à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पारंपरिक कलाओं को संजोठरखने और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नई ऊà¤à¤šà¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ तक पहà¥à¤‚चाने के कई पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ होते रहे हैं, लेकिन कà¥à¤› कलाकार अपनी अनूठी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और समरà¥à¤ªà¤£ से इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर पहचान दिलाने में सफल होते हैं। à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• कलाकार हैं नà¥à¤ªà¥à¤° निशीथ, जो मिथिला पेंटिंग की समृदà¥à¤§ विरासत को अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मंच पर पहà¥à¤‚चा रही हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राजà¥à¤¯ बिहार में जनà¥à¤®à¥€ और अमेरिका में बस चà¥à¤•ीं निषीथ ने बैंकिंग और मारà¥à¤•ेटिंग के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को छोड़कर खà¥à¤¦ को पूरी तरह से इस कला के संरकà¥à¤·à¤£ और पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤°-पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° में समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ कर दिया।
मिथिला की पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ मधà¥à¤¬à¤¨à¥€ कला, जो सदियों से इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपने घरों और आंगनों की शोà¤à¤¾ बढ़ाने के लिठबनाई जाती रही है, अब अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर अपनी पहचान बना रही है। इस कला की जड़ें रामायण काल तक जाती हैं, जब राजा जनक ने सीता और à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® के विवाह के उपलकà¥à¤·à¥à¤¯ में पूरे मिथिला राजà¥à¤¯ को इस अलंकरण से सजाने का आदेश दिया था। इसी विरासत को संजोते हà¥à¤ और नई ऊंचाइयों तक ले जाते हà¥à¤, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की अमेरिकी कलाकार नà¥à¤ªà¥à¤° निशीथ इस पारंपरिक कला को वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर पहचान दिला रही हैं।
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नà¥à¤ªà¥à¤° निशीथ: मधà¥à¤¬à¤¨à¥€ कला की अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पहचान
बिहार में जनà¥à¤®à¥€ और पली-बढ़ी नà¥à¤ªà¥à¤° निशीथ विवाह के बाद अमेरिका बस गईं। पहले à¤à¤• बैंकर के रूप में काम करने वाली निषीथ ने 2015 में अपने वरà¥à¤• परमिट पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के बाद कला को अपना पूरा समय देने का निरà¥à¤£à¤¯ लिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने न केवल मधà¥à¤¬à¤¨à¥€ कला को आगे बढ़ाने का संकलà¥à¤ª लिया, बलà¥à¤•ि इसे à¤à¤• आधà¥à¤¨à¤¿à¤• पहचान देते हà¥à¤ वैशà¥à¤µà¤¿à¤• कला जगत में अपनी खास जगह बनाई। आज उनकी कलाकृतियाठजटिल डिजाइनों, गहरे पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•ों और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता के लिठपहचानी जाती हैं।
नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• से मिली पहली सफलता
41 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ निषीथ को उनकी पहली बड़ी पहचान नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में मिली, जब वे à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ृत कलाकार बनीं। इस पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ को मà¥à¤¯à¥‚ज़ियम ऑफ मॉडरà¥à¤¨ आरà¥à¤Ÿ के निरà¥à¤£à¤¾à¤¯à¤•ों ने जज किया था। इसके बाद उनकी कलाकृतियाठकई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ की गईं, जिनमें नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• शहर में पियानो पेंटिंग, सेंटà¥à¤°à¤² पारà¥à¤• में पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€, सीबीà¤à¤¸ संडे मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग नà¥à¤¯à¥‚ज़ और सैन फà¥à¤°à¤¾à¤‚सिसà¥à¤•ो के à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ आरà¥à¤Ÿ मà¥à¤¯à¥‚जियम शामिल हैं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अमेरिकी फिलà¥à¤® निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ à¤à¤¬à¤¿à¤—ेल डिज़à¥à¤¨à¥€ के नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ अपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के लिठà¤à¤• à¤à¤¿à¤¤à¥à¤¤à¤¿ चितà¥à¤° à¤à¥€ तैयार किया। उनकी दो पेंटिंगà¥à¤¸ सेंटर फॉर कंटेमà¥à¤ªà¤°à¥‡à¤°à¥€ आरà¥à¤Ÿ में अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ का हिसà¥à¤¸à¤¾ बनीं। इसके अलावा, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° में à¤à¥€ मिथिला कला का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ किया। उनकी à¤à¤• बड़ी उपलबà¥à¤§à¤¿ तब सामने आई जब पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ने अमेरिका दौरे के दौरान उनकी कलाकृति पर हसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° किà¤, जिससे उनकी कला को सोशल मीडिया पर à¤à¤¾à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§à¤¿ मिली।
दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ कलाकारों के लिठनया मंच
2016 में, निषीथ और कà¥à¤› à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी कलाकारों ने मिलकर ‘साउथ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ ऑफ अमेरिका’ नामक à¤à¤• अनौपचारिक समूह बनाया। समय के साथ, इसमें à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯, शà¥à¤°à¥€à¤²à¤‚काई और नेपाली कलाकारों की à¤à¤¾à¤—ीदारी बढ़ती गई। 2024 में इस समूह को औपचारिक रूप से à¤à¤• पहचान मिली और इसे आधिकारिक नाम और सोशल मीडिया उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के साथ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया गया।
हाल ही में, वॉचà¥à¤‚ग आरà¥à¤Ÿ सेंटर में इस समूह दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 'कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤‚ग कॉनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚स: बà¥à¤°à¤¿à¤œà¤¿à¤‚ग कलà¥à¤šà¤°à¥à¤¸' थीम पर आधारित पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ आयोजित की गई। इस पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ का मà¥à¤–à¥à¤¯ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ कलाकारों को अपनी जड़ों और विरासत से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ का अवसर देना था। पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ को शानदार पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मिली, और दरà¥à¤¶à¤•ों ने इसे बहà¥à¤¤ सराहा।
कला की विरासत और नई पीढ़ी का मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨
नà¥à¤ªà¥à¤° निशीथ ने मधà¥à¤¬à¤¨à¥€ कला की शिकà¥à¤·à¤¾ अपनी माठसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पारंपरिक तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ और विवाह समारोहों के दौरान इसे बनाया और इस कला की à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• गहराइयों को समà¤à¤¨à¥‡ के लिठपीà¤à¤šà¤¡à¥€ की। हालाà¤à¤•ि, वैशà¥à¤µà¤¿à¤• कला जगत में अपनी पहचान बनाना उनके लिठआसान नहीं था। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दौर में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कई असà¥à¤µà¥€à¤•ारों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी मेहनत से सफलता पाई। अब वे उà¤à¤°à¤¤à¥‡ कलाकारों को सही मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ देने के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§ हैं। उनके समूह में अनà¥à¤à¤µà¥€ और नवोदित दोनों तरह के कलाकार शामिल हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वे कला पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और पà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¶à¤¨ के गà¥à¤° सिखाती हैं।
बिहार दिवस पर मिथिला कला का विशेष पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨
नà¥à¤ªà¥à¤° निशीथ ने हाल ही में बिहार दिवस के अवसर पर à¤à¤• विशेष मिथिला कला पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ का आयोजन किया। यह कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® बिहार फाउंडेशन (ईसà¥à¤Ÿ कोसà¥à¤Ÿ चैपà¥à¤Ÿà¤°) और बिहार à¤à¤¾à¤°à¤–ंड à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ ऑफ नॉरà¥à¤¥ अमेरिका (BJANA) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वाणिजà¥à¤¯ दूतावास में आयोजित किया गया। इस पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ में à¤à¤¾à¤— लेने वाले सà¤à¥€ कलाकार à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी मूल के थे और अधिकांश ने पहली बार मिथिला कला में à¤à¤¾à¤—ीदारी की थी। इस आयोजन को à¤à¤¾à¤°à¥€ सफलता मिली और इसे कला पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से शानदार पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मिली।
अब निषीथ à¤à¤• और बड़ी पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥€ की योजना बना रही हैं, जिसमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ देशों के कलाकारों की à¤à¤¾à¤—ीदारी होगी। उनका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ इस पारंपरिक à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कला को वैशà¥à¤µà¤¿à¤• मंच पर और अधिक वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करना है।
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