आगामी डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª सरकार में अमेरिका और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के संबंधों का à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ कैसा होगा, ये इन दिनों चरà¥à¤šà¤¾ का विषय बना हà¥à¤† है। कई चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बावजूद उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि दोनों देश रकà¥à¤·à¤¾, वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° और कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पर सहयोग बढ़ाà¤à¤‚गे और à¤à¤•दूसरे की मदद से वैशà¥à¤µà¤¿à¤• चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से निपटेंगे।
ओआरà¤à¤« अमेरिका के à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤•à¥à¤¯à¥‚टिव डायरेकà¥à¤Ÿà¤° धà¥à¤°à¥à¤µ जयशंकर ने नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ से विशेष बातचीत में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के कारà¥à¤¯à¤•ाल में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को लेकर अपने विचार साà¤à¤¾ किà¤à¥¤ उनका मानना है कि टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª की विदेश नीति में à¤à¤¾à¤°à¤¤ को अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत अनà¥à¤•ूल सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ मिलेगा।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª लगातार मà¥à¤•à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° समà¤à¥Œà¤¤à¥‹à¤‚, गैरदसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥€ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और विदेशी सैनà¥à¤¯ हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ªà¥‹à¤‚ को लेकर अपने संदेह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते रहे हैं। मेरा मानना है कि टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत अचà¥à¤›à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में है।
जयशंकर ने आगे कहा कि टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª नाटो और जापान जैसे अमेरिका के सहयोगियों को और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सहयोग करने के पकà¥à¤·à¤§à¤° रहे हैं। वह विदेशी सहायता का à¤à¥€ विरोध करते हैं। इसका मतलब ये है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ के इन मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ से सीधे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ नहीं है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ की तरह नहीं देखते हैं।
जयशंकर ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ शांति को बढ़ावा देकर, वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° को सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• बनाकर और वैशà¥à¤µà¤¿à¤• संसाधनों के बेहतर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से वैशà¥à¤µà¤¿à¤• संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में अपनी à¤à¥‚मिका मजबूत कर सकता है। उसे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बावजूद अपने पड़ोसी नेपाल, à¤à¥‚टान, बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶, शà¥à¤°à¥€à¤²à¤‚का और मालदीव से संबंध सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ की जरूरत है। हिंद-पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में शकà¥à¤¤à¤¿ संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखना à¤à¥€ अहम है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा à¤à¤¾à¤°à¤¤ की विदेश नीति पिछले कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में काफी विकसित हà¥à¤ˆ है। उसने पà¥à¤°à¤®à¥à¤– देशों से अपने संबंधों को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ किया है। शीत यà¥à¤¦à¥à¤§ के दौरान वह सोवियत संघ के निकट था, वहीं बाद के दौर में उसने अमेरिका से संबंध मजबूत बनाठहैं। अमेरिका और चीन के पà¥à¤°à¤à¥à¤¤à¥à¤µ के बीच अपनी जगह बनाई है।
जयशंकर कहते हैं कि टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª चीन को अमेरिका के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दी की तरह देखते हैं। उनके कारà¥à¤¯à¤•ाल में दोनों देशों के बीच सैनà¥à¤¯ और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• तनाव बढ़ने की आशंका है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दोनों ही अपना वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ में अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ मजबूत करने के लिठतैयार है। उसके पास राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ हितों को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करने और वैशà¥à¤µà¤¿à¤• मंच पर आगे बढ़ने के रणनीतिक संसाधन à¤à¥€ हैं।
टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के शपथ गà¥à¤°à¤¹à¤£ का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ जयशंकर ने कहा कि यह अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ है। टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª बहà¥à¤ªà¤•à¥à¤·à¤µà¤¾à¤¦ को संदेह की नजर से देखते रहे हैं, लेकिन अपने शपथ समारोह के लिठविदेशी नेताओं को निमंतà¥à¤°à¤£ में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अधिक खà¥à¤²à¤¾ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ है। टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने अधिक सामंजसà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦à¥€ और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण अपनाया है।
जयशंकर ने दिसंबर में आई अपनी किताब विशà¥à¤µ शासà¥à¤¤à¥à¤°: इंडिया à¤à¤‚ड द वरà¥à¤²à¥à¤¡ पर à¤à¥€ चरà¥à¤šà¤¾ की। यह पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मामलों में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• संदरà¥à¤à¥‹à¤‚ और दूरंदेशी रणनीति की à¤à¤²à¤• पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है। इसमें à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल से लेकर मौजूदा वैशà¥à¤µà¤¿à¤• संबंधों को कवर किया गया है। यह रूस, यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨, गाजा, चीन और पड़ोसी देशों से संबंधों समेत पà¥à¤°à¤®à¥à¤– वैशà¥à¤µà¤¿à¤• मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को सीधे और आसान तरीके से समà¤à¤¾à¤¤à¥€ है।
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