¥à¤¡ रोड साइड कई जगह लगे देखा था। बाद में साथी ने बताया कि इधर यानी मोंटना, वायोमिंग और नॉरà¥à¤¥ डकोटा में सà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ रेट पूरे अमेरिका में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। कारण सोचती हूं तो लगता है यहां जितनी गरà¥à¤®à¥€ है उतनी ही à¤à¤¯à¤‚कर ठंढ है। मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• असर कà¥à¤› तो होगा ही। फिर इतने वीराने और अदà¥à¤à¥à¤¤ वातावरण में रहने के लिठहिमà¥à¤®à¤¤ तो चाहिठही।
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