सामानà¥à¤¯ तौर पर हवाई दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤“ं के बारे में बहà¥à¤¤ कà¥à¤› कहा और लिखा गया है। हाल ही में अहमदाबाद से गैटविक (लंदन) जाने वाली उड़ान AI 171 की दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ के बारे में विशेष रूप से। इस उड़ान में 169 à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯, 53 बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ और सात पà¥à¤°à¥à¤¤à¤—ाली नागरिक सवार थे। साथ ही à¤à¤• अकेली कनाडाई (à¤à¤• महिला दंत चिकितà¥à¤¸à¤•) à¤à¥€ थी। यह विमान, बोइंग 787-8 डà¥à¤°à¥€à¤®à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¤° अहमदाबाद अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ से उड़ान à¤à¤°à¤¨à¥‡ के कà¥à¤› ही मिनटों बाद दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो गया। सिवाय à¤à¤• शखà¥à¤¸ के कोई नहीं बचा।
à¤à¤µà¤¿à¤à¤¶à¤¨ सेफà¥à¤Ÿà¥€ नेटवरà¥à¤• डेटाबेस के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यह बोइंग 787 विमान की पहली दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ थी। केवल à¤à¤¾à¤°à¤¤ की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ धà¥à¤µà¤œà¤µà¤¾à¤¹à¤• à¤à¤¯à¤° इंडिया ही नहीं है, जिसके बेड़े में बोइंग 787-8 डà¥à¤°à¥€à¤®à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¤° हैं; à¤à¤¯à¤° कनाडा के बेड़े में आठबोइंग 787-8 विमान और 32 बोइंग 787-9 डà¥à¤°à¥€à¤®à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¤° हैं। à¤à¤• अनà¥à¤¯ कनाडाई वाहक, वेसà¥à¤Ÿà¤œà¥‡à¤Ÿ के बेड़े में सात बोइंग 787-9 डà¥à¤°à¥€à¤®à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¤° हैं।
संयोग से, दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¯à¤° इंडिया डà¥à¤°à¥€à¤®à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¤° अहमदाबाद से उड़ा, जो अडानी à¤à¤¯à¤°à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ होलà¥à¤¡à¤¿à¤‚गà¥à¤¸ लिमिटेड (AAHL) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संचालित आठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ हवाई अडà¥à¤¡à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। हाल ही में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विमानन उदà¥à¤¯à¥‹à¤— सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤•-निजी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की ओर तेज़ी से आगे बढ़ा है। ये न केवल हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ हैं, बलà¥à¤•ि à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¥‡à¤‚ à¤à¥€ हैं जिनके पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन और नियंतà¥à¤°à¤£ में बदलाव देखा गया है। à¤à¤¯à¤° इंडिया का अधिगà¥à¤°à¤¹à¤£ 2022 में टाटा समूह ने किया था। हालांकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में नागरिक विमानन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° ने अà¤à¥‚तपूरà¥à¤µ वृदà¥à¤§à¤¿ देखी है, लेकिन सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ से कई बार समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ किया गया है।
अपà¥à¤°à¥ˆà¤² की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में à¤à¤¯à¤° इंडिया के à¤à¤• होनहार पायलट की मौत ने राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नियोजित पायलटों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के बारे में à¤à¤• जीवंत बहस को गति दी है। कà¥à¤¯à¤¾ फà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ डà¥à¤¯à¥‚टी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के लागू न होने के कारण कैपà¥à¤Ÿà¤¨ अरमान सिंह चौधरी का होनहार करियर खतà¥à¤® हो गया?
à¤à¤¯à¤° इंडिया à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ के पायलट कैपà¥à¤Ÿà¤¨ अरमान सिंह चौधरी की शà¥à¤°à¥€à¤¨à¤—र-दिलà¥à¤²à¥€ फà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ में उतरने के तà¥à¤°à¤‚त बाद दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। उनकी मौत अपनी तरह की à¤à¤• अकेली घटना नहीं थी। à¤à¤¸à¥‡ कई उदाहरण हैं जब पायलट डà¥à¤¯à¥‚टी के दौरान संकट में मर गà¤à¥¤
अगसà¥à¤¤ 2023 में, इंडिगो के à¤à¤• पायलट मनोज बालासà¥à¤¬à¥à¤°à¤®à¤£à¥à¤¯à¤® नागपà¥à¤° हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ पर डà¥à¤¯à¥‚टी के दौरान बेहोश हो गठऔर कà¥à¤› ही देर बाद उनकी मौत हो गई। इंडिगो à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤‚स ने 17 अगसà¥à¤¤, 2023 को à¤à¤• बयान में कहा कि नागपà¥à¤° हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ पर उनकी तबीयत खराब हो गई और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² ले जाया गया, जहां दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से उनकी मौत हो गई।
हवाई दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤“ं का à¤à¤• बड़ा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ 'मानवीय कारकों' या मानवीय विफलताओं को जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° ठहराया जाता है। निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ समय से अधिक उड़ान à¤à¤°à¤¨à¥‡ वाले पायलटों पर 'थकान' या 'अतिà¤à¤¾à¤°' à¤à¥€ हवाई दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤“ं का समान रूप से महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारण है।
पायलटों की मौतें लंबे समय से चिंताजनक संकेत दे रही हैं। दिलचसà¥à¤ª बात यह है कि बेहद कम पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की à¤à¤¸à¥€ 'अपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक मौतों' पर बहà¥à¤¤ कम या कोई गंà¤à¥€à¤° धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया जाता। विमानन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में यह सवाल पूछा जा रहा है कि संघीय विमानन पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ (FAA) और यूरोपीय संघ विमानन सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ à¤à¤œà¥‡à¤‚सी (EASA) के मानकों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° FDTL नियमों के कारà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¯à¤¨ न होने के कारण कितने पायलटों की जान चली गई है?
मौजूदा नियमों के तहत, à¤à¤• वाणिजà¥à¤¯à¤¿à¤• पायलट को सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में 35 घंटे से अधिक यातà¥à¤°à¤¾ नहीं करनी चाहिà¤à¥¤ लेकिन राजसà¥à¤µ के लिठदीवानी पागल à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¥‡à¤‚ FDTL नियमों का उलà¥à¤²à¤‚घन करके अपने परिचालन का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° कर रही हैं। हवाई अडà¥à¤¡à¥‹à¤‚ के संचालन, पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन और विकास के लिठही नहीं बलà¥à¤•ि हवाई यातà¥à¤°à¤¾ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और संरकà¥à¤·à¤¾ जैसे संवेदनशील मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ निजी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के बढ़ते नियंतà¥à¤°à¤£ पर उंगलियां उठाई गई हैं।
कà¥à¤› बड़े खिलाड़ियों के पास पहले से ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हवाई अडà¥à¤¡à¥‹à¤‚ पर परिचालन मोड में अपनी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ टीमें हैं जो आम तौर पर निजी खिलाड़ियों के संचालन, पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन और रखरखाव नियंतà¥à¤°à¤£ के अधीन हैं। अरà¥à¤§à¤¸à¥ˆà¤¨à¤¿à¤• बलों सहित राजà¥à¤¯ à¤à¤œà¥‡à¤‚सियों की à¤à¥‚मिका हाशिठपर है।
अपनी वेबसाइट के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अडानी समूह (AAHL) का दावा है कि उसने छह हवाई अडà¥à¤¡à¥‹à¤‚: अहमदाबाद, लखनऊ, मैंगलोर, जयपà¥à¤°, गà¥à¤µà¤¾à¤¹à¤¾à¤Ÿà¥€ और तिरà¥à¤µà¤¨à¤‚तपà¥à¤°à¤® के संचालन, पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन और विकास के लिठसबसे अधिक बोली लगाने वाले के रूप में उà¤à¤°à¤•र हवाई अडà¥à¤¡à¥‡ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में अपना पहला उदà¥à¤¯à¤® बनाया है। इसने सà¤à¥€ छह हवाई अडà¥à¤¡à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विमानपतà¥à¤¤à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤§à¤¿à¤•रण के साथ रियायत समà¤à¥Œà¤¤à¥‹à¤‚ पर हसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° किठहैं।
AAHL के पास मà¥à¤‚बई इंटरनेशनल à¤à¤¯à¤°à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ लिमिटेड में 73% हिसà¥à¤¸à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥€ है, जिसके बदले में नवी मà¥à¤‚बई इंटरनेशनल à¤à¤¯à¤°à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ लिमिटेड में 74% हिसà¥à¤¸à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है। अपने पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन और विकास पोरà¥à¤Ÿà¤«à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¥‹ में आठहवाई अडà¥à¤¡à¥‹à¤‚ के साथ AAHL à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सबसे बड़ी हवाई अडà¥à¤¡à¤¾ अवसंरचना कंपनी है, जो यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ का 25% और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के हवाई माल यातायात का 33% हिसà¥à¤¸à¤¾ है।
à¤à¤¯à¤° इंडिया à¤à¤¾à¤°à¤¤ की धà¥à¤µà¤œà¤µà¤¾à¤¹à¤• कंपनी है। इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ केंदà¥à¤° दिलà¥à¤²à¥€ में इंदिरा गांधी अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ हवाई अडà¥à¤¡à¤¾ है और दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯à¤• केंदà¥à¤° बेंगलà¥à¤°à¥ में केमà¥à¤ªà¥‡ गौड़ा अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ हवाई अडà¥à¤¡à¤¾ और छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ हवाई अडà¥à¤¡à¤¾ हैं। साथ ही à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤° के कई फोकस शहर हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के हरियाणा के गà¥à¤°à¥à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® में मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ वाली इस à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤¨ का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤µ à¤à¤¯à¤° इंडिया लिमिटेड के पास है, जिसका सà¥à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤µ टाटा समूह (74.9%) और सिंगापà¥à¤° à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤‚स (25.1%) के पास है। नवंबर 2024 तक, à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤¨ 102 घरेलू और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ गंतवà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को सेवा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती रही है। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤¯à¤°à¤¬à¤¸ और बोइंग विमानों का संचालन करती है और इंडिगो के बाद यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मामले में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की दूसरी सबसे बड़ी à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤¨ है। à¤à¤¯à¤° इंडिया 11 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 2014 को सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° अलायंस का 27वां सदसà¥à¤¯ बना।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सà¤à¥€ à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤¨à¥‹à¤‚ में से à¤à¤¯à¤° इंडिया का हवाई और यातà¥à¤°à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ का सबसे खराब टà¥à¤°à¥ˆà¤• रिकॉरà¥à¤¡ है। यह अपने आप में à¤à¤• बड़ी चिंता का सबब है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login