दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ और पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ पेशेवरों के लिठघर का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ सिरà¥à¤« à¤à¤• याद नहीं, बलà¥à¤•ि à¤à¤• जरूरत है। घर में बने अचार और मसालों का तीखा और चटपटा सà¥à¤µà¤¾à¤¦ अब केवल रसोई तक सीमित नहीं रह गया है, करोड़ों डॉलर की इंडसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ बन चà¥à¤•ा है। अमेरिका, बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ और ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ जैसे देशों के सà¥à¤ªà¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤•ेटà¥à¤¸ में ये पारंपरिक पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ नजर आने लगे हैं।
छोटे कारोबार से बड़े बिजनेस तक
हैदराबाद, चेनà¥à¤¨à¤ˆ और अनà¥à¤¯ दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शहरों में शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤† छोटे सà¥à¤¤à¤° का किचन कारोबार अब à¤à¤• बड़े à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ बिजनेस में बदल गया है। हैदराबाद और चेनà¥à¤¨à¤ˆ इसके पà¥à¤°à¤®à¥à¤– केंदà¥à¤° हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤° और à¤à¤¨à¤†à¤°à¤†à¤ˆ जो कà¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में अचार और मसाले घर से ले जाते थे, वे अब विदेश में इन उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ की मांग करने लगे हैं। इसका नतीजा है कि मारà¥à¤•ेटà¥à¤¸ में à¤à¥€ ये उपलबà¥à¤§ होने लगे हैं। सबसे अधिक बिकने वाले उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ में गोंगà¥à¤°à¤¾ अचार, आवकाया आम का अचार नलà¥à¤²à¤¾ करम पूडी , सांबर, रसम पूडी, कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¥€ सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ चेकà¥à¤•लू और मà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤•ू शामिल हैं।
खान-पान नहीं, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ
विदेशों में रहने वाले छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ और नौकरीपेशा लोगों के लिठये उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ सिरà¥à¤« खाने का हिसà¥à¤¸à¤¾ नहीं बलà¥à¤•ि à¤à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ हैं। शिकागो में पढ़ रहे आईटी सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट साई पà¥à¤°à¤£à¤µ कहते हैं कि जब à¤à¥€ मैं à¤à¤¾à¤°à¤¤ जाता हूं, मेरी मां 5-10 किलो पूडी, अचार और सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ पैक कर देती हैं। मैं और मेरे दोसà¥à¤¤ जमकर खाते हैं। कई बार à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ होने पर बेच à¤à¥€ देते हैं। लंदन में रहने वाले सà¥à¤°à¥‡à¤¶ नारायण कहते हैं कि यहां के इंडियन सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥à¤¸ में अचार तो मिलता है लेकिन घर के बने अचार जैसा सà¥à¤µà¤¾à¤¦ नहीं आता। अब मैं हैदराबाद की महिलाओं से सीधे अचार मंगवाता हूठजो थोक में इसे à¤à¥‡à¤œà¤¤à¥€ हैं।
महिलाओं के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° का नया अवसर
इस बढ़ती मांग ने कई महिलाओं के लिठबिजनेस के नठअवसर खोल दिठहैं। पहले जो केवल अपने रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के लिठअचार और मसाले बनाती थीं, वे अब हर महीने हजारों किलो उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ विदेश à¤à¥‡à¤œ रही हैं। हैदराबाद की 58 वरà¥à¤·à¥€à¤¯ हेमावती बताती हैं कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के लिठगोंगà¥à¤°à¤¾ और आम का अचार बनाना शà¥à¤°à¥‚ किया था, लेकिन फिर उनके दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ ऑरà¥à¤¡à¤° मिलने लगे। अब मैं हर महीने अमेरिका और बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में 500 किलो से अधिक अचार à¤à¥‡à¤œà¤¤à¥€ हूं। चेनà¥à¤¨à¤ˆ की सà¥à¤œà¤¾à¤¤à¤¾ रेडà¥à¤¡à¥€ बताती हैं कि हमारे घर के बने सांबर और रसम पूडी की विदेशों में जबरदसà¥à¤¤ मांग है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें कोई पà¥à¤°à¤¿à¤œà¤¼à¤°à¤µà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µà¥à¤¸ नहीं होते और ये पूरी तरह जैविक होते हैं। अब लंदन के कई सà¥à¤ªà¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤•ेट हमारे उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ रखने लगे हैं।
ऑनलाइन पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¥‰à¤°à¥à¤® पर à¤à¥€ बढ़ी मांग
न सिरà¥à¤« छोटे घरेलू बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड बलà¥à¤•ि बड़े सà¥à¤ªà¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤•ेट और अमेज़न, फà¥à¤²à¤¿à¤ªà¤•ारà¥à¤Ÿ जैसे ऑनलाइन पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¥‰à¤°à¥à¤® à¤à¥€ इन उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में पहà¥à¤‚चा रहे हैं। चेनà¥à¤¨à¤ˆ के बिजनेसमैन वेंकटेश कहते हैं कि पहले हम अपने लोकल मारà¥à¤•ेट में ही बेचते थे लेकिन अब हमारे गà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤• पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में हैं। मांग इतनी बढ़ गई है कि हम अपने बिजनेस का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° करने की योजना बना रहे हैं।
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