अमेरिका में सतà¥à¤¤à¤¾ परिवरà¥à¤¤à¤¨ हो चà¥à¤•ा है। नामित राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª का शपथ समारोह à¤à¤²à¥‡ ही जनवरी में होगा लेकिन सतà¥à¤¤à¤¾ के नये सदर ने अपनी दूसरी पारी में फैसले लेने शà¥à¤°à¥‚ कर दिये हैं। सतà¥à¤¤à¤¾ में à¤à¤• नये यà¥à¤— की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के साथ ही अमेरिकावासियों को उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि अब उनके जमीनी हालात में सकारातà¥à¤®à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨ होगा। टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के फैसलों से दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की राजनीति और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ यकीनी तौर पर बदलाव आà¤à¤—ा। लेकिन कà¥à¤› आशंकाà¤à¤‚ à¤à¥€ हैं। और जहां तक à¤à¤¾à¤°à¤¤ का सवाल है तो वहां à¤à¥€ आशंकाà¤à¤‚ हैं... पर कà¥à¤› उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‡à¤‚ हैं। चिताà¤à¤‚ नये राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ की नीतियों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हैं और उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‡à¤‚ उनके à¤à¤¾à¤°à¤¤ के साथ मधà¥à¤° संबंधों से हैं। टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी से पà¥à¤°à¤—ाढ़ संबंध हैं। वे मोदी के पà¥à¤°à¤¶à¤‚सक à¤à¥€ हैं। चà¥à¤¨à¤¾à¤µ से कà¥à¤› पहले à¤à¥€ वे यह कह चà¥à¤•े हैं। लेकिन 'अमेरिका को दोबारा महान बनाने' का वादा करने वाली जिस सियासी कशà¥à¤¤à¥€ पर सवार होकर वे दोबारा सतà¥à¤¤à¤¾ में लौटे हैं उसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡ कà¥à¤› कड़े फैसले लेने होगे। तà¤à¥€ सिदà¥à¤§ होगा कि वे अपने वायदे के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• 'अमेरिका फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ' वाली राह पर चल पड़े हैं। बस, यहीं से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ की चिंताà¤à¤‚ शà¥à¤°à¥‚ होती हैं।
दरअसल, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के साथ ही अमेरिकावासियों को à¤à¥€ लगता है कि दूसरे मà¥à¤²à¥à¤•ों से आने वाले लोग उनके जीवन से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कई दà¥à¤–ों का कारण हैं। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ देश के लोग à¤à¥€ गरीबी, नौकरी के संकट, जीवन-यापन से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ बढ़ते खरà¥à¤š और संसाधनों के बंटवारे या कमी के लिठ'बाहरी' लोगों को जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° मानते हैं। उनको लगता है कि अगर देश में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ इतनी न बढ़ती या à¤à¤• हद तक रहती तो जीवन में दà¥à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कम होतीं। नामित राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª तो पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को लेकर कई 'जहरीली' बातें सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• तौर पर कह चà¥à¤•े हैं। à¤à¤¸à¥‡ में लगता है कि उनके वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस पहà¥à¤‚चते ही सबसे पहला चाबà¥à¤• 'बाहरी' जमात के सपनों पर पड़ने वाला है। अमेरिका के आम लोगों को लगता है कि उनके सपने इन लोगों के कारण अपने ही देश में टूट रहे हैं। इसीलिठअमेरिका में आने, रहने, काम करने और बसने की चाहत रखने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लोग कई आशंकाओं से घिरे हà¥à¤ हैं। अमेरिका में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤‚शी सबसे बड़ा पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ है। इस समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ का लगातार विसà¥à¤¤à¤¾à¤° हो रहा है। लेकिन उनके पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल नीतियां न केवल नठसपनों को तोड़ सकती हैं बलà¥à¤•ि जो लोग यहां रह रहे हैं और सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ वास की हसरत संजोये हैं वे à¤à¥€ अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤¤à¤¾ और उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‹à¤‚ में तैर रहे हैं। यह सब सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है।
यह सही है कि डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी से मधà¥à¤° तालà¥à¤²à¥à¤•ात हैं लेकिन अचà¥à¤›à¥‡ संबंध और 'अमेरिका फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ' के बीच संतà¥à¤²à¤¨ कायम करना आसान नहीं है। फिर दूसरी पारी में टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª के सामने कई चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं। इस बार देश के अंदर से लेकर बाहर तक यानी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की तसà¥à¤µà¥€à¤° बदली हà¥à¤ˆ है। इजराइल-फिलिसà¥à¤¤à¥€à¤¨ से लेकर रूस-यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ में जंग जारी है। घरेलू मोरà¥à¤šà¥‡ पर महंगाई कम करने, रोजगार सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने और पैदा करने की कठिन राह है और साथ ही उनके अपने कोरà¥à¤Ÿ-कचहरी के पचड़े अलग हैं। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ की चिंताओं पर वे कितना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दे पाà¤à¤‚गे, उनको कितना खà¥à¤¶ कर पाà¤à¤‚गे यह सब à¤à¥€ कसौटी पर है। 5 नवंबर से पहले सब कà¥à¤› वादा था लेकिन अब उन वादों को जमीन पर उतारने का वकà¥à¤¤ शà¥à¤°à¥‚ हो चà¥à¤•ा है।
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