कनाडा में बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ कोलंबिया के ओकानागन घाटी में केलोना शहर बसा हà¥à¤† है। साल 2012 में, यहां की आबादी 1 लाख 22 हजार के आसपास थी। इनमें से 2 फीसदी सिख धरà¥à¤® के अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ थे। à¤à¤²à¥‡ ही इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ कम थी, लेकिन पंजाब के लोग अपने तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को पूरे जोश के साथ मनाते थे। इस वरà¥à¤· परेड 26 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को आयोजित की जाà¤à¤—ी।
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¥‡ के लंबे समय तक पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ रहे परमजीत सिंह पटारा ने सोचा कि कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न वैसाखी के मौके पर नगर कीरà¥à¤¤à¤¨ निकालकर इस तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° को बड़े सà¥à¤¤à¤° पर मनाया जाà¤à¥¤ पटारा को लगा कि समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ बढ़ रहा है और इस तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤° को मनाना जरूरी है ताकि अगली पीढ़ी अपनी संसà¥à¤•ृति के बारे में जाने।
पटारा कहते हैं, 'मैंने इस परेड की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ केलोना के सिख समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ को गरà¥à¤µ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ दिलाने के लिठकी। ये सà¤à¥€ को à¤à¤• साथ लाता है। मेरे लिà¤, ये बहà¥à¤¤ जरूरी है कि हमारा समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हो और अपनी संसà¥à¤•ृति, इतिहास और विरासत पर गरà¥à¤µ करे।'
नगर कीरà¥à¤¤à¤¨ à¤à¤• सिख जà¥à¤²à¥‚स है जिसकी अगà¥à¤†à¤ˆ पंज पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‡ (पहले पांच सिखों का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करते हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दीकà¥à¤·à¤¾ दी गई थी) और शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥ गà¥à¤°à¤‚थ साहिब करते हैं। शà¥à¤°à¥€ गà¥à¤°à¥ गà¥à¤°à¤‚थ साहिब को à¤à¤• खूबसूरती से सजाठगठफà¥à¤²à¥‹à¤Ÿ पर रखा जाता है। समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लोग इस जà¥à¤²à¥‚स का अनà¥à¤¸à¤°à¤£ करते हà¥à¤ à¤à¤œà¤¨ और छंद गाते हैं। साथ ही सिख यà¥à¤¦à¥à¤§ कला गटका के पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨, वैंकूवर से सिख मोटरसाइकिल कà¥à¤²à¤¬, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सजे हà¥à¤ फà¥à¤²à¥‹à¤Ÿ और खà¥à¤²à¥€ कारों में बैठे विशिषà¥à¤Ÿ अतिथि जनता का अà¤à¤¿à¤µà¤¾à¤¦à¤¨ करते हैं। जà¥à¤²à¥‚स के मारà¥à¤— पर पंजाबी मूल के घरों के लोग जà¥à¤²à¥‚स में शामिल लोगों को नाशà¥à¤¤à¤¾ और चाय परोसते हैं। जà¥à¤²à¥‚स में शामिल सà¤à¥€ लोगों को गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¥‡ में लंगर परोसा जाता है।
इस दौरान à¤à¤• छोटा मेला à¤à¥€ लगता है, जहां जà¥à¤²à¥‚स में शामिल लोगों को ताजे पकौड़े, चाय और मिठाई का लà¥à¤¤à¥à¤« उठाने का मौका मिलता है। वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से वैशाखी जà¥à¤²à¥‚स की लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ बढ़ी है। आज, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पृषà¥à¤ à¤à¥‚मियों से लगà¤à¤— दस हजार लोग इसमें शामिल होते हैं, जो केलोना के रटलैंड समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ है। पटारा कहते हैं, 'मैं इस बात के लिठबहà¥à¤¤ आà¤à¤¾à¤°à¥€ हूं कि मैं कनाडा में रहता हूं, जहां लोगों की सà¤à¥€ अलग-अलग पृषà¥à¤ à¤à¥‚मियां होती हैं और वे वैशाखी का जशà¥à¤¨ मिलकर मनाते हैं।'
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