विशà¥à¤µ बैंक के वरिषà¥à¤ औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¥€ धनंजय कà¥à¤®à¤¾à¤° ने दशकों तक नीतियों को नया रूप देने और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के उदà¥à¤¯à¥‹à¤—ों में गूंजने वाले आरà¥à¤¥à¤¿à¤• मॉडल बनाने में बिताठसमय के बाद, दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कैसे चलती है, दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ समाज कैसे सोचते और कारà¥à¤¯ करते हैं, संसà¥à¤•ृति की à¤à¥‚मिका और यह सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं को कैसे आकार देती है, इस बारे में गहरी समठहासिल की। ​​अपने काम के दौरान उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का दौरा किया और विविध संसà¥à¤•ृतियों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡à¥¤ समय के साथ इस बौदà¥à¤§à¤¿à¤• जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ कà¥à¤› अधिक गहन और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ चीज की ओर मोड़ने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया। à¤à¤• आंतरिक आवाज के साथ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने समगà¥à¤° शिकà¥à¤·à¤¾ और सांसà¥à¤•ृतिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ में उतरने का फैसला किया। सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से यह यातà¥à¤°à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी जड़ों यानी à¤à¤¾à¤°à¤¤ वापस ले गई जहां उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने समाज को उसके मूल में नया रूप देने के साधन के रूप में शैकà¥à¤·à¤¿à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨ की à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ आवशà¥à¤¯à¤•ता की पहचान की।
कà¥à¤®à¤¾à¤° खà¥à¤¦ को बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¥€ मानते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साल में कई बार अपने देश का दौरा करने का मौका मिलता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ सà¥à¤•ूलों की अपनी यातà¥à¤°à¤¾à¤“ं के दौरान देखा कि उनमें से अधिकांश में बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ कमी है और छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के बीच तनाव का सà¥à¤¤à¤° बहà¥à¤¤ अधिक है। इसके जवाब में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जिला अधिकारियों और नीति निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं से संपरà¥à¤• करना शà¥à¤°à¥‚ किया और अपने दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण को मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से तीन पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ पर आधारित किया। 1- उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उन देशों के मॉडल और परिणामों का बारीकी से अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को सफलतापूरà¥à¤µà¤• बदल दिया था। 2- उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने महान विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚, वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों और विचारकों (à¤à¤¾à¤°à¤¤ और विदेश से) से अंतरà¥à¤¦à¥ƒà¤·à¥à¤Ÿà¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की और 3- उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ की बौदà¥à¤§à¤¿à¤• और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• परंपराओं में गहराई से खोज की।
वे कहते हैं कि पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लोगों के साथ मेरी बातचीत के दौरान मैं à¤à¤• सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾ मॉडल पर जोर देता रहा जिसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को बढ़ाना और आलोचनातà¥à¤®à¤• सोच को बढ़ावा देना है। कà¥à¤®à¤¾à¤° सà¥à¤µà¥€à¤•ार करते हैं कि शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ अपरिहारà¥à¤¯ था और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इसकी उमà¥à¤®à¥€à¤¦ की थी लेकिन वे इन विचारों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ बढ़ते खà¥à¤²à¥‡à¤ªà¤¨ को देखकर पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ थे।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में डिजिटलीकरण की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ और शिकà¥à¤·à¤¾ में डिजिटल पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¥‰à¤°à¥à¤® के वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• उपयोग को जलà¥à¤¦à¥€ से पहचानते हà¥à¤ कà¥à¤®à¤¾à¤° ने YouTube की ओर रà¥à¤– किया और 5 से 10 वरà¥à¤· की आयॠके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से डिजाइन किठगठ1,000 से अधिक शैकà¥à¤·à¤¿à¤• वीडियो वाले तीन चैनल बनाà¤à¥¤ उनका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रटने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में मानसिक विकास पर रहा। यà¥à¤µà¤¾ शिकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को आलोचनातà¥à¤®à¤• रूप से सोचने, सूचित निरà¥à¤£à¤¯ लेने और सामाजिक पà¥à¤°à¤—ति के लिठदीरà¥à¤˜à¤•ालिक दृषà¥à¤Ÿà¤¿ विकसित करने के लिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ किया।
कोई 25-26 साल पहले विशà¥à¤µ बैंक से सेवानिवृतà¥à¤¤ होने के बाद यह मिशन और à¤à¥€ गहरा हो गया। कà¥à¤®à¤¾à¤° ने निसà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ à¤à¤¾à¤µ से खà¥à¤¦ को शिकà¥à¤·à¤¾ के लिठसमरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ कर दिया। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ चीज है जिस पर वह वासà¥à¤¤à¤µ में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करते हैं और वह सà¥à¤µà¥€à¤•ार करते हैं कि à¤à¤²à¥‡ ही वह असफल हो जाà¤à¤‚ लेकिन पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ ही उसका अपना पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार है। जब उनसे पूछा गया कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कहां से मिलती है तो कà¥à¤®à¤¾à¤° ने साफ तौर पर कहा कि आज दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को देखें। इतनी नफरत, यà¥à¤¦à¥à¤§, संघरà¥à¤·, विनाश है। यह सब कहां से आता है? आलोचनातà¥à¤®à¤• सोच की कमी से। और यही कारण है कि परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤•ारी शिकà¥à¤·à¤¾, जो निरà¥à¤£à¤¯ लेने के कौशल को बढ़ावा देती है और गहन सोच को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करती है, आवशà¥à¤¯à¤• है।
विशेष रूप से à¤à¤¾à¤°à¤¤ में शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को रेखांकित करने वाले मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ और सीमाओं पर और जोर देते हà¥à¤ कà¥à¤®à¤¾à¤° तीन महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कमियों को उजागर करते हैं। वह जोर देते हैं कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में अधिकांश शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, कà¥à¤› पà¥à¤°à¤—तिशील लोगों को छोड़कर, पूरी तरह से बाहरी जà¥à¤žà¤¾à¤¨, यानी तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚, आंकड़ों और मापने योगà¥à¤¯ कौशल पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती हैं। जो चीज गायब है वह है आंतरिक अनà¥à¤µà¥‡à¤·à¤£, आतà¥à¤®-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब, अंतरà¥à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨, जागरूकता और किसी के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ की गहरी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¥¤
दूसरे, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में विशेष रूप से अधिकांश शिकà¥à¤·à¤¾ रोजगार-संचालित है। कà¥à¤®à¤¾à¤° पाते हैं कि सारà¥à¤¥à¤• असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की अवधारणा को दà¥à¤–द रूप से कम आंका गया है। तीसरे, शिकà¥à¤·à¤¾ नीतियां और पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® अकà¥à¤¸à¤° मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पà¥à¤°à¥à¤· विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संकीरà¥à¤£ तथा विषय-आधारित दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण के साथ तैयार किठजाते हैं। इसलिठइसके सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ पहलू गायब हैं। कà¥à¤®à¤¾à¤° जोर देते हैं कि हमें यह समà¤à¤¨à¤¾ चाहिठकि à¤à¤• महिला मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सहानà¥à¤à¥‚ति, दयालà¥à¤¤à¤¾, सकारातà¥à¤®à¤•ता, समरà¥à¤¥à¤¨ और सहयोग का समावेश करता है। लेकिन ये गà¥à¤£ हमारे मौजूदा सिसà¥à¤Ÿà¤® से काफी हद तक अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ हैं। अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और उनके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ बनाने के लिà¤, हमें अपनी शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में पà¥à¤°à¥à¤· और सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ ऊरà¥à¤œà¤¾ को à¤à¤•ीकृत करना सीखना चाहिà¤à¥¤
अपनी यातà¥à¤°à¤¾ के बारे में बात करते हà¥à¤ कà¥à¤®à¤¾à¤° कहते हैं कि à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि मैं अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को संगीत, नृतà¥à¤¯, संसà¥à¤•ृति और हिंदी सिखाना चाहता था। à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾ जिसे मैं शबà¥à¤¦à¤¾à¤µà¤²à¥€, अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿, धà¥à¤µà¤¨à¤¿ और कंपन के मामले में बेहद उपयोगी और गतिशील मानता हूं। मेरे à¤à¤• दोसà¥à¤¤ जो à¤à¤• संगीतकार और थिà¤à¤Ÿà¤° कलाकार हैं और हिंदी के विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ à¤à¥€ हैं उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हमारे बेसमेंट में पढ़ाने की पेशकश की। इसके बाद दो और छातà¥à¤° शामिल हो गà¤à¥¤ बात फैल गई और वे दो से छह हो गà¤à¥¤ और इसी तरह... हमें अहसास हà¥à¤† कि उन सà¤à¥€ को घर पर रखना चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ है, इसलिठहमने à¤à¤• हॉल किराठपर लिया। फिर समय के साथ यह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¤• सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• परियोजना में बदल गया और आखिरकार, 2008 में हमने गैर-लाà¤à¤•ारी संसà¥à¤¥à¤¾ के नाम पर à¤à¤• इमारत खरीदी।
कोविड-19 से पहले संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ ने हिंदी (मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से) से लेकर संसà¥à¤•ृत, मराठी, तमिल और अनà¥à¤¯ कई तरह की ककà¥à¤·à¤¾à¤à¤‚ संचालित कीं। शिकà¥à¤·à¤•ों ने कथक, कà¥à¤šà¤¿à¤ªà¥à¤¡à¤¼à¥€, à¤à¤°à¤¤à¤¨à¤¾à¤Ÿà¥à¤¯à¤®, ओडिसी और हिंदà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ तथा करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• संगीत जैसे शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ नृतà¥à¤¯ à¤à¥€ सिखाà¤à¥¤ तबला, वायलिन और हारमोनियम जैसे संगीत वादà¥à¤¯à¤¯à¤‚तà¥à¤° सीखने की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ थीं।
कà¥à¤®à¤¾à¤° बताते हैं कि इस केंदà¥à¤° का मà¥à¤–à¥à¤¯ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति के संपरà¥à¤• को संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ और विसà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करना है। बचà¥à¤šà¥‡ ककà¥à¤·à¤¾à¤“ं में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठ15 से 17 मील की यातà¥à¤°à¤¾ करते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कोई अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ उपलबà¥à¤§ नहीं है। वह अपने छातà¥à¤° आधार की बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा करते हैं, जो काफी विविध है और पूरे à¤à¤¾à¤°à¤¤ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करता है। उनके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कला, साहितà¥à¤¯ और संसà¥à¤•ृति के लिठà¤à¤• समावेशी सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ बनाना और नठलोगों को कà¥à¤› निःशà¥à¤²à¥à¤• परीकà¥à¤·à¤£ ककà¥à¤·à¤¾à¤“ं में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करना ही हमारा उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ है। उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय है कि कà¥à¤®à¤¾à¤° खà¥à¤¦ à¤à¤• अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर पà¥à¤°à¤¶à¤‚सित योग शिकà¥à¤·à¤• हैं।
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