डॉ. धनंजय चोपड़ा
महाकà¥à¤‚ठमें कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ का अरà¥à¤¥ है जीवन के पà¥à¤¨à¤°à¥à¤œà¤¾à¤—रण की आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• साधना। यह केवल आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• चेतना को पà¥à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¤ करने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं है, बलà¥à¤•ि कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से हम अपने सामाजिक, सांसà¥à¤•ृतिक, वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• और समसामयिक चिंतन को à¤à¥€ समृदà¥à¤§ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं। वासà¥à¤¤à¤µ में, कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ को जीवन पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन, मन पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन और समय पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन की आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पाठशाला कहा जा सकता है।
कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ हमें जीवन और समाज के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक ज़िमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° और निषà¥à¤ ावान बनाता है। इस दौरान हम अपनी चिंताओं से मà¥à¤•à¥à¤¤ होकर अपने करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का पालन सहजता से करने लगते हैं। यह कोई संयोग नहीं है कि जैसे ही à¤à¤• कà¥à¤‚ठमें कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ पूरा होता है, à¤à¤•à¥à¤¤ माठगंगा से अगले कà¥à¤‚ठमें पà¥à¤¨à¤ƒ कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ करने का आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ मांगते हैं।
कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ का गहन अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨
पिछले 20-25 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में देश-विदेश की अनेक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ ने कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ की अवधारणा को समà¤à¤¨à¥‡ और परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया है। शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ की तैयारी, कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹, कठोर नियमों का पालन, इन नियमों का मानसिक और शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ तथा उनके विचार और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में परिवरà¥à¤¤à¤¨ जैसे विषयों का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया है।
आज की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में जब "आरà¥à¤Ÿ ऑफ़ लिविंग" सिखाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता बढ़ती जा रही है, तब कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ और à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हो गया है। जब वैशà¥à¤µà¤¿à¤• मंच पर "हैपà¥à¤ªà¥€à¤¨à¥‡à¤¸ इंडेकà¥à¤¸" जारी किया जाने लगा है, तो सà¥à¤– और आनंद का यह परà¥à¤µ à¤à¥€ गहन अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ की माà¤à¤— करता है।
जीवन पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन का पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ सूतà¥à¤°
वासà¥à¤¤à¤µ में, जिस "लाइफ मैनेजमेंट" की बात आज की 21वीं सदी में की जा रही है, वह कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से संà¤à¤µ होता आया है। यह मन, समय और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं का पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन सिखाता है। यदि हम समय और मन पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन की परीकà¥à¤·à¤¾ में सफल हो जाते हैं, तो निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से हम जीवन पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन में à¤à¥€ सफल हो सकते हैं।
कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ तन और मन के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देता है और हमें कà¥à¤°à¥‹à¤§, लोà¤, अहंकार, ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾, मोह आदि नकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं से दूर रहने की सीख देता है। यह सामूहिक सà¥à¤– पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से जोड़ता है और जीवन के लकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पहचानने, पाने और कारà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¿à¤¤ करने का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कराता है।
गंगा तट तक पैदल चलकर आना और दिन में तीन बार सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करना न केवल शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¤à¤¾ है, बलà¥à¤•ि हमें पà¥à¤°à¤•ृति से जोड़कर आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ का 4H सूतà¥à¤°
कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ में "4H फॉरà¥à¤®à¥‚ला" पूरी तरह लागू होता है, जो कि जीवन पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन के लिठआवशà¥à¤¯à¤• माना जाता है।
Head (मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•) – वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को सामाजिक शिकà¥à¤·à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से सशकà¥à¤¤ बनाया जाता है।
Hand (हाथ) – हमारे हाथ सहयोग, समरà¥à¤¥à¤¨, संगठन और सेवा से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं। कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ में हम अपने हाथों से अपना à¤à¥‹à¤œà¤¨ पकाते हैं, दान देते हैं, पà¥à¤°à¤•ृति को सà¥à¤‚दर बनाते हैं और दूसरों की सहायता करते हैं।
Heart (हृदय) – कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ हमें संवेदनशील और सहनशील बनाता है। मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, इसका सबसे बड़ा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हमारे हृदय पर पड़ता है।
Habit (आदतें) – कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ के 21 नियमों में यह बताया गया है कि कैसे हम अपनी आदतों को सà¥à¤§à¤¾à¤° सकते हैं और जीवन को सारà¥à¤¥à¤• बना सकते हैं।
पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ में कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ का उलà¥à¤²à¥‡à¤–
हमारे पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ में कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ को à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और सफल जीवन के लिठआवशà¥à¤¯à¤• बताया गया है। कहा गया है कि धरà¥à¤®, अरà¥à¤¥, काम और मोकà¥à¤· की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ बिना कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ के संà¤à¤µ नहीं है।
महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ के वनपरà¥à¤µ में à¤à¥€ कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ का उलà¥à¤²à¥‡à¤– मिलता है—
गंगायमà¥à¤¨à¤¯à¥‹à¤°à¥à¤®à¤§à¥à¤¯à¥‡ सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤¿ यः संगमे नरः।
दशाशà¥à¤µà¤®à¥‡à¤˜à¤®à¤¾à¤ªà¥à¤¨à¥‹à¤¤à¤¿ कà¥à¤²à¤‚ चैव समà¥à¤¦à¥à¤§à¤°à¥‡à¤¤à¥¤à¥¤
मतà¥à¤¸à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤£ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ तब सफल होता है जब संगम के तट पर रहकर वेदों का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ किया जाà¤à¥¤ पदà¥à¤® पà¥à¤°à¤¾à¤£ में कहा गया है कि कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸à¥€ को संयमी, शांतचितà¥à¤¤ और जितेनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯ होना चाहिà¤à¥¤
पदà¥à¤® पà¥à¤°à¤¾à¤£ में महरà¥à¤·à¤¿ दतà¥à¤¤à¤¾à¤¤à¥à¤°à¥‡à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ के 21 नियम बताठगठहैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हर कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸à¥€ को पालन करना अनिवारà¥à¤¯ होता है।
समाज सà¥à¤§à¤¾à¤° की वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पहल
कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ सामाजिक बंधà¥à¤¤à¥à¤µ, सेवा, समà¤, उतà¥à¤¸à¤µ और समाज सà¥à¤§à¤¾à¤° का à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ माधà¥à¤¯à¤® है। हमारे पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚ ने इसे बहà¥à¤¤ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• रूप से तैयार किया है।
कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ में यजà¥à¤ž और à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाने के धà¥à¤à¤ को मिलते हà¥à¤ देखने से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाली आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• आà¤à¤¾ को महसूस करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। तब आप कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ के अनूठे उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ को और à¤à¥€ बेहतर ढंग से समठपाà¤à¤à¤—े।
कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ वैदिक काल की पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक वन संसà¥à¤•ृति का आधà¥à¤¨à¤¿à¤• रूप है। जब संगम तट पर वन हà¥à¤† करता था, तब ऋषि-मà¥à¤¨à¤¿ और गृहसà¥à¤¥à¤œà¤¨ माघ मास में à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ होकर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और दान के माधà¥à¤¯à¤® से अपने तन और मन का उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ करते थे।
हर कà¥à¤‚ठमेले में लाखों-करोड़ों à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ और विदेशी à¤à¤•à¥à¤¤ कलà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¸ करने के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज पहà¥à¤‚चते हैं। उनकी आसà¥à¤¥à¤¾, आतà¥à¤®à¤¶à¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ और मोकà¥à¤· की आकांकà¥à¤·à¤¾ इस परंपरा को जीवंत बनाठरखती है।
बाबा तà¥à¤²à¤¸à¥€à¤¦à¤¾à¤¸ ने रामचरितमानस में तीरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤œ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤— की महिमा इस पà¥à¤°à¤•ार गाई है—
माघ मकरगत रवि जब होई। तीरथ पतिहिं आव सब कोई।।
देव-दनà¥à¤œ किनà¥à¤¨à¤° नर शà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥€à¥¤ सादर मजà¥à¤œà¤¹à¤¿à¤‚ सकल तà¥à¤°à¤¿à¤¬à¥‡à¤¨à¥€à¥¤à¥¤
(लेखक वरिषà¥à¤ पतà¥à¤°à¤•ार हैं। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में इलाहाबाद विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के सेंटर ऑफ़ मीडिया सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œà¤¼ में पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® समनà¥à¤µà¤¯à¤• के रूप में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ हैं। उनकी 17 पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ें पà¥à¤°à¤•ाशित हो चà¥à¤•ी हैं। उनकी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• "à¤à¤¾à¤°à¤¤ में कà¥à¤‚à¤" को वरà¥à¤· 2023 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के गृह मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ राजà¤à¤¾à¤·à¤¾ गौरव पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार से समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है।)
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