à¤à¤¾à¤°à¤¤ और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° वारà¥à¤¤à¤¾à¤à¤‚ अब निरà¥à¤£à¤¾à¤¯à¤• मोड़ पर हैं। अमेरिका के वाणिजà¥à¤¯ सचिव हॉवरà¥à¤¡ लटकनिक ने सोमवार को संकेत दिठकि दोनों देशों के बीच वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ जलà¥à¤¦ ही हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बातचीत सकारातà¥à¤®à¤• दिशा में बढ़ रही है।
वॉशिंगटन में आयोजित US-India Strategic Partnership Forum के सालाना शिखर समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में लटकनिक ने कहा, "आपको निकट à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ और अमेरिका के बीच à¤à¤• समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करनी चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हमें à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ बिंदॠमिल गया है जो दोनों देशों के लिठफायदेमंद है।" उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सोशल मीडिया पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¥‰à¤°à¥à¤® X पर à¤à¥€ à¤à¤• वीडियो पोसà¥à¤Ÿ कर कहा, “à¤à¤¾à¤°à¤¤ और अमेरिका के बीच संबंध शानदार हैं। मà¥à¤à¥‡ उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि जलà¥à¤¦ ही à¤à¤¸à¤¾ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ होगा जो दोनों देशों के लिठलाà¤à¤•ारी होगा।”
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टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ ने तय की डेडलाइन
रॉयटरà¥à¤¸ की रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, अमेरिका के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª की अगà¥à¤µà¤¾à¤ˆ में पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ ने 9 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ तक कई वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ अंतिम रूप देने का लकà¥à¤·à¥à¤¯ रखा है। इसके तहत सà¤à¥€ साà¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° देशों से उनके "सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ" बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° तक मांगे गठहैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ का रà¥à¤–
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के वाणिजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने समयसीमा पर कोई टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ नहीं की है, लेकिन à¤à¤¾à¤°à¤¤ की ओर से अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे मà¥à¤–à¥à¤¯ वारà¥à¤¤à¤¾à¤•ार राजेश अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² ने कहा है कि चरà¥à¤šà¤¾ "सकारातà¥à¤®à¤• ढंग से आगे बढ़ रही है" और जलà¥à¤¦ à¤à¤• "अचà¥à¤›à¤¾ परिणाम" सामने आ सकता है।
अगले कदम कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
5-6 जून को à¤à¤• अमेरिकी वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤®à¤‚डल à¤à¤¾à¤°à¤¤ आà¤à¤—ा।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ टीम अपà¥à¤°à¥ˆà¤² में वॉशिंगटन गई थी और केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ वाणिजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ पीयूष गोयल ने à¤à¥€ हाल ही में अमेरिका दौरा किया था।
अमेरिका की मांगें
लटकनिक ने बताया कि अमेरिका à¤à¤¾à¤°à¤¤ से कृषि उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ पर कम टैरिफ, अमेरिकी कंपनियों को बाजार में बेहतर पहà¥à¤‚च, और रकà¥à¤·à¤¾ उपकरणों की अधिक खरीद चाहता है, ताकि वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° घाटा कम किया जा सके। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ कहा कि अमेरिका à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ को à¤à¥€ अधिक पहà¥à¤‚च देने को तैयार है। लेकिन à¤à¤¾à¤°à¤¤ पर "बहà¥à¤¤ अधिक संरकà¥à¤·à¤£à¤µà¤¾à¤¦" का आरोप लगाते हà¥à¤ कहा, "à¤à¤¾à¤°à¤¤ कà¥à¤› उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ पर 100% तक टैरिफ लगाता है। हम चाहते हैं कि हमारी कंपनियों को वाजिब बाजार पहà¥à¤‚च मिले।"
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