विवेक वाधवा
दशकों तक अमेरिका ने दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° की बेहतरीन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करके तकनीक और इनोवेशन के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में अपना दबदबा बनाठरखा। लेकिन अब यह बढ़त तेजी से खतà¥à¤® हो रही है। चीन à¤à¤†à¤ˆ , 5जी, इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• वाहनों और à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स मैनà¥à¤¯à¥‚फैकà¥à¤šà¤°à¤¿à¤‚ग में आगे निकल चà¥à¤•ा है। à¤à¤¾à¤°à¤¤, जिसे कà¤à¥€ सिरà¥à¤« à¤à¤• आउटसोरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग हब माना जाता था, अब à¤à¤• टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ पावरहाउस बन चà¥à¤•ा है। इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में मैंने अपनी किताब The Immigrant Exodus में आगाह किया था और कहा कहा था कि गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² टैलंट को बनाठरखने में अमेरिका की असफलता उसे महंगी पड़ रही है।
अमेरिका कà¥à¤¶à¤² पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अपनाने के बजाय उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर निकाल रहा है जिससे बौदà¥à¤§à¤¿à¤• पलायन और तेज़ हो रहा है। अमेरिका के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¥€ देश इससे मजबूत हो रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अमेरिका की सफलता की बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦ रखी थी, वे अब अपने à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की इमारतें कहीं और खड़ी कर रहे हैं।
आज से à¤à¤• दशक पहले मैंने चेताया था कि अगर अमेरिका अपनी खसà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤¾à¤² इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ नीतियों को दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ नहीं करता तो वह अपनी तकनीकी बढ़त खो देगा। अब यह कोई à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ नहीं बलà¥à¤•ि हकीकत बन चà¥à¤•ी है। हजारों कà¥à¤¶à¤² पेशेवर जो अमेरिकी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हà¥à¤ हैं, इस वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से निराश होकर अपने देश लौट रहे हैं। अमेरिकी सिसà¥à¤Ÿà¤® उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दशकों तक गà¥à¤°à¥€à¤¨ कारà¥à¤¡ के लिठइंतजार करने पर मजबूर करता है। इस अंतहीन संघरà¥à¤· से बचने के लिठवे तेजी से उà¤à¤°à¤¤à¥‡ इनोवेशन इकोसिसà¥à¤Ÿà¤®à¥à¤¸ की ओर रà¥à¤– कर रहे हैं।
डà¥à¤¯à¥‚क, हारà¥à¤µà¤°à¥à¤¡ और यूसी बरà¥à¤•ले में किया गया मेरा शोध बताता है कि 2010 के दशक में सिलिकॉन वैली के आधे सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤…प à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किठगठथे। लेकिन 2020 के दशक में यह संखà¥à¤¯à¤¾ तेजी से घटने लगी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अमेरिका की सखà¥à¤¤ इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ नीतियों ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने यहां टिकने नहीं दिया। अमेरिका की इस गलती का फायदा कनाडा और ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ ने उठाया और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने फासà¥à¤Ÿ टà¥à¤°à¥ˆà¤• वीज़ा नीतियां और सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤…प फà¥à¤°à¥‡à¤‚डली पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® लागू किà¤à¥¤ नतीजा यह हà¥à¤† कि अगली पीढ़ी की अरबों डॉलर की कंपनियां अब सिलिकॉन वैली में नहीं बलà¥à¤•ि बेंगलà¥à¤°à¥, टोरंटो और सिंगापà¥à¤° में बन रही हैं।
हालात अब इतने बिगड़ चà¥à¤•े हैं कि सिरà¥à¤« नठसà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• या उदà¥à¤¯à¤®à¥€ ही नहीं बलà¥à¤•ि अनà¥à¤à¤µà¥€ अधिकारी और वरिषà¥à¤ शोधकरà¥à¤¤à¤¾ à¤à¥€ अमेरिका छोड़ रहे हैं। माहौल यह बन चà¥à¤•ा है कि अगर आप अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ हैं तो अमेरिका में आपका सà¥à¤µà¤¾à¤—त नहीं है। इसके अलावा à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पेशेवरों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ नेगेटिव à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ बढ़ रही हैं। तकनीकी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में उनकी बढ़ती संखà¥à¤¯à¤¾ को लेकर जलन और शतà¥à¤°à¥à¤¤à¤¾ दिखाई देने लगी है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ इंजीनियरों और अधिकारियों पर नौकरी छीनने का आरोप लगाया जा रहा है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤š-1बी वीज़ा विवादों में जबरन घसीटा जा रहा है और अमेरिका के तकनीकी पà¥à¤°à¤à¥à¤¤à¥à¤µ के पतन का ज़िमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° ठहराया जा रहा है।
यह वही à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ है जिसने सिलिकॉन वैली की कई सबसे बड़ी टेक कंपनियों की नींव रखी थी। लेकिन अब यà¥à¤µà¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ इंजीनियर अमेरिका जाने के बजाय à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤…प इकोसिसà¥à¤Ÿà¤® में अधिक अवसर देख रहे हैं। अनà¥à¤à¤µà¥€ पेशेवर à¤à¥€ महसूस कर रहे हैं कि अमेरिका अब उनके लिठपहले जैसा अनà¥à¤•ूल नहीं रहा। वे अपनी बहà¥à¤®à¥‚लà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾ लेकर à¤à¤¾à¤°à¤¤ लौट रहे हैं, जहां उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ को अधिक महतà¥à¤µ दिया जा रहा है।
अमेरिका को इस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ की सखà¥à¤¤ जरूरत है। यहां की कंपनियां विशेष तकनीकी नौकरियों को à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लिठजूठरही हैं, फिर à¤à¥€ सरकारी नीतियां विदेशी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं के लिठदरवाजे बंद कर रही हैं। इनोवेशन को बढ़ावा देने के बजाय अमेरिका उसे कमजोर करने में लगा हà¥à¤† है।
अमेरिका की अपने पैर पर कà¥à¤²à¥à¤¹à¤¾à¤¡à¤¼à¥€ मारने की सबसे बड़ी मिसाल Vionix Biosciences है। मैंने अपनी कंपनी को सिलिकॉन वैली में खडा करने की कोशिश की थी लेकिन वहां जरूरी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤à¤‚ उपलबà¥à¤§ ही नहीं थीं। हमारी Vionix Spectra तकनीक विकसित करने के लिठपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ फिजिकà¥à¤¸, थरà¥à¤®à¥‹ डायनामिक मॉडलिंग, à¤à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤•ल केमिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€, मास सà¥à¤ªà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¥à¤°à¥€, मटीरियल साइंस, इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल व मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मशीन लरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग और सॉफà¥à¤Ÿà¤µà¥‡à¤¯à¤° डेवलपमेंट जैसी विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾à¤“ं की जरूरत थी। ये सà¤à¥€ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से अमेरिकी लैब तक सिमटी हà¥à¤ˆ थीं। à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤…प के लिठइस सà¥à¤¤à¤° की विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾ को हासिल करना असंà¤à¤µ था। इस तरह का कà¥à¤› करने वाली आखिर कंपनी Theranos थी, जिसने 1.4 बिलियन डॉलर जà¥à¤Ÿà¤¾à¤ थे, लेकिन बाद में जब वह टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¥€ डिलीवर करने मेंफेल हो गई तो धोखाधड़ी पर उतर आई।
अगर मैं सिलिकॉन वैली में 100 मिलियन डॉलर à¤à¥€ जà¥à¤Ÿà¤¾ लेता, तब à¤à¥€ मैं सही पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं को नहीं ढूंढ पाता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अमेरिका के इमिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ नियमों ने इसे असंà¤à¤µ बना दिया है। इसलिठमैंने अपनी कंपनी का अनà¥à¤¸à¤‚धान à¤à¤µà¤‚ विकास (R&D) कारà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में शिफà¥à¤Ÿ कर दिया।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मà¥à¤à¥‡ आईआईटी मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ में विशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल और मैकेनिकल इंजीनियर मिले। à¤à¤®à¥à¤¸ में मà¥à¤à¥‡ à¤à¤¸à¥‡ मेडिकल शोधकरà¥à¤¤à¤¾ मिले जो हमारे पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ में सहयोग करने को तैयार थे। अमेरिका में मैं नौकरशाही की दीवारों से सिर टकराता रहा जबकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मà¥à¤à¥‡ इनोवेशन का सीधा रासà¥à¤¤à¤¾ नजर आया।
आज Vionix अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¥à¤¨à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ निदान तकनीक विकसित कर रहा है। à¤à¤¸à¤¾ इनोवेशन जो अमेरिका में हो सकता था, लेकिन नहीं हà¥à¤† कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अमेरिकी नीतियों ने इसे संà¤à¤µ ही नहीं होने दिया। अमेरिका नवाचार को बढ़ावा देने के बजाय उसे बाहर धकेल रहा है।
अमेरिका के पास अब दो ही रासà¥à¤¤à¥‡ बचे हैं, वह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की बेहतरीन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤“ं को अपनाठऔर अपनी तकनीकी बढ़त बनाठरखे, या फिर अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धातà¥à¤®à¤• नीतियों को जारी रखे और देखता रहे कि कैसे उसकी "अवसरों की à¤à¥‚मि" होने की पहचान मिटती चली जा रही है।
अगर अमेरिका ने अपनी मौजूदा राह नहीं बदली तो वह उन देशों में शामिल हो जाà¤à¤—ा जहां पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ नहीं जाना चाहेगी। और जब à¤à¤¸à¤¾ होगा तो बेहतरीन दिमाग वहीं जाà¤à¤‚गे, जहां उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समà¥à¤®à¤¾à¤¨ और अवसर मिलेगा।
अब सवाल यह है कि अमेरिका इस खतरे को कब समà¤à¥‡à¤—ा। समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ इसी में है कि बहà¥à¤¤ देर होने से पहले अकà¥à¤²à¤®à¤‚दी से काम किया जाà¤à¥¤
(लेखक विवेक वाधवा à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित अकादमिक, उदà¥à¤¯à¤®à¥€ à¤à¤µà¤‚ लेखक हैं जो नवाचार, पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी नीति और अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ उदà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ पर शोध के लिठजाने जाते हैं।)
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