जैसे ही सूरà¥à¤¯ गंगा के अपनी तरंगें बिखेरता है हवा धूप की सà¥à¤—ंध और मंतà¥à¤°à¥‹à¤šà¥à¤šà¤¾à¤° से घनी हो जाती है। मैं जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ की गहरी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को महसूस करने से खà¥à¤¦ को रोक नहीं सका। न केवल उन आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ के साथ, जहां हम जा रहे थे, बलà¥à¤•ि उन लोगों के साथ à¤à¥€ जो जीवन में à¤à¤• बार की इस यातà¥à¤°à¤¾ में मेरे साथ शामिल हà¥à¤ थे। मेरे परिवार और दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के साथ मेरी कà¥à¤‚ठमेला यातà¥à¤°à¤¾ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ अनà¥à¤à¤µ था जो उन सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की पवितà¥à¤°à¤¤à¤¾ से कहीं अधिक था जहां हम गठथे। यह à¤à¤•जà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾, आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता और अविसà¥à¤®à¤°à¤£à¥€à¤¯ कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का उतà¥à¤¸à¤µ बन गया।
यातà¥à¤°à¤¾ का पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठ: अयोधà¥à¤¯à¤¾ और चितà¥à¤°à¤•ूट
हमारा पहला पड़ाव अयोधà¥à¤¯à¤¾ और चितà¥à¤°à¤•ूट के à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• शहर थे। à¤à¤—वान राम की जनà¥à¤®à¤¸à¥à¤¥à¤²à¥€ अयोधà¥à¤¯à¤¾ जितनी शांत थी उतनी ही शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ à¤à¥€à¥¤ घाटों पर चलते हà¥à¤, आसपास की पवितà¥à¤°à¤¤à¤¾ का आनंद लेते हà¥à¤ हमने खà¥à¤¦ को सदियों के इतिहास और à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ में डूबा हà¥à¤† पाया। अपने शांत परिदृशà¥à¤¯à¥‹à¤‚ और गहन आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• महतà¥à¤µ के साथ, चितà¥à¤°à¤•ूट, अयोधà¥à¤¯à¤¾ के लिठà¤à¤• आदरà¥à¤¶ पूरक है, जो हमें चिंतन के लिठà¤à¤• शांत सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
अयोधà¥à¤¯à¤¾ में सबसे सारà¥à¤¥à¤• अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• था मंदिरों की यातà¥à¤°à¤¾ करना और à¤à¤• परिवार के रूप में à¤à¤• साथ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करना। यह हमारी साà¤à¤¾ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• यातà¥à¤°à¤¾ की याद दिलाता था और परंपरा और विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ की शकà¥à¤¤à¤¿ पर चिंतन का कà¥à¤·à¤£ था।
आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• धड़कन : पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज और काशी
इसके बाद हमने पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज (इलाहाबाद) की यातà¥à¤°à¤¾ की जहां कà¥à¤‚ठमेले के दौरान यमà¥à¤¨à¤¾ और गंगा नदियों का पवितà¥à¤° संगम दिवà¥à¤¯ शकà¥à¤¤à¤¿ का सà¥à¤¥à¤² बन जाता है। हमने पवितà¥à¤° जल में सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ के पवितà¥à¤° अनà¥à¤·à¥à¤ ान में à¤à¤¾à¤— लिया, à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ अनà¥à¤·à¥à¤ ान जो शरीर और आतà¥à¤®à¤¾ को शà¥à¤¦à¥à¤§ करता है। यह à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ अनà¥à¤à¤µ था जिसने मà¥à¤à¥‡ ईशà¥à¤µà¤° और मेरे आस-पास के लोगों के करीब महसूस कराया। इस पल को परिवार और दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के साथ साà¤à¤¾ करना वाकई खास था।
पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज से हमने à¤à¤¾à¤°à¤¤ की आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• राजधानी वाराणसी या काशी की ओर पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨ किया। काशी à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ जगह थी जहां समय मानो ठहर सा जाता था। घाट, नदी पर धीरे-धीरे बहती नावें, बाजारों की हलचल और मंदिर की घंटियों की गूंज ने कालातीतता की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पैदा की। इसका वरà¥à¤£à¤¨ करना कठिन है। हमने पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ काशी विशà¥à¤µà¤¨à¤¾à¤¥ मंदिर का दौरा किया, जो à¤à¤—वान शिव को समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ सबसे पवितà¥à¤° मंदिरों में से à¤à¤• है और दशाशà¥à¤µà¤®à¥‡à¤§ घाट पर शाम की आरती में à¤à¤¾à¤— लिया। à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ अनà¥à¤à¤µ जिसने हम सà¤à¥€ को शहर में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ से आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤šà¤•ित कर दिया।
कà¥à¤‚ठमें डà¥à¤¬à¤•ी
निसà¥à¤¸à¤‚देह यातà¥à¤°à¤¾ का मà¥à¤–à¥à¤¯ आकरà¥à¤·à¤£ कà¥à¤‚ठके पवितà¥à¤° जल में डà¥à¤¬à¤•ी लगाना था। कà¥à¤‚ठमेला सिरà¥à¤« लाखों लोगों का जमावड़ा नहीं है यह à¤à¤• आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• यातà¥à¤°à¤¾ है जहां दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° से à¤à¤•à¥à¤¤ मोकà¥à¤· और आंतरिक शांति की तलाश में अपने पाप धोने आते हैं। जब हम नदी के तट पर à¤à¤• साथ खड़े थे और सूरà¥à¤¯à¥‹à¤¦à¤¯ देख रहे थे तथा महसूस कर रहे थे कि पवितà¥à¤° जल हमें शà¥à¤¦à¥à¤§ कर रहा है तब à¤à¤•ता की जबरदसà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ थी। परमातà¥à¤®à¤¾ के साथ और हमारे आस-पास के सà¤à¥€ लोगों के साथ।
à¤à¥‹à¤œà¤¨, आराम और साथ में यातà¥à¤°à¤¾ करने का आनंद
हमारी पूरी यातà¥à¤°à¤¾ के दौरान यातà¥à¤°à¤¾ समनà¥à¤µà¤¯à¤•ों ने यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ किया कि हमारा अचà¥à¤›à¥€ तरह से खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखा जाà¤à¥¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ अदà¥à¤à¥à¤¤ से कम नहीं था। ताजा, सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ और आरामदायक। हमने हर पड़ाव पर सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ वà¥à¤¯à¤‚जनों का आनंद लिया। पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज की समृदà¥à¤§ मिठाइयों से लेकर काशी की मसालेदार चाट तक।
आवास à¤à¥€ उतने ही असाधारण थे, जो आराम और सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ का उतà¥à¤¤à¤® संतà¥à¤²à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते थे। मंदिरों और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ की खोज के लंबे दिनों के बाद, हम आरामदायक कमरों में आराम कर सकते हैं, तरोताजा हो सकते हैं और अगले दिन के रोमांच के लिठतैयार हो सकते हैं। यह पवितà¥à¤° यातà¥à¤°à¤¾ में आराम और तलà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¤à¤¾ का à¤à¤•दम सही मिशà¥à¤°à¤£ था।
सचà¥à¤šà¤¾ खजाना : पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के साथ यादें कायम करना
हालांकि यह यातà¥à¤°à¤¾ पवितà¥à¤° सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की यातà¥à¤°à¤¾ करने और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• अनà¥à¤·à¥à¤ ानों का अनà¥à¤à¤µ करने के बारे में थी लेकिन सचà¥à¤šà¤¾ खजाना वे यादें थीं जो हमने उन सà¤à¥€ लोगों के साथ बनाई थीं जो हमारे साथ शामिल हà¥à¤ थे। हम हंसे, कहानियां साà¤à¤¾ कीं और à¤à¤¸à¥‡ बंधन में बंधे जिसकी मà¥à¤à¥‡ उमà¥à¤®à¥€à¤¦ नहीं थी। रासà¥à¤¤à¥‡ में मà¥à¤à¥‡ बहà¥à¤¤ सारे अदà¥à¤à¥à¤¤ लोग मिले। साथी यातà¥à¤°à¥€ जो दोसà¥à¤¤ बन गà¤, और दोसà¥à¤¤ जो परिवार बन गà¤à¥¤
जीवन के बारे में देर रात की बातचीत से लेकर नदी के किनारे शांत पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब के कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ तक इस यातà¥à¤°à¤¾ ने मेरे दिल पर à¤à¤• अमिट छाप छोड़ी है। मैं पहले से ही à¤à¤• साथ हमारी अगली यातà¥à¤°à¤¾ का इंतजार कर रहा हूं, जहां मà¥à¤à¥‡ पता है कि हम और à¤à¥€ अधिक अविसà¥à¤®à¤°à¤£à¥€à¤¯ यादें बनाà¤à¤‚गे। कà¥à¤‚ठमेला यातà¥à¤°à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ की शकà¥à¤¤à¤¿, साà¤à¤¾ अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ की सà¥à¤‚दरता और पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ के साथ यातà¥à¤°à¤¾ की खà¥à¤¶à¥€ की याद दिलाती थी। अगली साहसिक यातà¥à¤°à¤¾ तक...
(लेखक इंडिया हेरिटेज फाउंडेशन, मिलपिटास के कृषà¥à¤£ बलराम मंदिर के सदसà¥à¤¯ हैं)
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