'जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€' के नाम से चरà¥à¤šà¤¿à¤¤ नरंजन सिंह गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¾à¤² 1950 में जब सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ के बाहर किसी राजनीतिक कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के लिठनिरà¥à¤µà¤¾à¤šà¤¿à¤¤ होने वाले पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ बने थे, तब बहà¥à¤¤ से लोगों ने कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ à¤à¥€ नहीं की होगी कि अगले 75 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के लोग कई देशों के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ और राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ जैसे अहम पदों पर à¤à¥€ बैठेंगे। इसी कà¥à¤°à¤® में अब ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में रविवार को जब संसदीय चà¥à¤¨à¤¾à¤µ होंगे, तब à¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤‚शी सिख गà¥à¤°à¤¦à¤¯à¤¾à¤² सिंह बाजवा की किसà¥à¤®à¤¤ का à¤à¥€ फैसला होगा।
गà¥à¤°à¤¦à¤¯à¤¾à¤² सिंह की चरà¥à¤šà¤¾ इसलिठकि वह ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ने वाले पहले सिख हैं। उनका चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ सफर कतई आसान नहीं रहा है। वह नसà¥à¤²à¥€à¤¯ अपमान की कंटीली राह को पार करके यहां तक पहà¥à¤‚चे हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ये नसà¥à¤²à¥€à¤¯ हमले पगड़ी पहनने के लिठà¤à¥‡à¤²à¤¨à¥‡ पड़ रहे हैं, जो सिख समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की सबसे पवितà¥à¤° चीजों में से à¤à¤• मानी जाती है। गेंसरडॉरà¥à¤« और बà¥à¤°à¥à¤• à¤à¤¨ डेर लीथा से चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ रहे बाजवा ने जब चà¥à¤¨à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° के दौरान पगड़ी पहने अपनी तसà¥à¤µà¥€à¤° के पोसà¥à¤Ÿà¤° लगाठथे, तब उनके खिलाफ कड़ी नसà¥à¤²à¥€à¤¯ टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ करते हà¥à¤ वीडियो पोसà¥à¤Ÿ किया गया। इसके बारे में आगे बात करेंगे, लेकिन उससे पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤‚शी सिख समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¥à¤– नेताओं के बारे में जान लेते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने विदेशी धरती पर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ खà¥à¤¦ को बà¥à¤²à¤‚दी तक पहà¥à¤‚चाकर समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ का नाम रोशन किया है।
नरंजन सिंह गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¾à¤² का जनà¥à¤® पूरà¥à¤µà¥€ पंजाब में हà¥à¤† था। वह 1925 में कनाडा के बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ कोलंबिया में आठथे। 1941 में वह फà¥à¤°à¥‡à¤œà¤¼à¤° वैली के à¤à¤• छोटे से शहर मिशन सिटी में रहने लगे। इसके लगà¤à¤— à¤à¤• दशक बाद उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 1950 में राजनीति में किसà¥à¤®à¤¤ आजमाने का फैसला किया। मिशन सिटी के बोरà¥à¤¡ ऑफ कमिशà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸ के चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ छह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दà¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना करना पड़ा। जीतने के बाद उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• अखबार में विजà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¨ दिया- ''मिशन सिटी के सà¤à¥€ नागरिकों को धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦à¥¤'' हमारे महान लोकतंतà¥à¤° के इतिहास में किसी सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• पद के लिठपहली बार à¤à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ का निरà¥à¤µà¤¾à¤šà¤¨ पूरे समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लिठगरà¥à¤µ की बात है। यह सब आपकी वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• सोच, सहनशीलता और विचारशीलता को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है।
गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¾à¤² को दिसंबर 1952 में दो साल के कारà¥à¤¯à¤•ाल के लिठà¤à¤• बार फिर से चà¥à¤¨à¤¾ गया। 1954 में वह कमिशà¥à¤¨à¤°à¥‹à¤‚ की सरà¥à¤µà¤¸à¤®à¥à¤®à¤¤à¤¿ से बोरà¥à¤¡ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· बने। वह à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ डायसà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¾ के साथी सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤¾à¤°à¤¤ से बाहर अपने देशों की राजनीति में सफल होने का रासà¥à¤¤à¤¾ दिखाने में अगà¥à¤°à¤£à¥€ थे। इसके करीब 40 साल बाद बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ कोलंबिया पहला पà¥à¤°à¤¾à¤‚त बना, जहां à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पंजाब के à¤à¤• पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ उजà¥à¤œà¤µà¤² दोसांठको पà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤° नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया गया।
अकà¥à¤Ÿà¥‚बर 1993 में कनाडाई हाउस ऑफ कॉमनà¥à¤¸ में पहà¥à¤‚चे गà¥à¤°à¤¬à¤–à¥à¤¶ सिंह मलà¥à¤¹à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ के बाहर किसी à¤à¥€ संसद के लिठचà¥à¤¨à¥‡ जाने वाले पहले पगड़ीधारी सिख बने। इसके बाद हरà¥à¤¬ धालीवाल कनाडा में फेडरल मिनिसà¥à¤Ÿà¤° के रूप में सेवाà¤à¤‚ देने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ डायसà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¾ के पहले सदसà¥à¤¯ बने। हरजीत सिंह सजà¥à¤œà¤¨ को कनाडा के रकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ बनने का गौरव मिला। उनके बाद अनीता आनंद कनाडा में डिफेंस पोरà¥à¤Ÿà¤«à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¥‹ संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ वाली दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ मूल की पहली महिला बनीं। पिछले महीने तनमनजीत सिंह ढेसी को इंगà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड में हाउस ऑफ कॉमनà¥à¤¸ की रकà¥à¤·à¤¾ समिति का अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· चà¥à¤¨à¤¾ गया। ये मà¥à¤•ाम हासिल करने वाले वह पहले पगड़ीधारी सिख हैं। इससे पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ डायसà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¾ के सदसà¥à¤¯ ऋषि सà¥à¤¨à¤• ने गà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बनकर समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ का गौरव बढ़ाया था।
कनाडा और बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के योगदान को आगे बढ़ाते हà¥à¤ अब समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ने यूरोप के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ अपना राजनीतिक परचम लहराना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है। इसी कà¥à¤°à¤® में ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की नई काउंसिल के लिठगà¥à¤°à¤¦à¤¯à¤¾à¤² सिंह बाजवा चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ेंगे। ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की सोशल डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• पारà¥à¤Ÿà¥€ (à¤à¤¸à¤ªà¥€à¤“) का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करते हà¥à¤ बाजवा गेंसरडॉरà¥à¤« और बà¥à¤°à¥à¤• à¤à¤¨ डेर लीथा निरà¥à¤µà¤¾à¤šà¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ से मैदान में हैं।
गà¥à¤°à¤¦à¤¯à¤¾à¤² सिंह छह साल की उमà¥à¤° में अपने माता-पिता के साथ à¤à¤¾à¤°à¤¤ से ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ चले गठथे। तीन दशकों से अधिक समय से वह Deutsch Wagram में रह रहे हैं। वह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ राजनीति और पेशेवर संघों में शामिल रहे हैं। इस वकà¥à¤¤ वह वियना चैंबर ऑफ कॉमरà¥à¤¸ में परिवहन à¤à¤µà¤‚ यातायात पà¥à¤°à¤à¤¾à¤— के उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· हैं। इसके अलावा à¤à¤¸à¤ªà¥€à¤“ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और अपने गृहनगर में पारà¥à¤·à¤¦ हैं।
सिख बाजवा का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ना बहà¥à¤¤ से लोगों को हजम नहीं हो रहा है। à¤à¤• चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ पोसà¥à¤Ÿà¤° के कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नसà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¦à¥€ तानों का सामना करना पड़ रहा है। इस पोसà¥à¤Ÿà¤° में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पगड़ी पहने दिखाया गया है। à¤à¤¸à¤ªà¥€à¤“ के रीजनल मैनेजर वोलà¥à¤«à¤—ैंग ज़वांडर बताते हैं कि गà¥à¤°à¤¦à¤¯à¤¾à¤² सिंह बाजवा के खिलाफ इंटरनेट पर à¤à¤• बेहूदा नफरती वीडियो पोसà¥à¤Ÿ किया गया है जिसमें नसà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¦à¥€ टिपà¥à¤ªà¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ की गई हैं। ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ पà¥à¤²à¤¿à¤¸ इस मामले की तहकीकात कर रही है। सरकार जांच कर रही है कि कà¥à¤¯à¤¾ किसी के खिलाफ वीडियो पोसà¥à¤Ÿ करना अपराध हो सकता है या नहीं। इस मामले में बाजवा को उनकी पारà¥à¤Ÿà¥€ से पूरा समरà¥à¤¥à¤¨ मिल रहा है। बाजवा कहते हैं कि मà¥à¤à¥‡ मेरे काम की बदौलत आंका जाना चाहिà¤, मेरी शकà¥à¤² से नहीं।
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