मलेशिया के अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ योग शिकà¥à¤·à¤• लà¥à¤ˆà¤¸ लिम (रामण) ने पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज में आयोजित महाकà¥à¤‚ठ2025 में à¤à¤• गहन आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• अनà¥à¤à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहना है, 'मैं वासà¥à¤¤à¤µ में धनà¥à¤¯ हूं कि मà¥à¤à¥‡ पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ परंपराओं, à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• विरासत के इतने à¤à¤µà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ को देखने का अवसर मिला।' महाकà¥à¤‚ठमें à¤à¤¾à¤— लेने के बाद, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने धरà¥à¤® और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता की शकà¥à¤¤à¤¿ को और अधिक गहराई से समà¤à¤¾à¥¤
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया, 'अगर कोई धरà¥à¤® लाखों लोगों को, चाहे वे किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के हों, कठिन मौसम और थकावट सहन करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• ही नदी में सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने के लिठà¤à¤•तà¥à¤° कर सकता है, तो आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता कà¤à¥€ हानिकारक नहीं हो सकती।'
योग और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ
योग गà¥à¤°à¥ आचारà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¥€à¤¨ नायर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठगठअपने आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• नाम ‘रामण’ से पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ लà¥à¤ˆà¤¸, 2008 से योग अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहे हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित योग गà¥à¤°à¥à¤“ं, विशेष रूप से दिवंगत गà¥à¤°à¥à¤œà¥€ बी.के.à¤à¤¸. अयंगर के मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ में योग की शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'मैं पिछले 18 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से योग अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहा हूठऔर वेदिक धरà¥à¤® में हमेशा से मेरी गहरी रà¥à¤šà¤¿ रही है।'
मलेशिया सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ योग साधना संसà¥à¤¥à¤¾ के सह-संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• लà¥à¤ˆà¤¸ का à¤à¤¾à¤°à¤¤ की आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• विरासत से संबंध 2015 में और मजबूत हà¥à¤† जब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ उचà¥à¤šà¤¾à¤¯à¥‹à¤— और आयà¥à¤· मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पहले अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ योग दिवस में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठआमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया गया। इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का उदà¥à¤˜à¤¾à¤Ÿà¤¨ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ने नई दिलà¥à¤²à¥€ में किया था। लेकिन, उनके जीवन का सबसे गहरा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ महाकà¥à¤‚ठके दरà¥à¤¶à¤¨ से पड़ा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'जब मà¥à¤à¥‡ पता चला कि पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज में महाकà¥à¤‚ठआयोजित हो रहा है, तो मैंने बिना किसी संकोच के वहां जाने का निरà¥à¤£à¤¯ लिया।'
मलेशिया से पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज तक का सफर
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परंपरा और संसà¥à¤•ृति से परिचय होने के बाद से ही लà¥à¤ˆà¤¸ महाकà¥à¤‚ठके à¤à¤µà¥à¤¯ आयोजन को देखने की इचà¥à¤›à¤¾ रखते थे। उनकी इस रà¥à¤šà¤¿ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में हà¥à¤ˆ, जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मलेशिया में गंगा और काशी पर आधारित à¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ नृतà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ देखी थी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'अपने किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ के दिनों में, मैंने मलेशिया में à¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ नृतà¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® देखा था, जिसमें गंगा और काशी के बारे में बताया गया था। तà¤à¥€ से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति मेरे हृदय में बस गई।' पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज में महाकà¥à¤‚ठके दौरान, वे विशेष रूप से साधà¥à¤“ं, विशेष रूप से अघोरी बाबाओं से अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'यह अनà¥à¤à¤µ मेरी सà¤à¥€ अपेकà¥à¤·à¤¾à¤“ं से परे था—यह तीवà¥à¤° और अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• था।'
जीवन बदलने वाला अनà¥à¤à¤µ
लà¥à¤ˆà¤¸ के लिठसबसे गहरा कà¥à¤·à¤£ तब आया जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने तà¥à¤°à¤¿à¤µà¥‡à¤£à¥€ संगम—गंगा, यमà¥à¤¨à¤¾ और पौराणिक सरसà¥à¤µà¤¤à¥€ नदियों के संगम में सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ किया। पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठमें, वे कीचड़यà¥à¤•à¥à¤¤ पानी में जाने को लेकर संकोच कर रहे थे, लेकिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जलà¥à¤¦ ही अपनी à¤à¤¿à¤à¤• को दूर कर लिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'मैंने à¤à¥€ बाकी शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं की तरह डà¥à¤¬à¤•ी लगाई और यह अनà¥à¤à¤µ अवरà¥à¤£à¤¨à¥€à¤¯ था। मà¥à¤à¥‡ à¤à¤¸à¤¾ महसूस हà¥à¤† जैसे मैं अपने घर में हूà¤, जैसे यह पवितà¥à¤° नदी मà¥à¤à¤¸à¥‡ कह रही हो कि मैं अपने शरीर में ही घर कर रहा हूà¤à¥¤ उस कà¥à¤·à¤£ मà¥à¤à¥‡ असीम शांति का अनà¥à¤à¤µ हà¥à¤†, और मैं वहां से लौटना नहीं चाहता था।'
लाखों शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं की अटूट à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ को देखकर वे अà¤à¤¿à¤à¥‚त हो गà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• संगठित अराजकता है—यह आपको आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¤°à¥à¤ªà¤£ करना सिखाता है।' हालांकि, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया कि विदेशी होने के कारण à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥€à¤¡à¤¼ को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ उनके लिठकठिन था, लेकिन इससे उनकी धारणा में कोई बदलाव नहीं आया।
जीवन और मृतà¥à¤¯à¥ पर नया दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण
अपने वाराणसी पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ के दौरान, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ कहानी सà¥à¤¨à¥€ जिसने उनके जीवन और मृतà¥à¤¯à¥ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण को पूरी तरह बदल दिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'मैं मणिकरà¥à¤£à¤¿à¤•ा घाट पर गया, यह जानने की जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¤¾ के साथ कि यह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ इतना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है। वहां à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने मà¥à¤à¥‡ à¤à¤• गहरी बात बताई। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि हिंदू मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, मणिकरà¥à¤£à¤¿à¤•ा घाट पर अंतिम संसà¥à¤•ार होने से जनà¥à¤®-मरण के चकà¥à¤° से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ मिलती है। पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤—वान शिव ने यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾ की थी कि जब तक इस घाट पर चिताà¤à¤ जलती रहेंगी, वे काशी में ही निवास करेंगे। इसी कारण कई हिंदू अपने अंतिम दिनों में यहां आकर मोकà¥à¤· की कामना करते हैं।'
इस वारà¥à¤¤à¤¾ ने लà¥à¤ˆà¤¸ को अपनी मृतà¥à¤¯à¥ पर विचार करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'इसने मà¥à¤à¥‡ सोचने पर मजबूर कर दिया—कà¥à¤¯à¤¾ मैं कà¤à¥€ अपनी मृतà¥à¤¯à¥ का सामना करने के लिठतैयार हो पाऊà¤à¤—ा?'
आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• जागरण का अनà¥à¤à¤µ
लà¥à¤ˆà¤¸ के लिठमहाकà¥à¤‚ठकेवल à¤à¤• धारà¥à¤®à¤¿à¤• आयोजन नहीं था, बलà¥à¤•ि यह उनके लिठà¤à¤• आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• जागरण का अवसर बना। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बिताया गया उनका समय अब उनकी शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं को आकार दे रहा है, जिससे वे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में अपने छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के साथ पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ परंपराओं का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ साà¤à¤¾ कर रहे हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अंत में कहा, 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ केवल आपको आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता के बारे में नहीं सिखाता, बलà¥à¤•ि यह आपको उसमें डà¥à¤¬à¥‹ देता है। यह आपको दिखाता है कि सचà¥à¤šà¥€ à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ का अरà¥à¤¥ अराजकता में आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¤°à¥à¤ªà¤£ करना और उसमें शांति पाना है।'
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