अपने हर महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¾à¤·à¤£ में डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° कमला हैरिस सबसे पहले à¤à¤• खास महिला का जिकà¥à¤° जरूर करती हैं। वह हैं उनकी मां शà¥à¤¯à¤¾à¤®à¤²à¤¾ गोपालन, जो à¤à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• थीं और à¤à¤¾à¤°à¤¤ से अमेरिका आई थीं। ये कहानियां सिरà¥à¤« उनकी जिंदगी की कहानी समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठनहीं हैं, बलà¥à¤•ि उपराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ को फेमिनिजà¥à¤® और नसà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¦ के बारे में बात करने में मदद करती हैं, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस रेस में अपनी पहचान को मà¥à¤–à¥à¤¯ विषय नहीं बनाया है।
हैरिस ने अगसà¥à¤¤ में डेमोकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• नेशनल कनà¥à¤µà¥‡à¤‚शन में कहा था, ‘मेरी मां à¤à¤• बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨, पांच फà¥à¤Ÿ लंबी, à¤à¥‚री महिला थीं, जिनके पास जीने का à¤à¤• अलग अंदाज था। बड़ी बेटी होने के नाते मैंने देखा कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कà¤à¥€-कà¤à¥€ उनके साथ कैसे पेश आती थी।’ इस à¤à¤¾à¤·à¤£ में, जो पारà¥à¤Ÿà¥€ की आधिकारिक राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° के रूप में उनका पहला à¤à¤¾à¤·à¤£ था। हैरिस ने शà¥à¤¯à¤¾à¤®à¤²à¤¾ गोपालन की यातà¥à¤°à¤¾ का विवरण दिया, जो 19 साल की उमà¥à¤° में अपनी मातृà¤à¥‚मि छोड़कर कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में मासà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ की डिगà¥à¤°à¥€ करने आई थीं।
उनकी मां बाद में à¤à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर शोधकरà¥à¤¤à¤¾ बनीं, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस बीमारी के इलाज के विकास में योगदान दिया। इस हफà¥à¤¤à¥‡ वॉशिंगटन में, जब हैरिस अमेरिकी राजधानी के केंदà¥à¤° में हजारों समरà¥à¤¥à¤•ों के सामने बोल रही थीं, तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जिकà¥à¤° अपनी मां का किया। उपराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ अपनी मां के अमेरिकी अनà¥à¤à¤µ के बारे में à¤à¤• कलर महिला के रूप में बात करती हैं। à¤à¤• विषय जिसके बारे में वह अपनी जिंदगी से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ वाले विषय के रूप में शायद ही कà¤à¥€ बात करती हों।
हैरिस कà¤à¥€ इस बात का जिकà¥à¤° नहीं करतीं कि अगर वह चà¥à¤¨à¤¾à¤µ जीतती हैं, तो वह अमेरिका की पहली महिला राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ बनेंगी, साथ ही ओवल ऑफिस में पहली बà¥à¤²à¥ˆà¤• महिला और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ वंश की शखà¥à¤¸ होंगी।
नà¥à¤¯à¥‚ जरà¥à¤¸à¥€ रटगरà¥à¤¸ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ में सेंटर फॉर अमेरिकन वà¥à¤®à¤¨ à¤à¤‚ड पॉलिटिकà¥à¤¸ की डायरेकà¥à¤Ÿà¤° डेबà¥à¤¬à¥€ वालà¥à¤¶ का कहना है कि हैरिस की तरफ से इन संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• पल का जिकà¥à¤° न करना à¤à¤• जानबूà¤à¤•र किया गया चà¥à¤¨à¤¾à¤µ है। वालà¥à¤¶ का कहना है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उन लोगों को विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ दिलाना है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 'विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ दिलाने' की जरूरत है कि à¤à¤• महिला यह काम कर सकती है और मजबूत हो सकती हैं। लेकिन ‘नसà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¦ है, लिंगवाद है, यह सब मौजूद है। और वह à¤à¤¸à¤¾ कह नहीं सकती जैसे कि यह मौजूद नहीं है। इसलिठअपनी मां के बारे में बात करना उनके लिठइसे अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने का à¤à¤• तरीका है।’
गोपालन की मà¥à¤²à¤¾à¤•ात 1960 के दशक की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में जमैका से आठडोनालà¥à¤¡ हैरिस से यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ ऑफ कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, बरà¥à¤•ले में हà¥à¤ˆ थी, जहां वह अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° पढ़ने आठथे। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•-दूसरे से नागरिक अधिकार आंदोलन के बीच में पà¥à¤¯à¤¾à¤° हà¥à¤†à¥¤ कमला हैरिस, जिनका जनà¥à¤® 1964 में हà¥à¤† था, को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤° में रखकर मारà¥à¤š में ले जाया जाता था। जब हैरिस पांच साल की थीं, तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया। हैरिस और उनकी बहन माया का पालन-पोषण मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से उनकी मां ने किया। हैरिस ने कहा, हमें सिखाया गया कि अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के बारे में कà¤à¥€ शिकायत न करें, बलà¥à¤•ि इसके लिठकà¥à¤› करें।
हैरिस ने अपने बचपन की कहानियों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² वोटरों से à¤à¤• जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त संबंध बनाने के लिठकिया है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जोर देकर कहा है कि वह मधà¥à¤¯ वरà¥à¤— के परिवारों के लिठकाम करेंगी जो उनके खà¥à¤¦ के पालन-पोषण को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। हैरिस अकà¥à¤¸à¤° इस बारे में बात करती हैं कि उनकी मां कई घंटे काम करती थीं। और फिर रात में देर से चाय पीते हà¥à¤ उनके सामने बिलों का ढेर होता था। हैरिस कहती हैं, उनकी मां गोपालन का बजट बहà¥à¤¤ सखà¥à¤¤ था। और वह पहला घर खरीदने के लिठबचत पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देती थीं। उपराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ ने अपनी बीमार मां की देखà¤à¤¾à¤² करने के बारे में à¤à¥€ बात की है, खाना बनाना और वो कपड़े चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ जो उनकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को परेशान न करें। गोपालन की 2009 में कोलन कैंसर से लड़ाई के बाद मौत हो गई।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login