अमेरिका में पिछले कà¥à¤› समय में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के लोगों के खिलाफ विरोधी आवाजें मà¥à¤–र हà¥à¤ˆ हैं। इस मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर अमेरिकी उप विदेश मंतà¥à¤°à¥€ (पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन à¤à¤µà¤‚ संसाधन) रिचरà¥à¤¡ वरà¥à¤®à¤¾ का कहना है कि हमें à¤à¤• दूसरे का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करने की जरूरत है। यहां दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के अलग-अलग कोनों से आठलोग रहते हैं जिनके अलग-अलग विचार हैं। यही इस देश की असली ताकत है। यही इस देश को महान बनाता है।
2015 से 2017 तक à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अमेरिकी राजदूत रह चà¥à¤•े रिचरà¥à¤¡ वरà¥à¤®à¤¾ ने नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ के साथ à¤à¤• इंटरवà¥à¤¯à¥‚ में अपने खटà¥à¤Ÿà¥‡-मीठे अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ को साà¤à¤¾ किया, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उनके करियर को आकार दिया और दà¥à¤µà¤¿à¤ªà¤•à¥à¤·à¥€à¤¯ संबंधों का à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ तय किया।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की हाल के समय में बढ़ती आलोचना के बावजूद रिचरà¥à¤¡ वरà¥à¤®à¤¾ ने अमेरिका के समावेशी दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण का जिकà¥à¤° किया। उनका कहना था कि हर कोई मà¥à¤à¤¸à¥‡ सहमत नहीं होगा, लेकिन यही चीज है, जिसके लिठमैं आने वाले वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ लड़ता रहूंगा।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अमेरिकियों की अविशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ तरकà¥à¤•ी का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ वरà¥à¤®à¤¾ ने कहा कि मैं जब अमेरिकी सेना में था, तब हमारे समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के कà¥à¤› गिने-चà¥à¤¨à¥‡ लोग ही थे। अब उनकी संखà¥à¤¯à¤¾ सैकड़ों-हजारों में है। यह तरकà¥à¤•ी संयोग से नहीं बलà¥à¤•ि कड़ी मेहनत और लगन से संà¤à¤µ हà¥à¤ˆ है।
समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर गरà¥à¤µ करते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आगे कहा कि à¤à¤• दौर था, तब कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ में कà¥à¤› ही à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी थे। आज à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के लोग उपराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ समेत अहम पदों तक पहà¥à¤‚च चà¥à¤•े हैं। यह बहà¥à¤¤ गरà¥à¤µ की बात है। अमेरिका में पढ़ने वाले विदेशियों में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤° हैं। इस वकà¥à¤¤ अमेरिका में हर चार विदेशी छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤ से है। यह à¤à¤• बड़ा बदलाव है।
अमेरिका-à¤à¤¾à¤°à¤¤ के बीच लोकतंतà¥à¤°, सहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ और कानून के शासन जैसे साà¤à¤¾ मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का हवाला देते हà¥à¤ वरà¥à¤®à¤¾ ने कहा कि दोनों देशों के बीच साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ अगले 25 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में और मजबूत होगी। अमेरिका के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ का महज रणनीतिक महतà¥à¤µ नहीं है बलà¥à¤•ि यह दोसà¥à¤¤à¥€ उन मूलà¤à¥‚त सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों में निहित है, जिसने दोनों देशों को फलने-फूलने का मौका दिया है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि पिछले 25 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में दोनों देशों के बीच वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° और रकà¥à¤·à¤¾ सहयोग में जबरदसà¥à¤¤ वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆ है। 2000 में हमारे बीच बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ रकà¥à¤·à¤¾ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° नहीं होता था। अब यह 20 बिलियन डॉलर तक पहà¥à¤‚च चà¥à¤•ा है। दà¥à¤µà¤¿à¤ªà¤•à¥à¤·à¥€à¤¯ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° 200 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। संबंधों में संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जोखिमों पर वरà¥à¤®à¤¾ ने कहा कि यह साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ अलà¥à¤ªà¤•ालिक हितों के बजाय साà¤à¤¾ मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर आधारित रहेगी।
रिचरà¥à¤¡ वरà¥à¤®à¤¾ ने बताया कि कैसे उनके पिता 1963 में सिरà¥à¤« 14 डॉलर और बस का टिकट लेकर अमेरिका आठथे। यह इस देश की बहà¥à¤¸à¤¾à¤‚सà¥à¤•ृतिक, समावेशी लोकतंतà¥à¤° की ताकत ही है, जो हमारे जैसे लोगों को अपनी जड़ों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहते हà¥à¤ यहां कामयाबी हासिल करने देता है।
अमेरिका-à¤à¤¾à¤°à¤¤ संबंधों के विकास में दो दशकों तक महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान देने वाले वरà¥à¤®à¤¾ ने 1990 के दशक में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ महतà¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¥€ विजन को याद किया और कहा कि अमेरिका-à¤à¤¾à¤°à¤¤ असैनà¥à¤¯ परमाणॠसमà¤à¥Œà¤¤à¥‡ जैसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ समà¤à¥Œà¤¤à¥‹à¤‚ ने इसे आगे बढ़ाया। हमें नहीं पता था कि यह संà¤à¤µ हो सकेगा, लेकिन हमने à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही महतà¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¥€ विजन तय किया। इसने पूरा खेल ही बदल दिया।
रिचरà¥à¤¡ वरà¥à¤®à¤¾ कृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¤à¥à¤¤à¤¾ को कूटनीति के लिठà¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ टूल की तरह देखते हैं। हालांकि वह à¤à¤†à¤ˆ को जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने और यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने पर जोर देते हैं कि इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² अचà¥à¤›à¥‡ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठहोना चाहिà¤, किसी का उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ करने के लिठनहीं।
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