वाशिंगटन के टैकोमा सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¤‚ड कसà¥à¤Ÿà¤®à¥à¤¸ à¤à¤¨à¤«à¥‹à¤°à¥à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट (आइसीई) डिटेंशन सेंटर में कैद à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिक रणधीर सिंह ने दो साल तक à¤à¥‚ख हड़ताल की। यह अनशन डिटेंशन सेंटर में कैदियों की दयनीय सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के खिलाफ विरोध सà¥à¤µà¤°à¥‚प किया गया था।
ला रेसिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚सिया गà¥à¤°à¥à¤ª से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ और लैटिनो à¤à¤¡à¤µà¥‹à¤•ेसी की सीईओ मारू मोरा विलालà¥à¤ªà¤¾à¤‚डो ने à¤à¤¥à¤¨à¤¿à¤• मीडिया सरà¥à¤µà¤¿à¤¸à¥‡à¤œ की बà¥à¤°à¥€à¤«à¤¿à¤‚ग में डिटेंशन सेंटर की बदहाली को लेकर कई जानकारी शेयर कीं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि टैकोमा सेंटर में कैद नागरिकों में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हैं।
आइसीई के आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पिछले 30 दिनों में 2 लाख से अधिक अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° किया जा चà¥à¤•ा है। इनमें से कम से कम 8,000 को देश से बाहर à¤à¥‡à¤œ दिया गया है।
इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ डिटेंशन सेंटर को संचालित करने की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ जीईओ (GEO) नामक पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¿à¤œà¤¨ कंपनी को दी गई है। आरोप है कि सेंटर में कैदियों को अमानवीय हालात में रखा जाता है। चारà¥à¤²à¥à¤¸ डी ओ'डेनियल नामक à¤à¤• कैदी की चार साल तक आइसोलेशन में रहने के बाद मौत हो गई। जोस सांचेज़ कासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹ की मौत मेडिकल आइसोलेशन में हà¥à¤ˆà¥¤
ला रेसिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚सिया टैकोमा का जमीन से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ संगठन है। यह पिछले 11 साल से डिटेंशन में रहने वाले रहे अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अधिकारों के लिठलड़ रहा है। इसकी सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ मारà¥à¤š 2014 में à¤à¤• बड़ी à¤à¥‚ख हड़ताल के बाद हà¥à¤ˆ थी। नॉरà¥à¤¥ वेसà¥à¤Ÿ आइसीई पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग सेंटर में अमानवीय परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विरोध में 1,200 से अधिक लोगों ने ये हड़ताल की थी।
मोरा विलालà¥à¤ªà¤¾à¤‚डो ने कहा कि डिटेंशन में रहने वाले लोगों के à¤à¥€ बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ अधिकार होते हैं। टैकोमा फैसिलिटी में कैदी खराब खाना, गंदे कपड़े और अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मेडिकल देखà¤à¤¾à¤² की शिकायत करते रहते हैं। गंदगी और मेडिकल आइसोलेशन ने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को और बिगाड़ दिया है। फैसिलिटी को साफ रखने के लिठकैदियों को नà¥à¤¯à¥‚नतम मजदूरी तक नहीं दी जाती है।
मोरा विलालà¥à¤ªà¤¾à¤‚डो ने कहा कि जीईओ लाठकमाने के लिठकैदियों को उचित मजदूरी तक नहीं देता। सेंटर में संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• बीमारियों में वृदà¥à¤§à¤¿ हो रही है। पिछले महीने वैरिसेला (चिकनपॉकà¥à¤¸) का पà¥à¤°à¤•ोप हà¥à¤† था। अà¤à¥€ à¤à¤• और कोविड पà¥à¤°à¤•ोप चल रहा है।
आइसीई के अधिकारी शिकायतें दरà¥à¤œ करने के लिठअब डिजिटल टैबलेट का उपयोग करते है, लेकिन जो कैदी इस तकनीक से अपरिचित हैं या जो अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ नहीं बोलते हैं, उनके लिठशिकायत दरà¥à¤œ करना और à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो गया है। मोरा ने कहा कि 2023 में इंसà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° जनरल की à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ में माना था कि शिकायत पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ काम नहीं कर रही है। यही कारण है कि लोग à¤à¥‚ख हड़ताल पर जाते हैं।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दावा किया कि विरोध करने वाले कैदियों पर अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤° किया जाता है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यूनिट से अलग कर दिया जाता है, सॉलिटरी कनà¥à¤«à¤¾à¤‡à¤¨à¤®à¥‡à¤‚ट में डाल दिया जाता है या देश से बाहर à¤à¥‡à¤œ दिया जाता है। रणधीर सिंह को à¤à¥€ हाल ही में देश से बाहर à¤à¥‡à¤œ दिया गया।
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