नहीं तेरा नशेमन क़सà¥à¤°-à¤-सà¥à¤²à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ के गà¥à¤®à¥à¤¬à¤¦ पर
तू शाहीं है बसेरा कर पहाड़ों की चटानों में...
अलà¥à¤²à¤¾à¤®à¤¾ इक़बाल ने यह न जाने किन बरसों में यह लिखा होगा, लेकिन दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के किसी कोने में 1300 ईसà¥à¤µà¥€ में कोई था जो यह पहले से जानता था। वे थे “सिनॉगà¥à¤† पीपल”। खेती पर निरà¥à¤à¤° à¤à¤• छोटी सी आबादी, जो सूखे से तà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ रहती थी। उनकी खेती का मà¥à¤–à¥à¤¯ आधार बारिश का पानी था। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤• दिन वे अपना बसेरा छोड़कर किसी और उचित सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की तलाश में निकल पड़े। उनकी यह तलाश वरà¥à¤¡ नदी के पास जाकर पूरी हà¥à¤ˆà¥¤
वरà¥à¤¡ नदी उनकी खेती के लिठतो उपयà¥à¤•à¥à¤¤ थी, लेकिन बात थी कि “ना रही जीव त के पीही घीव” यानि नदी में बारिश के दिनों में बाढ़ आ जाती थी और फिर जंगली इलाके में जाना पड़ता था। à¤à¤¸à¥‡ में जीवन à¤à¤• बार फिर संकट में आ जाता था। à¤à¤¸à¥‡ में सिनॉगà¥à¤† पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ के लोगों ने कà¥à¤› अपने जैसे “होहोकम” लोगों को साथ मिलाया और नदी से थोड़ी दूर खड़ी चटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨ के बीच अपना घर बनाना शà¥à¤°à¥‚ किया। उसी चटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨ के बीच बने घर को आज “मोंटेज़ूमा कैसल” कहते हैं।
मोंटेज़ूमा कैसल धरती की सतह से 90 फीट की उचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ पर पांच मंजिला घर है। इसमें बीस छोटे-छोटे कमरे हैं। यहां तक पहà¥à¤‚चने के लिठये लोग सीढ़ी का उपयोग करते थे। इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दो फ़ायदे होते थे। à¤à¤• तो बाढ़ से बच जाते, दूसरा जंगली जानवर या अनà¥à¤¯ कबीलों का ख़तरा à¤à¥€ कम रहता था। बाद के बरसों में ये लोग यह जगह छोड़कर कहीं और चले गà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चले गà¤, इसका कोई ठोस कारण नहीं पता चला।
बाद के बरसों में मोंटेज़ूमा कैसल पर किसी शोध यातà¥à¤°à¥€ की नज़र पड़ी और 1906 में यह अमेरिका के नेशनल मॉनà¥à¤¯à¥‚मेंटà¥à¤¸ में शामिल हो गया। अब यह सैलानियों का पसंदीदा सà¥à¤¥à¤² बन गया है। यहां जाने के लिठआप वेगास से 216 मील यानि चार-साढ़े चार घंटे की डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ करके पहà¥à¤‚च सकते हैं। अगर à¤à¤°à¤¿à¤œà¤¼à¥‹à¤¨à¤¾ में है तो फ़ीनिकà¥à¤¸ से डेढ़ घंटे में यहां पहà¥à¤‚च सकते हैं।
अगर आपको à¤à¤¸à¥€ जगहों में रà¥à¤šà¤¿ नहीं है तो इतनी लंबी डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ करके जाने का कोई मतलब नहीं है। कारण यहां पर बस यह चटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨, दूर से उस पर दिखते घर और सामने वरà¥à¤¡ नदी है। लेकिन अगर आपको पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ जमाने की जगहों और सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं में रà¥à¤šà¤¿ है तो यह कमाल की जगह है।
कैसल में à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ की फ़ीस पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ 10 डॉलर है। पंदà¥à¤°à¤¹ साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की à¤à¤‚टà¥à¤°à¥€ फà¥à¤°à¥€ है। à¤à¤• बात और, कà¥à¤› साल पहले तक आप कैसल के कमरों में गाइड के साथ जा सकते थे, लेकिन फिलहाल सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ कारणों से कमरों के अंदर जाना बंद है।
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