मनोरंजक à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• आखà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ से लेकर हृदयसà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की कहानियों तक... à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के लेखक दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के पाठकों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करते रहे हैं। चाहे आप इतिहास के शौकीन हों, खाने के शौकीन हों या सोते समय à¤à¤• हलà¥à¤•ी-फà¥à¤²à¥à¤•ी कहानी की तलाश में हों, ये नवीनतम रिलीज हर किसी के लिठकà¥à¤› न कà¥à¤› पेश करती हैं। यहां नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ की पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों की à¤à¤• कà¥à¤¯à¥‚रेटेड सूची है जो न केवल अपने विषयों के लिठबलà¥à¤•ि कहानी कहने की गहराई और बारीकियों के लिठà¤à¥€ विशिषà¥à¤Ÿ है।
1. The Trial That Shook Britain: How a Court Martial Hastened Acceptance of Indian Independence
लेखक- आशीष रे
इतिहास अकà¥à¤¸à¤° सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर पà¥à¤°à¤•ाश डालता है और पतà¥à¤°à¤•ार आशीष रे 'द टà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤² दैट शà¥à¤• बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨' में à¤à¤¸à¥‡ ही à¤à¤• à¤à¥‚ले हà¥à¤ अधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ को सामने लाते हैं। 1945-46 में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सेना (INA) के तीन अधिकारियों- शाह नवाज खान, पà¥à¤°à¥‡à¤® सहगल और गà¥à¤°à¤¬à¤–à¥à¤¶ ढिलà¥à¤²à¥‹à¤‚ के कोरà¥à¤Ÿ मारà¥à¤¶à¤² पर फोकस करते हà¥à¤ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में तरà¥à¤• दिया गया है कि उनका मà¥à¤•दमा à¤à¤¾à¤°à¤¤ की आजादी में तेजी लाने में à¤à¤• उतà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• था। रे ने राजनीतिक परिदृशà¥à¤¯ को सावधानीपूरà¥à¤µà¤• उजागर किया है जिसमें दिखाया गया है कि कैसे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ के लिठINA के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ का लाठउठाया। à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ की लड़ाई में निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ और सशसà¥à¤¤à¥à¤° संघरà¥à¤· के बीच के जटिल पà¥à¤°à¤•रण को समà¤à¤¨à¥‡ के इचà¥à¤›à¥à¤• किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को इसे अवशà¥à¤¯ पढ़ना चाहिà¤à¥¤
2. Thinking About Leaving
लेखक- सचिन बेनी
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ यादों और अपनेपन के बीच की जगह को उजागर करते हà¥à¤ सचिन बेनी की आतà¥à¤®à¤•थातà¥à¤®à¤• लघॠकहानियों का पहला संगà¥à¤°à¤¹ पाठकों को à¤à¤¾à¤°à¤¤ और संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में उनके जीवन के बीच à¤à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥€à¤•à¥à¤·à¤£ यातà¥à¤°à¤¾ पर ले जाता है। जिस वरà¥à¤· वह अमेरिकी नागरिकता की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ कर रहे थे उस दौरान लिखी गई यह रचना आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ अनà¥à¤à¤µ पर à¤à¤• मौन किंतॠशकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करता है। सपनों और वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता के बीच तनाव, और शांत, असली कà¥à¤·à¤£ जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ में जीवन को आकार देते हैं। आर.के. नारायण और वी.à¤à¤¸. नायपॉल की गूंज के साथ थिंकिंग अबाउट लीविंग पहचान और आतà¥à¤®-खोज पर à¤à¤• मारà¥à¤®à¤¿à¤• चिंतन है।
3. Sindhi Recipes and Stories from a Forgotten Homeland
लेखक- सपना अजवान
यादों को संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने का à¤à¤• अनोखा तरीका है à¤à¥‹à¤œà¤¨ और सपना अजवानी की नवीनतम कà¥à¤•बà¥à¤• सिंध के खोठहà¥à¤ सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤® पतà¥à¤° है। अपने लंदन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सपर कà¥à¤²à¤¬ सिंधी गसà¥à¤Ÿà¥‹ से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ होकर अजवानी ने विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के बाद फीके पड़ गठविरासत वà¥à¤¯à¤‚जनों को पà¥à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¤ करने के लिठपाक खोज शà¥à¤°à¥‚ की। सिरà¥à¤« à¤à¤• कà¥à¤•बà¥à¤• से अधिक सिंधी रेसिपीज à¤à¤‚ड सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥€à¤œ फà¥à¤°à¥‰à¤® ठफॉरगॉटेन होमलैंड वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त उपाखà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚, इतिहास और मà¥à¤‚ह में पानी ला देने वाले वà¥à¤¯à¤‚जनों की à¤à¤• समृदà¥à¤§ शृंखला है। कराची से मोहनजो-दारो तक यह किताब à¤à¤• à¤à¥‚ली हà¥à¤ˆ मातृà¤à¥‚मि को फिर से खोजने की उनकी यातà¥à¤°à¤¾ का वरà¥à¤£à¤¨ करती है - à¤à¤• समय में à¤à¤• नà¥à¤¸à¥à¤–ा।
4. Don't Do It for Candy!
लेखक नील फà¥à¤²à¥‹à¤°à¥€, चितà¥à¤°à¤¾à¤‚कन रा-बेन अलà¥à¤®à¥‡à¤¡à¤¾
यदि आप सोचते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की किताबें केवल सà¥à¤‚दर चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ और सरल नैतिकताओं के बारे में होती हैं तो फिर से सोचें। नील फà¥à¤²à¥‹à¤°à¥€ की डोंट डू इट फॉर कैंडी! à¤à¤• पà¥à¤°à¤«à¥à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¤ करने वाला रहसà¥à¤¯ छà¥à¤ªà¤¾à¤¤à¤¾ है - जो à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की इचà¥à¤›à¤¾ की हर चीज को खोल सकता है, हवा में तैरने वाली शारà¥à¤• से लेकर पारà¥à¤• à¤à¥à¤°à¤®à¤£ तक। लेकिन सावधान रहें: सीधे अंत तक पलटने से काम नहीं चलेगा! फà¥à¤²à¥‹à¤°à¥€ अपने पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार-नामांकित द शॉरà¥à¤Ÿ जिराफ के लिठजाने जाते हैं इस बार à¤à¤• मनमौजी, हंसी-मजाक वाली चितà¥à¤° पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• पेश करते हैं जो हासà¥à¤¯ को जीवन के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के साथ मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है। सोते समय हंसने और बार-बार पढ़ने के लिठबिलà¥à¤•à¥à¤² सही।
5. Bina the Bookworm
लेखक सà¥à¤¹à¤¾à¤¨à¥€ पारिख, चितà¥à¤°à¤£ शरणबीर कौर
उन पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठजो मानते हैं कि पढ़ना पवितà¥à¤° होना चाहिठबीना से मिलिà¤... à¤à¤• असामानà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ वाला किताबी कीड़ा। जहां उसके अधिकांश दयालॠसाथी किताबें खाते हैं वहीं बीना सिरà¥à¤« उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पढ़ना चाहती है। लेकिन उसके à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ की अनà¥à¤¯ योजनाà¤à¤‚ हैं, इससे पहले कि वह à¤à¤• पृषà¥à¤ पलट सके, उसके कीमती संगà¥à¤°à¤¹ को ख़तà¥à¤® कर देंगे। बीना द बà¥à¤•वॉरà¥à¤® में सà¥à¤¹à¤¾à¤¨à¥€ ने कहानियों के जादू और अपनी बात पर कायम रहने के महतà¥à¤µ के बारे में à¤à¤• आनंददायक कहानी गढ़ी है जो चंचल गदà¥à¤¯ और जीवंत चितà¥à¤°à¤£ के साथ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ की गई है।
6. Kadooboo! A silly South Indian folktale
लेखक शà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿ राव, चितà¥à¤° दरà¥à¤¶à¤¿à¤•ा वरà¥à¤®à¤¾
आकरà¥à¤·à¤£ और हासà¥à¤¯ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र कडूबू पीढ़ियों से चली आ रही à¤à¤• दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ लोककथा का पà¥à¤¨à¤°à¥à¤•थन है। शà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿ राव पाठकों को à¤à¤• आनंदमय यातà¥à¤°à¤¾ पर ले जाती हैं, जब छोटा कबीर हाल ही में खाठगठवà¥à¤¯à¤‚जन को याद करने की कोशिश करते हà¥à¤ नामों के मिशà¥à¤°à¤£ की à¤à¤• पà¥à¤°à¤«à¥à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¤ करने वाली शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है। जीवंत चितà¥à¤°à¤£ और à¤à¤• अनूठी कथा के साथ यह पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठखà¥à¤¶à¥€ और वयसà¥à¤•ों के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ यादें लेकर आà¤à¤—ी जो इसी तरह की कहानियों के साथ बड़े हà¥à¤ हैं।
7. Fraternity: Constitutional Norm and Human Need
लेखक- राजमोहन गांधी
पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ इतिहासकार राजमोहन गांधी पाठकों को पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गà¥à¤°à¤‚थों से लेकर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संविधान के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚पण तक बंधà¥à¤¤à¥à¤µ की अवधारणा का पता लगाने वाली बौदà¥à¤§à¤¿à¤• यातà¥à¤°à¤¾ पर ले जाते हैं। वह महातà¥à¤®à¤¾ गांधी और डॉ. बी.आर.आंबेडकर के बीच अकà¥à¤¸à¤° तनावपूरà¥à¤£ संबंधों पर पà¥à¤°à¤•ाश डालते हैं, यह दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ कि कैसे उनके अलग-अलग दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण ने अंततः à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• ढांचे को आकार दिया। यह पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤ के जटिल सामाजिक-राजनीतिक परिदृशà¥à¤¯ और समानता की चल रही खोज को समà¤à¤¨à¥‡ के इचà¥à¤›à¥à¤• किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है।
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