à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤¨à¤œà¥€à¤“ गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² विकास टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ (जीवीटी) के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• व सामाजिक कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ मयंक गांधी का कहना है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ को 1700 ईसà¥à¤µà¥€ तक सोने की चिड़िया कहा जाता था, लेकिन अब यह टाइटल अपà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिक हो गया है। हालांकि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ये à¤à¥€ कहा कि अगर लकà¥à¤·à¤¿à¤¤ और समà¥à¤šà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किठजाà¤à¤‚ तो à¤à¤¾à¤°à¤¤ फिर से सोने की चिड़िया बन सकता है।
इंडियन अमेरिकन इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमरà¥à¤¸ (IAICC) के वरà¥à¤œà¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आयोजित à¤à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में मयंक गांधी ने कहा कि 1700 ईसà¥à¤µà¥€ तक हम (à¤à¤¾à¤°à¤¤) सोने की चिड़िया थे... वैशà¥à¤µà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में हमारा योगदान 33 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ था, 30 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ वैशà¥à¤µà¤¿à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° हमारे यहां होता था। लेकिन अब हम 3.27 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ पर हैं। हम अपà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिक हो चà¥à¤•े हैं। अगर कल à¤à¤¾à¤°à¤¤ डूब जाता है तो कà¥à¤› लोग कंधे उचकाकर कहेंगे कि ओह à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• महान देश था। हम इस तरह के अपà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिक बन चà¥à¤•े हैं।
'इंटà¥à¤°à¥‹à¤¡à¥à¤¯à¥‚सिंग गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² डेवलपमेंट टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ (जीवीटी)' विषयक IAICC के कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में मयंक गांधी के अलावा मूरà¥à¤¤à¤¿ लॉ फरà¥à¤® की संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी शीला मूरà¥à¤¤à¤¿ और à¤à¤²à¤à¤¨à¤œà¥€ à¤à¥€à¤²à¤µà¤¾à¤¡à¤¼à¤¾ समूह के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और पà¥à¤°à¤¬à¤‚ध निदेशक रवि à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¤µà¤¾à¤²à¤¾ ने à¤à¥€ अपने विचार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किà¤à¥¤
आईà¤à¤†à¤ˆà¤¸à¥€à¤¸à¥€ ने गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² विकास टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ के बारे में बताते हà¥à¤ कहा कि मयंक गांधी के नेतृतà¥à¤µ में जीवीटी ने महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° में उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय पà¥à¤°à¤—ति हासिल की है। पिछले पांच वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में जीवीटी ने किसानों की आय में उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय वृदà¥à¤§à¤¿ की है और इस तरह हर साल होने वाले किसानों की 1,100 आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤“ं को शूनà¥à¤¯ तक पहà¥à¤‚चाया है।
मयंक गांधी ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ तेजी से आगे बढ़ रही है। यह पà¥à¤°à¤—ति मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से ऊपर से नीचे की तरफ होती है। लेकिन आपको नीचे रहने वाले लोगों को à¤à¥€ ऊपर उठाने की ज़रूरत है। यदि आप देश के सबसे खराब इलाकों में काम करें और वहां के लोगों की आय में 10 गà¥à¤¨à¤¾ वृदà¥à¤§à¤¿ कर दें तो इस तरह अगले कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ फिर से सोने की चिड़िया बन सकता हैं।
गांवों में आय बढ़ाने में जीवीटी के योगदान का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ मयंक गांधी ने बताया कि उनका संगठन 4,200 गांवों में काम कर रहा है, 5 करोड़ पेड़ लगा रहा है, चार अरब लीटर से अधिक पानी का संचयन कर रहा है। हम किसानों की आय औसतन लगà¤à¤— 25,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ से बढ़ाकर सालाना à¤à¤• लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤•ड़ तक करने पर काम कर रहे हैं।
'सलाहकार से लाइफसेवर तक'
मूरà¥à¤¤à¤¿ लॉ फरà¥à¤® की संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी शीला मूरà¥à¤¤à¤¿ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मयंक गांधी के महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान और à¤à¤• सलाहकार से जीवनरकà¥à¤·à¤• बनने तक की उनकी उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय यातà¥à¤°à¤¾ के बारे में बताया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि 10 वरà¥à¤· पहले तक à¤à¤¾à¤°à¤¤ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° विशेष में लगà¤à¤— 1,100 किसान घोर गरीबी के कारण हर साल आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ करते थे।
इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ अटॉरà¥à¤¨à¥€ और परोपकारी शीला ने आगे बताया कि मयंक गांधी ने उनकी à¤à¤²à¤¾à¤ˆ के लिठखà¥à¤¦ को पूरी तरह समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ कर दिया, उनकी समसà¥à¤¯à¤¾ का बड़े पैमाने पर अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चेक डैम बनवाया। नदी से 45 मील दूर तक सिंचाई पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में सà¥à¤§à¤¾à¤° कराया, ताकि किसानों का जीवन बदल सके। शीला ने कहा कि गांधी के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ से किसानों की आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ की संखà¥à¤¯à¤¾ सालाना 1,100 से घटकर शूनà¥à¤¯ हो गई है।
किसान की जिंदगी 250 डॉलर की होती है: रवि à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¤µà¤¾à¤²à¤¾
à¤à¤²à¤à¤¨à¤œà¥€ à¤à¥€à¤²à¤µà¤¾à¤¡à¤¼à¤¾ समूह के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¬à¤‚ध निदेशक रवि à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¤µà¤¾à¤²à¤¾ ने à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में फिर से 'सोने की चिड़िया' वाला यà¥à¤— लाने के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कृषि सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ पर जोर दिया। à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¤µà¤¾à¤²à¤¾ ने बताया कि वह जीवीटी का सपोरà¥à¤Ÿ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करते हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• साल अशोका यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के इवेंट में मेलिंडा और बिल गेटà¥à¤¸ फाउंडेशन के सीईओ से अपनी मà¥à¤²à¤¾à¤•ात के बारे में à¤à¥€ बताया।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¤• किसान की जिंदगी का मूलà¥à¤¯ लगà¤à¤— 250 डॉलर है। उस 250 डॉलर के लिठवह आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कर सकता है। à¤à¤¸à¤¾ होने पर उसका पूरा परिवार तबाह हो सकता है। जीवीटी पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ के साथ वे जिस पैमाने पर काम कर रहे हैं, किसान के जीवन में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बदलाव लाने के लिठकेवल 250 डॉलर की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
'किसानों की जिंदगी संवार रहा जीवीटी'
डीसी साउथ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ काउंसिल के निदेशक मनोज सिंह ने à¤à¥€ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में अपनी बात रखी। परिषद पूरे वरà¥à¤· दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ साहितà¥à¤¯, नृतà¥à¤¯, संगीत और फिलà¥à¤®à¥‡à¤‚ आदि से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® कराती रहती है। हर सितंबर में à¤à¤• फिलà¥à¤® समारोह à¤à¥€ होता है।
मनोज सिंह ने à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त किसà¥à¤¸à¤¾ साà¤à¤¾ करते हà¥à¤ बताया कि वह à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पापरिया इलाके में à¤à¤• खेत के मालिक हैं और वह निजी तौर पर जानते हैं कि किसानों के सामने किस तरह की चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आती हैं और गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² विकास टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ किस तरह उनका समाधान करने में जà¥à¤Ÿà¤¾ है।
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