अमेरिका में रिपबà¥à¤²à¤¿à¤•न पारà¥à¤Ÿà¥€ के दो बड़े नेताओं ने राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª से पांच देशों- à¤à¤¾à¤°à¤¤, थाईलैंड, वियतनाम, चीन और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ से आने वाले चावल पर 100% तक का टैरिफ लगाने की गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¿à¤¶ की है। सांसद कà¥à¤²à¥‡ हिगिंस और जूलिया लेटलो ने टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª को à¤à¤• पतà¥à¤° में लिखा है। इसमें कहा है कि इन देशों से आने वाले चावल की वजह से अमेरिका के मिड-साउथ और कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के चावल मिलों को बहà¥à¤¤ नà¥à¤•सान हà¥à¤† है। चावल के दाम à¤à¥€ बहà¥à¤¤ गिर गठहैं। ये आयात अमेरिकी चावल मिलों के लिठबिलकà¥à¤² घातक साबित हà¥à¤† है।
ये खत 13 फरवरी को लिखा गया था और मंगलवार को पबà¥à¤²à¤¿à¤• किया गया। दोनों सांसद चावल उगाने वाले लà¥à¤‡à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨à¤¾ राजà¥à¤¯ से हैं। हिगिंस और जूलिया ने अपने खत में लिखा है कि अमेरिकी चावल किसान और मिल मालिक अपनी आरà¥à¤¥à¤¿à¤• तरकà¥à¤•ी और सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ के लिठà¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ पर निरà¥à¤à¤° हैं। लेकिन गैर-कानूनी वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤• चालों की वजह से दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में चावल के दाम इतने नीचे आ गठहैं कि अमेरिका मà¥à¤•ाबला ही नहीं कर पा रहा है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª से कहा, 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने हाल ही में नॉन-बासमती चावल के à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ पर लगी पाबंदी हटा दी है जिससे दाम और à¤à¥€ गिर गठहैं और अमेरिकी चावल का à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ और मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो गया है।' हिगिंस और लेटलो ने टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª से गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¿à¤¶ की, 'जब तक ये देश कानूनी और निषà¥à¤ªà¤•à¥à¤· वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° नहीं करते, हम आपसे विनती करते हैं कि आप अपने पास मौजूद सà¤à¥€ तरीकों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। इनमें à¤à¤¾à¤°à¤¤, थाईलैंड, चीन, पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ और वियतनाम से आने वाले चावल पर 100% तक का टैरिफ लगाना à¤à¥€ शामिल है। इससे अमेरिकी चावल किसानों और पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¤°à¥à¤¸ को सही तरीके से मà¥à¤•ाबला करने में मदद मिलेगी।'
अपने खत में हिगिंस और लेटलो ने टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के उन पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ की तारीफ की जिनसे अमेरिकी अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ मजबूत हà¥à¤ˆ है। उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ी है और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के देशों के साथ कानूनी और निषà¥à¤ªà¤•à¥à¤· वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हà¥à¤† है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने लिखा, 'जैसे ही आप दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के नेताओं से मिलते हैं और अमेरिकी उदà¥à¤¯à¥‹à¤—ों के लिठसमान अवसर सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठबातचीत करते हैं, कृपया लà¥à¤‡à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨à¤¾ की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की जान, कृषि, सीफूड, लकड़ी और अनà¥à¤¯ उदà¥à¤¯à¥‹à¤—ों को à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें।'
20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ के रूप में शपथ लेने के बाद टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª अब तक चार विशà¥à¤µ नेताओं से मिल चà¥à¤•े हैं। इनमें इजराइल के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बेंजामिन नेतनà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥‚, जापान के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शिगेरॠइशिबा, जॉरà¥à¤¡à¤¨ के राजा अबà¥à¤¦à¥à¤²à¥à¤²à¤¾ और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी शामिल हैं।
इस महीने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में USA Rice के बोरà¥à¤¡ ऑफ डायरेकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ के सदसà¥à¤¯ जेनिफर जेमà¥à¤¸ ने कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की à¤à¤• सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ में सांसदों को बताया कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ अपने चावल उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤•ों को 90% से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सबà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥€ देता है। इसकी वजह से वह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में चावल कृतà¥à¤°à¤¿à¤® रूप से कम दामों पर बेच रहा है। जेमà¥à¤¸ ने सीनेट à¤à¤—à¥à¤°à¥€à¤•लà¥à¤šà¤°, नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ और फॉरेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ कमिटी के सामने अपनी कहा, 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ अपने चावल उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤•ों को 90% से अधिक सबà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥€ देता है, जिससे à¤à¤¾à¤°à¤¤ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बाजार में चावल को कम दामों पर बेच पाता है। इससे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में चावल के दाम कम हो रहे हैं और अमेरिकी चावल के निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ पर असर पड़ रहा है।'
USA Rice अमेरिका में चावल उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤•ों का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ संगठन है। अमेरिकी चावल उदà¥à¤¯à¥‹à¤— हर साल 20 अरब पाउंड चावल का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है। पूरे देश में 5,563 चावल किसान हैं जो कà¥à¤² मिलाकर 28 लाख à¤à¤•ड़ में चावल उगाते हैं। छह पà¥à¤°à¤®à¥à¤– चावल उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤• राजà¥à¤¯ अरà¥à¤•ांसस, कैलिफोरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, लà¥à¤‡à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨à¤¾, मिसिसिपी, मिसौरी और टेकà¥à¤¸à¤¾à¤¸ हैं।
5 फरवरी को कृषि अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पर गवाही देते हà¥à¤ जेमà¥à¤¸ ने आरोप लगाया कि खास वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤• रणनीति ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ को दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे बड़ा चावल निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¤• बनने में मदद की है। उसके पास विशà¥à¤µ बाजार का 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ हिसà¥à¤¸à¤¾ है और अमेरिकी चावल के निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ को दबा रहा है। USA Rice के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, अमेरिकी चावल उदà¥à¤¯à¥‹à¤— हर साल देश की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में 34 अरब डॉलर से अधिक का योगदान और 125,000 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों को रोजगार देता है।
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