(अबà¥à¤¦à¥à¤² बारी मसूद)
अयोधà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤µà¥à¤¯ राम मंदिर का उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ 22 जनवरी को होने जा रहा है, जिसमें पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी à¤à¥€ शामिल होंगे। धूमधाम और पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•ातà¥à¤®à¤•ता से à¤à¤°à¤ªà¥‚र इस आयोजन का à¤à¤• उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ अपà¥à¤°à¥ˆà¤²-मई 2024 में होने वाले लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ की जमीन तैयार करना à¤à¥€ माना जा रहा है।
जिस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• बाबरी मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ चार शताबà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ तक खड़ी रही थी, वहां पर मंदिर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करने के पकà¥à¤· में जब सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ का फैसला आया था, तब यह माना जा रहा था कि हिंदà¥à¤“ं और मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों का अंत हो जाà¤à¤—ा। हालांकि यह सपना अà¤à¥€ तक अधूरा ही रहा है। आठदिन मसà¥à¤œà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ को लकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने वाली मà¥à¤•दमेबाजी ने सांपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विà¤à¤¾à¤œà¤¨ को और गहरा ही किया है।
अयोधà¥à¤¯à¤¾ में राम मंदिर के à¤à¤µà¥à¤¯ उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ का बहà¥à¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• आबादी हालांकि बेसबà¥à¤°à¥€ से इंतजार कर रही है। हालांकि मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ राजनीतिक और कानूनी रूप से इस मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ से निपटने के तरीके से निराश है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ बलों की मौजूदगी में मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ विधà¥à¤µà¤‚स की यादें, उसके बाद हà¥à¤† खून-खराबा और फिर अदालत का फैसला अतीत के अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ की दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• याद दिलाते हैं।
बाबरी मसà¥à¤œà¤¿à¤¦-राम जनà¥à¤®à¤à¥‚मि आंदोलन का मूल धारà¥à¤®à¤¿à¤• से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ राजनीतिक था जिसने सामाजिक दरारों को और चौड़ा करते हà¥à¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के राजनीतिक परिदृशà¥à¤¯ पर à¤à¤• अमिट छाप छोड़ी। अब राम मंदिर का बहà¥à¤ªà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ समारोह अपने आप में राजनीति की अचूक छाप दिखाता है।
मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के बीच असंतोष की जड़ें सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के उस फैसले में निहित है, जिसे कई लोगों ने शà¥à¤°à¥‚ से ही राजनीतिक रूप से आरोपित माना है। बाबरी मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ गà¥à¤‚बद के नीचे मूरà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ रखने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ और इसके बाद फैजाबाद जिला अदालत दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ को विवादित संपतà¥à¤¤à¤¿ मानने से धà¥à¤°à¥à¤µà¥€à¤•रण और बढ़ गया था।
उसके बाद मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के ताले खà¥à¤²à¥‡, ईंट पूजा अनà¥à¤·à¥à¤ ान शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤, फिर 1992 में मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ को धà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ कर दिया गया। आखिर में 2019 में सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने विवादित सà¥à¤¥à¤² पर राम मंदिर के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के पकà¥à¤· में फैसला सà¥à¤¨à¤¾ दिया।
हिंदू पकà¥à¤·à¤•ारों ने दावा किया था कि 2.77 à¤à¤•ड़ की विवादित à¤à¥‚मि जहां पर कà¤à¥€ मà¥à¤—लकालीन मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ थी, à¤à¤—वान राम का जनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨ है। उनका दावा था कि मंदिर को धà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ करके मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® शासकों ने मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ किया था। इस दावे के समरà¥à¤¥à¤¨ में पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¾à¤¤à¥à¤µà¤¿à¤• निषà¥à¤•रà¥à¤·à¥‹à¤‚ को सबूत के रूप में पेश किया गया था। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ की रथ यातà¥à¤°à¤¾ 1992 में मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के विधà¥à¤µà¤‚स के साथ समापà¥à¤¤ हà¥à¤ˆà¥¤ यह à¤à¤• सबके सामने हà¥à¤† अपयश का à¤à¤• पल था।
दशकों तक यह विवाद चला जिसमें हिंदू और मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® दोनों अपने-अपने दावे करते रहे। आखिरकार नवंबर 2019 में शीरà¥à¤· अदालत के पांच नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶à¥‹à¤‚ ने सरà¥à¤µà¤¸à¤®à¥à¤®à¤¤à¤¿ से रामलला विराजमान (à¤à¤—वान राम) के पकà¥à¤· में फैसला सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ इससे मंदिर निरà¥à¤®à¤¾à¤£ का मारà¥à¤— पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ इसके साथ ही अदालत ने मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® वादियों को मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ बनाने के लिठवैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर पांच à¤à¤•ड़ जमीन आवंटित करने का आदेश दिया।
ऑल इंडिया मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® परà¥à¤¸à¤¨à¤² लॉ बोरà¥à¤¡ (AIMPLB) की अगà¥à¤†à¤ˆ में मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® पकà¥à¤· ने असंतोष वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हà¥à¤ उस समय कहा था कि सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ देने में नाकाम रहा है। इसà¥à¤²à¤¾à¤® में यह सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त दृढ़ता से सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ है कि किसी à¤à¥€ धारà¥à¤®à¤¿à¤• संरचना को धà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ करके या à¤à¥‚मि पर अतिकà¥à¤°à¤®à¤£ करके मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ नहीं किया जाता। यह सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त इतना मजबूत है कि अवैध रूप से हासिल की गई कोई à¤à¥€ वसà¥à¤¤à¥ चाहे वह कितनी à¤à¥€ छोटी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो, की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ नहीं है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ करने से अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ इबादत कबूल नहीं करता।
अदालत ने मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® पकà¥à¤· दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ सबूतों पर विचार तो किया, लेकिन आखिर में उसने अपनी "असाधारण विवेकाधीन शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚" का उपयोग करके हिंदà¥à¤“ं को à¤à¥‚मि पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर दी। अदालत के रà¥à¤– में इस बदलाव को मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® संसà¥à¤¥à¤¾ का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करने वाले जफरयाब जिलानी ने 'दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤•' माना था। कई कानूनी विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ और सेवानिवृतà¥à¤¤ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶à¥‹à¤‚ ने à¤à¥€ फैसले की आलोचना की थी और इसे बहà¥à¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब के रूप में चिहà¥à¤¨à¤¿à¤¤ किया था।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के पूरà¥à¤µ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤®à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ à¤à¤•े गांगà¥à¤²à¥€ ने सवाल उठाया था कि अगर हिंदू पकà¥à¤· वहां à¤à¤—वान राम के जनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर दावा करता तो कà¥à¤¯à¤¾ अदालत मà¥à¤—ल कालीन à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ बाबरी मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ को गिराने का आदेश देती। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जोर देकर कहा था कि मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ का विधà¥à¤µà¤‚स कानून के शासन का घोर उलà¥à¤²à¤‚घन और à¤à¤• बरà¥à¤¬à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारà¥à¤¯ था जो अंततः अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के साथ गलत था।
कानूनी वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤“ं से परे, अयोधà¥à¤¯à¤¾ पर फैसले के जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° पांच नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶à¥‹à¤‚ की संविधान पीठका गठन करने वाले नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶à¥‹à¤‚ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का हवाला देते हà¥à¤ "विवेकपूरà¥à¤£ रिशà¥à¤µà¤¤" के à¤à¥€ आरोप सामने आठथे। नरेंदà¥à¤° मोदी सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अयोधà¥à¤¯à¤¾ पीठकी अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ करने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पूरà¥à¤µ मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ रंजन गोगोई को राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ के लिठनामित करना और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤®à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ अबà¥à¤¦à¥à¤² नजीर की सेवानिवृतà¥à¤¤à¤¿ के तà¥à¤°à¤‚त बाद आंधà¥à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के राजà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤² के रूप में नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ जैसे कदम नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤ªà¤¾à¤²à¤¿à¤•ा की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ पर सवाल उठाते हैं।
अयोधà¥à¤¯à¤¾ फैसले को पूरी तरह से समà¤à¤¨à¥‡ के लिठकेवल कानूनी वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤“ं पर निरà¥à¤à¤° रहने के बजाय राजनीतिक चशà¥à¤®à¥‡ से देखना आवशà¥à¤¯à¤• है। 1980 के दशक में मंदिर आंदोलन से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मंच पर पà¥à¤°à¤®à¥à¤–ता से उदय ने राजनीतिक विमरà¥à¤¶ को नया रूप दिया था। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी के उदय के साथ, à¤à¤—वा पारà¥à¤Ÿà¥€ और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हिंदू दकà¥à¤·à¤¿à¤£à¤ªà¤‚थी संगठनों ने अपनी उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को और मजबूत किया है। यहां तक कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सहित सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤· दलों ने हिंदू मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को मानते हà¥à¤ राम मंदिर निरà¥à¤®à¤¾à¤£ को सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया है। वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में ये पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ का खà¥à¤²à¤•र समरà¥à¤¥à¤¨ करने से दूर रहती हैं और इसके बजाय खà¥à¤¦ को धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤·à¥à¤ हिंदà¥à¤“ं के रूप में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने का लकà¥à¤·à¥à¤¯ रखती हैं।
अयोधà¥à¤¯à¤¾ में राम मंदिर के à¤à¤µà¥à¤¯ उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, यह कà¥à¤› लोगों के लिठविजय का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है और दूसरों के लिठअसंतोष का वजह। कानूनी लड़ाई à¤à¤²à¥‡ ही खतà¥à¤® हो गई हो, लेकिन बाबरी मसà¥à¤œà¤¿à¤¦-राम जनà¥à¤®à¤à¥‚मि आंदोलन से पैदा हà¥à¤ सामाजिक विà¤à¤¾à¤œà¤¨ और सांपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• तनाव अà¤à¥€ à¤à¥€ बने हà¥à¤ हैं, जो देश के राजनीतिक परिदृशà¥à¤¯ पर à¤à¤• लंबी छाया डालते हैं। यह मंदिर à¤à¤•ता का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• बनता है या कलह को कायम रखता है, यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ सवाल है जिसका जवाब केवल समय ही दे सकता है।
लेखक बैंगलोर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सालार डिजिटल चैनल से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हैं और बंगाली दैनिक पà¥à¤¬à¥‡à¤° कलोम और रेडियंस सापà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¿à¤• में योगदान देते हैं। वह तीन दशकों के अनà¥à¤à¤µ वाले दà¥à¤µà¤¿à¤à¤¾à¤·à¥€ पतà¥à¤°à¤•ार हैं।
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