सीतल कलंटà¥à¤°à¥€
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के कई लोग अपनी पहचान "दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी" के रूप में करते हैं। दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥Œà¤—ोलिक रूप से à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° है, जिसमें बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶, à¤à¥‚टान, à¤à¤¾à¤°à¤¤, मालदीव, नेपाल, पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ और शà¥à¤°à¥€à¤²à¤‚का शामिल हैं। यह कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सांसà¥à¤•ृतिक, à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤ˆ और धारà¥à¤®à¤¿à¤• विविधता को समेटे हà¥à¤ है। इनमें से कà¥à¤› देश à¤à¤•-दूसरे के साथ सीधे सैनà¥à¤¯ संघरà¥à¤· में à¤à¥€ उलà¤à¥‡ हà¥à¤ हैं। इन मतà¤à¥‡à¤¦à¥‹à¤‚ को देखते हà¥à¤, कà¥à¤¯à¤¾ हमें वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के बजाय उस देश के साथ अधिक पहचान बनानी चाहिठजहां से हम आते हैं?
"दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾" शबà¥à¤¦ की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ 1950 के दशक के अंत में हà¥à¤ˆ थी, तब जब पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ नीति निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं ने बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ औपनिवेशिक शासन के बाद सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के उदà¥à¤à¤µ के बाद इसे अपनाया था। हालांकि, इस शबà¥à¤¦ ने संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में बहà¥à¤¤ बाद में लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ हासिल की, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ से आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में आने लगे।
1965 में, अमेरिकी आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ कानूनों को उदार बनाया गया, जिससे दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ में तेजी आई। संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ लोग à¤à¤¾à¤°à¤¤ से हैं। जैसे-जैसे इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ बढ़ती गई, कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के लोगों को खà¥à¤¦ को अनà¥à¤¯ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी समूहों से अलग करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता महसूस हà¥à¤ˆ होगी।
उदाहरण के लिà¤, 1995 में पेंसिलà¥à¤µà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में à¤à¤• कानून के छातà¥à¤° के रूप में मैंने "साउथ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ लॉ सà¥à¤Ÿà¥‚डेंटà¥à¤¸ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨" की सह-सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हमें à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ अमेरिकन लॉ सà¥à¤Ÿà¥‚डेंटà¥à¤¸ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में à¤à¤•-दूसरे के साथ अधिक मजबूत संबंध महसूस हà¥à¤†, जो मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पूरà¥à¤µà¥€ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ से थे ।
पहचान में पीढ़ीगत अंतर
आज, कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के लोगों की पहचान में पीढ़ीगत अंतर महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। पहली पीढ़ी के आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ अकà¥à¤¸à¤° अपनी पहचान अपने मूल देश से जोड़ते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• वरà¥à¤· वहीं बिताठथे और अपनी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ विरासत से गहरा जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ महसूस करते हैं।
हालांकि, दूसरी पीढ़ी के आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ अपनी पहचान "दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी" के रूप में करते हैं। संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में बड़े होने के कारण, वे à¤à¤• विशिषà¥à¤Ÿ दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ देश से कम बंधे हà¥à¤ और अमेरिकी पहचान से अधिक जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ महसूस कर सकते हैं जो संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में उनके अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है। फिर à¤à¥€, दूसरी पीढ़ी के आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¥€ खà¥à¤¦ को पूरी तरह से "अमेरिकी" महसूस नहीं कर सकते हैं। हममें से कई लोगों ने, बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ सà¥à¤•िन लोगों के रूप में, à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ के सूकà¥à¤·à¥à¤® और कà¤à¥€-कà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ट रूपों का अनà¥à¤à¤µ किया है। 9/11 अटैक के बाद सà¤à¥€ दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को निशाना बनाया गया और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संदेह की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से देखा गया। अलगाव और पूरà¥à¤µà¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹ के इस साà¤à¤¾ अनà¥à¤à¤µ ने दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ देशों के लोगों में à¤à¤•ता की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ावा दिया। इसने मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µà¥€ पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ नठगठबंधनों को à¤à¥€ जनà¥à¤® दिया। उदाहरण के लिà¤, विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ परिसरों में अब हम à¤à¤¸à¥‡ संगठन देखते हैं जो दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ और मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µ दोनों के लोगों को à¤à¤• साथ लाते हैं।
à¤à¤•ीकृत पहचान के लाà¤
"दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ" लेबल को अपनाने से वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• लाठà¤à¥€ हैं, विशेष रूप से पेशेवर और राजनीतिक वकालत के लिà¤à¥¤ à¤à¤• साà¤à¤¾ पहचान के तहत à¤à¤•जà¥à¤Ÿ होकर, दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ लोग समानता और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ की लड़ाई में अपनी सामूहिक आवाज को बढ़ा सकते हैं। ये गठबंधन हमें याद दिलाते हैं कि हमें बांटने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•जà¥à¤Ÿ करता है। दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ लोगों के à¤à¤• साथ आने से कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के à¤à¥€à¤¤à¤° शांति और सदà¥à¤à¤¾à¤µ की आशा à¤à¥€ जीवित रहती है। साथ ही, देश-विशिषà¥à¤Ÿ समूहों में संगठित होना उपयोगी हो सकता है, विशेषकर सांसà¥à¤•ृतिक या समà¥à¤¦à¤¾à¤¯-केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯à¥‹à¤‚ के लिà¤à¥¤ सांसà¥à¤•ृतिक संगठन अकà¥à¤¸à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठअपनी अनूठी विरासत को संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने और उसका जशà¥à¤¨ मनाने का à¤à¤• तरीका के रूप में काम करते हैं।
à¤à¤• पहचान चà¥à¤¨à¤¨à¤¾
"दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ" शबà¥à¤¦ à¤à¤•ता के अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है, यह आवशà¥à¤¯à¤• रूप से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ नहीं करता कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को कैसे पहचान करनी चाहिà¤à¥¤ चाहे आप सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को "दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी" या "à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अमेरिकी" कहलाना चाहें, निरà¥à¤£à¤¯ में वह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚बित होना चाहिठजो आपको पà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤• लगता है।
दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से, कà¥à¤› लोग "दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ अमेरिकी" शबà¥à¤¦ को बिना सोचे-समà¤à¥‡ अपना लेते हैं, बिना इस बात पर विचार किठकि उनकी पहचान का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ कà¥à¤¯à¤¾ है। अंततः, हम कैसे पहचान करते हैं यह à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त पसंद है। इन लेबलों के साथ सोच-समà¤à¤•र जà¥à¤¡à¤¼à¤•र, हम उन पहचानों को अपना सकते हैं जो हमारे लिठसारà¥à¤¥à¤• हैं और हमारे विविध अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚बित करती हैं।
(लेखक सिà¤à¤Ÿà¤² विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में राउंडगà¥à¤²à¤¾à¤¸ इंडिया सेंटर के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• निदेशक के साथ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿ डीन और कानून के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ और कानून पर ये दो पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों के साथ 40 से अधिक लेख लिख चà¥à¤•े हैं।)
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