अमेरिका की सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने 27 जून को à¤à¤• बड़ा फैसला सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ निचली अदालतों की उस शकà¥à¤¤à¤¿ को सीमित कर दिया, जिसके तहत वे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ रोक (nationwide injunction) लगा सकती थीं। यह फैसला सीधे तौर पर पूरà¥à¤µ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के उस कारà¥à¤¯à¤•ारी आदेश को आगे बढ़ने का रासà¥à¤¤à¤¾ देता है, जो अमेरिका में जनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को नागरिकता देने की परंपरा (Birthright Citizenship) को समापà¥à¤¤ करना चाहता है, यदि उनके माता-पिता अवैध या असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ वीज़ा पर अमेरिका में रह रहे हों।
हालांकि कोरà¥à¤Ÿ ने इस आदेश की संवैधानिकता पर कोई टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ नहीं की, लेकिन यह फैसला टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª की नीतियों को कà¥à¤› राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में लागू होने की इजाज़त दे सकता है—वो à¤à¥€ महज़ 30 दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤°à¥¤
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à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯-अमेरिकी और à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ संगठनों की तीखी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
इस फैसले पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हà¥à¤ Indian American Impact के कारà¥à¤¯à¤•ारी निदेशक चिंतन पटेल ने कहा, “यह निरà¥à¤£à¤¯ लोकतंतà¥à¤° और कानून के शासन पर सीधा हमला है। सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª को à¤à¤¸à¤¾ हथियार दे दिया है जिससे वो अपने कटà¥à¤Ÿà¤°à¤ªà¤‚थी और विरोधी पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤œà¥‡à¤‚डे को और आगे बढ़ा सकेगा।” उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चेताया कि यह फैसला देश à¤à¤° में दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ परिवारों के लिठअनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤¤à¤¾ का कारण बनेगा—यह साफ नहीं रहेगा कि कà¥à¤¯à¤¾ उनके अमेरिका में जनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ नागरिक माने जाà¤à¤‚गे या नहीं।
वहीं, Stop AAPI Hate ने इस फैसले को “बराबरी के अधिकारों की लड़ाई में खतरनाक गिरावट” करार दिया। संगठन की सह-संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• सिंथिया चोई ने कहा, “यह टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ की रंगà¤à¥‡à¤¦à¤•ारी नीतियों का हिसà¥à¤¸à¤¾ है, जिसका मकसद अमेरिका में रंगीन और आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ को हाशिठपर डालना और उनकी राजनीतिक शकà¥à¤¤à¤¿ को पीढ़ियों तक कमज़ोर करना है।”
बरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿ सिटिज़नशिप खतरे में
सिंथिया चोई ने आगे कहा, “यह फैसला न केवल à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ-अमेरिकी परिवारों के à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के लिठखतरा है, बलà¥à¤•ि यह सवाल खड़ा करता है कि कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ परिवार और रंगà¤à¥‡à¤¦à¥€ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ वाकई इस देश के ताने-बाने का हिसà¥à¤¸à¤¾ माने जाते हैं।” उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चेताया कि अब à¤à¤¸à¤¾ वरà¥à¤— उà¤à¤° सकता है जो न तो अमेरिका का नागरिक होगा, न किसी और देश का—à¤à¤• "Stateless Population", जो शिकà¥à¤·à¤¾, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ जैसी बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं से वंचित रह सकता है और कà¤à¥€ à¤à¥€ निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª का कारà¥à¤¯à¤•ारी आदेश
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª का आदेश कहता है कि यदि किसी बचà¥à¤šà¥‡ के माता-पिता अमेरिका में अवैध रूप से या असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ वीज़ा पर रह रहे हैं, तो उस बचà¥à¤šà¥‡ को अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलनी चाहिगeven if born on U.S. soil. यह आदेश 14वें संविधान संशोधन के मूल सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों पर सवाल उठाता है।
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