15 नवंबर को सिखों के गà¥à¤°à¥ नानकदेव जी की जयंती है। गà¥à¤°à¥ नानक जयंती को पà¥à¤°à¤•ाश परà¥à¤µ के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। सिख धरà¥à¤® के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• गà¥à¤°à¥ नानक देव जी करोड़ों लोगों के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं। पà¥à¤°à¤•ाश उतà¥à¤¸à¤µ समारोह में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठहर साल सैकड़ों सिखों और सिंधियों के अलावा अनà¥à¤¯ लोग गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨ (जनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨) में जà¥à¤Ÿà¤¤à¥‡ हैं। गà¥à¤°à¥ नानक à¤à¤• अगà¥à¤°à¤£à¥€, समाज सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤•, वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और सबसे बढ़कर, à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§ पारिवारिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उन मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ के बारे में जागरूकता पैदा की जिन पर समकालीन दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ अब बात कर रही है। वो à¤à¤¸à¥‡ सिख गà¥à¤°à¥ रहे, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मानवता को à¤à¤•ता की शिकà¥à¤·à¤¾ दी।
गà¥à¤°à¥ नानक देव की जयंती के मौके पर मà¥à¤à¥‡ à¤à¤• सिख बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— की à¤à¤• यà¥à¤µà¤• के साथ मà¥à¤²à¤¾à¤•ात याद आ रही है। बात 1986 की है। टोरंटो से दिलà¥à¤²à¥€ की यातà¥à¤°à¤¾ कर रहे à¤à¤• बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— सिख यूरोप के à¤à¤• अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ पर थे। वो à¤à¤¾à¤°à¤¤ जाने वाला यातà¥à¤°à¥€ अखबार पढ़ने में मगà¥à¤¨ थे, à¤à¤• लड़का कहीं से आया और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करीब से देखने लगा। शà¥à¤°à¥‚ में वह अपनी जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤•ट करने में अनिचà¥à¤›à¥à¤• थे, लेकिन फिर उसने पूछा, ''जब आप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करते हैं तो कà¥à¤¯à¤¾ आपकी मूंछें नहीं जलतीं?'' बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— सिख ने कहा, “नहीं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करता। इसके अलावा, मेरा धरà¥à¤® धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगाता है।'' उसने जवाब दिया, ''आप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ कैसे नहीं करते? हर कोई धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करता है। आपका धरà¥à¤® कà¥à¤¯à¤¾ है? कà¥à¤¯à¤¾ आप मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨ हैं?"
जवाब में बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— ने कहा- "मैं à¤à¤• सिख हूं और हम धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करते।" संकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ उतà¥à¤¤à¤° ने उस लड़के को चकित कर दिया, लेकिन वो अà¤à¥€ à¤à¥€ हैरान था कि कोई à¤à¥€ धरà¥à¤® धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगा सकता है। वह उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ हो गया और सिख धरà¥à¤®, उसकी उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ और सिख कौन हैं, इसके बारे में पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ पूछने लगा। लड़का अपने उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ पर काबू नहीं रख पा रहा था और ज़ोर-ज़ोर से अपनी मां को "सिख" के बारे में बताने लगा कि वो धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करते।
उस लड़के की तरह, शायद बहà¥à¤¤ से लोग नहीं जानते कि शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥ नानक देव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ सिख धरà¥à¤® कà¥à¤¯à¤¾ है? सामानà¥à¤¯ बोलचाल में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ "नानक पंथी" के रूप में जाना जाता है - जो पहले सिख गà¥à¤°à¥ की शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ और अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ हैं। शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥ नानक देव जी का पà¥à¤°à¤•ाश उतà¥à¤¸à¤µ या जयंती, दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में केवल सिखों के लिठनहीं बलà¥à¤•ि मानवता के तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° के रूप में मनाया जाता है।
वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ थे, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने न केवल सारà¥à¤µà¤à¥Œà¤®à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤ˆà¤šà¤¾à¤°à¥‡, लैंगिक समानता की वकालत की, बलà¥à¤•ि à¤à¤• ईशà¥à¤µà¤°, सरà¥à¤µà¤¶à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨, या वाहेगà¥à¤°à¥, या अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की à¤à¥€ वकालत की। गà¥à¤°à¥ नानक ने सिखाया कि हम उन मतà¤à¥‡à¤¦à¥‹à¤‚ की खोज करके मानवता के साथ अपनी à¤à¤•ता की खोज करते हैं जो हमें अलग करती हैं। गà¥à¤°à¥ नानक के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, धरà¥à¤® विरोधाà¤à¤¾à¤¸à¥€ हैं। वे हमें यह खोजने और विकसित करने में मदद करते हैं कि à¤à¤•-दूसरे और हमें बनाठरखने वाली दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बारे में सबसे अचà¥à¤›à¤¾ और सबसे अधिक आशाजनक कà¥à¤¯à¤¾ है।
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