जब मैं à¤à¤®à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡à¤® के वैन गॉग संगà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤²à¤¯ में सूरजमà¥à¤–ी, बादाम के फूल और पीले रंग के घर के पास खड़ा था, तो मà¥à¤à¥‡ बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ अंदाजा नहीं था कि मà¥à¤à¥‡ मà¥à¤¶à¥à¤•िलों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन उस समय à¤à¤¸à¤¾ लगा कि जब जीवन आपको नींबू दे, तो नींबू पानी बनाकर पी लेना चाहिà¤à¥¤ जिसका अरà¥à¤¥ ये है कि जीवन में मà¥à¤¶à¥à¤•िल या अपà¥à¤°à¤¿à¤¯ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आà¤à¤‚, तो उनसे सकारातà¥à¤®à¤• सोच के साथ निपटन की कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤ अगले दिन, हम अपने साथियों के साथ बालà¥à¤Ÿà¤¿à¤• सागर पर à¤à¤• कà¥à¤°à¥‚ज पर थे। पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर के इलाज के बाद, पà¥à¤°à¤¦à¥€à¤ª का संकà¥à¤°à¤®à¤£ और à¤à¥€ बदतर हो गया था, और जहाज के डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने हमें सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में जाकर उसकी जांच करवाने के लिठकहा।
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