ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ के सिडनी में 37वें ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ सिख खेलों का शानदार समापन हà¥à¤†à¥¤ 18 से 20 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² तक तीन दिन चले इस इवेंट में खेल à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾, संसà¥à¤•ृति और सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ का शानदार मिशà¥à¤°à¤£ देखने को मिला। बास हिल इलाके में हà¥à¤ इन खेलों में हजारों दरà¥à¤¶à¤• और 6000 से अधिक खिलाड़ी शामिल हà¥à¤à¥¤
ये गेमà¥à¤¸ पंजाबी-ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ का à¤à¤• खास हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं, जिनमें फà¥à¤Ÿà¤¬à¥‰à¤², बासà¥à¤•ेटबॉल, कबडà¥à¤¡à¥€, गतका (सिख मारà¥à¤¶à¤² आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸), वॉलीबॉल, रसà¥à¤¸à¤¾à¤•शी, हॉकी, कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ दौड़ और कà¥à¤°à¤¿à¤•ेट जैसी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िताà¤à¤‚ हà¥à¤ˆà¤‚। à¤à¤• खास बात यह रही कि दूसरी पीढ़ी के ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने à¤à¥€ बहà¥à¤¤ उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ और गरà¥à¤µ के साथ इसमें हिसà¥à¤¸à¤¾ लिया।
हमेशा की तरह, कबडà¥à¤¡à¥€ ने दरà¥à¤¶à¤•ों का दिल जीत लिया। इसे अकà¥à¤¸à¤° पंजाबियों का सबसे पसंदीदा खेल माना जाता है। फाइनल मैच में मीरी पीरी सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ कà¥à¤²à¤¬ और वेसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¨ खालसा सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ कà¥à¤²à¤¬ सिडनी के बीच जबरदसà¥à¤¤ मà¥à¤•ाबला हà¥à¤†, जिसमें वेसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¨ खालसा विजयी रहा। मेशी हरखोवाल को सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ रेडर और जगà¥à¤—ा चिटà¥à¤Ÿà¥€ को सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ सà¥à¤Ÿà¥‰à¤ªà¤° का पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार मिला।
खेलों के अलावा, ये गेमà¥à¤¸ à¤à¤• शानदार सांसà¥à¤•ृतिक उतà¥à¤¸à¤µ à¤à¥€ थे। गिदà¥à¤¦à¤¾ और à¤à¤¾à¤‚गड़ा जैसे पारंपरिक नृतà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ को खूब सराहा गया और कला पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने इसमें à¤à¤• अलग ही रंग à¤à¤°à¤¾à¥¤ इवेंट गà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤‚ड के आसपास लगे सà¥à¤Ÿà¥‰à¤²à¥‹à¤‚ ने सिडनी में à¤à¤• मिनी-पंजाब जैसा माहौल बना दिया। यहां पारंपरिक à¤à¥‹à¤œà¤¨ से लेकर हसà¥à¤¤à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¿à¤¤ विरासत की चीजें- जैसे कि चारपाई, सà¥à¤Ÿà¥‚ल और पीसने वाले पतà¥à¤¥à¤° तक सब कà¥à¤› मौजूद था।
आयोजन समिति ने सà¤à¥€ मेहमानों के लिठमà¥à¤«à¥à¤¤ सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ (लंगर), ताजे फल, जूस, चाय, नाशà¥à¤¤à¤¾ और पानी की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ करके बेहतरीन मेहमाननवाजी का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखा। हर किसी को सà¥à¤µà¤¾à¤—त और खास महसूस कराने की पूरी कोशिश की गई।
à¤à¤• औपचारिक समारोह में, ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ सिख गेमà¥à¤¸ का आधिकारिक धà¥à¤µà¤œ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· सरबजीत सिंह ढिलà¥à¤²à¥‹à¤‚ और अनà¥à¤¯ समिति सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को सौंपा गया। औपचारिक रूप से घोषणा की गई कि 38वां ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ सिख गेमà¥à¤¸ अगले साल मेलबरà¥à¤¨ में आयोजित किया जाà¤à¤—ा।
अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· ढिलà¥à¤²à¥‹à¤‚ ने पूरे समà¥à¤¦à¤¾à¤¯, सà¥à¤µà¤¯à¤‚सेवकों और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ियों को धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दिया और सà¤à¥€ को 2026 के गेमà¥à¤¸ में मेलबरà¥à¤¨ आने का नà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¾ दिया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, 'ये गेमà¥à¤¸ सिरà¥à¤« à¤à¤• खेल कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® नहीं हैं, बलà¥à¤•ि हमारी साà¤à¤¾ पहचान और सांसà¥à¤•ृतिक विरासत का जशà¥à¤¨ हैं। हम अगले साल इस सà¥à¤¤à¤° को और ऊपर ले जाने की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं।'
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