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'अमेरिका में पैदा हुए बच्चे नागरिकता के हकदार हैं, ट्रम्प इसे नहीं छीन सकते'

अमेरिका के संविधान का 14वां संशोधन साफ-साफ कहता है कि अमेरिकी धरती पर पैदा हुआ हर बच्चा नागरिक है। इस स्पष्टता के बावजूद, ट्रम्प प्रशासन ने जन्मसिद्ध नागरिकता को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन अदालतों ने इसे असंवैधानिक बताया।

भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल। / फोटो फेसबुक pramila jayapal

अमेरिका के संविधान का 14वां à¤¸à¤‚शोधन साफ-साफ कहता है: 'जो भी शख्स अमेरिका में पैदा हुआ हो या यहां की नागरिकता हासिल की हो, और जो इसके कानूनों के अधीन हो, वो अमेरिका का और जिस राज्य में वो रहता है, उसका भी नागरिक है।' à¤¸à¤‚विधान के दूसरे हिस्सों के उलट, ये बात बिल्कुल स्पष्ट है।

अगर आप अमेरिकी जमीन पर पैदा हुए हैं, भले ही आपके माता-पिता बिना दस्तावेज के यहां रह रहे हों या H-1B जैसे वर्क वीजा à¤ªà¤° हों, आप अमेरिका के नागरिक हैं। इसमें कुछ छोटे-मोटे अपवाद हैं। à¤œà¥ˆà¤¸à¥‡ कि अमेरिका में तैनात विदेशी राजनयिकों के बच्चे। लेकिन ये अपवाद इस बात को नहीं बदलते कि यहां पैदा हुए इमिग्रेंट्स के बच्चे अमेरिकी नागरिकता के हकदार हैं। इससे अलग कोई भी दलील बेबुनियाद है, बिल्कुल गलत है। 

इतनी स्पष्टता के बावजूद, प्रेजिडेंट ट्रम्प ने अपने पहले दिन ही एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करके जन्मसिद्ध नागरिकता को रद्द करने की कोशिश की। ये संविधान के खिलाफ है। कोई भी प्रेसिडेंट अपने हुक्म से संविधान के संशोधनों को बदल नहीं सकता। ट्रम्प इस आदेश à¤•े जरिए जानबूझकर मौजूदा कानून को चुनौती दे रहे हैं। à¤‰à¤¨à¤•ी उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट 150 साल से ज्यादा पुराने कानूनी फैसलों को पलट देगा। ये फैसले 1866 के सिविल राइट्स एक्ट से लेकर 1898 में सुप्रीम कोर्ट के 'यूनाइटेड स्टेट्स बनाम वोंग किम आर्क' à¤•ेस के फैसले तक, और आज तक के हैं।

लेकिन अब तक, कोर्ट ट्रम्प की इस दलील को मानने को तैयार नहीं हैं। चार फेडरल जजों ने, जिनमें से दो रिपब्लिकन प्रेसिडेंट्स ने नियुक्त किए थे, और दो अपील्स कोर्ट पैनलों ने इस मामले में ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाया है।

वॉशिंगटन के यू.एस. डिस्ट्रिक्ट जज जॉन सी. कॉफेनौर को à¤°à¥‹à¤¨à¤¾à¤²à¥à¤¡ रीगन ने नियुक्त किया था।उन्होंने à¤Ÿà¥à¤°à¤®à¥à¤ª प्रशासन को इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को आगे बढ़ाने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि 'ये बिलकुल असंवैधानिक à¤¹à¥ˆ और ट्रम्प के लिए, कानून का राज... कुछ ऐसा है जिसके आसपास घूमना या इसे सीधे नजरअंदाज à¤•रना है, चाहे वो राजनीतिक या निजी फायदे के लिए ही क्यों न हो।'

न्यू हैम्पशायर के यू.एस. डिस्ट्रिक्ट जज जोसेफ à¤²à¥ˆà¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚टे à¤•ो जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने नियुक्त किया था। à¤‰à¤¨à¥à¤¹à¥‹à¤‚ने भी एक प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी की जिससे इस ऑर्डर को लागू होने से रोका गया।और जब ट्रम्प के जस्टिस डिपार्टमेंट ने इस ऑर्डर को फिर से लागू कराने की कोशिश की, तो पहले, दूसरे और नौवें सर्किट कोर्ट ऑफ à¤…पील्स के तीन-तीन जजों के पैनलों ने सर्वसम्मति से इसे खारिज कर दिया।

कोर्ट का रुख à¤à¤• जैसा रहा है। à¤µà¤¹ यह कि ये एग्जीक्यूटिव ऑर्डर संविधान के खिलाफ à¤¹à¥ˆ और इसे लागू नहीं किया जा सकता। लेकिन ट्रम्प ने इसका विरोध किया है, यह तर्क देते हुए कि अवैध प्रवासियों को अमेरिका के 'अधीन' à¤¨à¤¹à¥€à¤‚ माना जा सकता। 

सच कहूं à¤¤à¥‹ à¤¯à¥‡ एक बेतुका दावा है। हमारी सरकार को इमिग्रेंट्स पर कानून लागू करने की जो ताकत मिलती है—चाहे वो इमिग्रेशन कानून हों, नागरिक जुर्माने हों, या फिर सिर्फ à¤ªà¤¾à¤°à¥à¤•िंग टिकट—वो इसीलिए है कि वो हमारे देश के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

ट्रम्प ये सब इसलिए कर रहे हैं ताकि वो इमिग्रेंट्स को बलि का बकरा बना सकें à¤”र विदेशी-द्वेष और नस्लवाद को भड़का सकें। इससे देश में फूट पड़ेगी और लोगों का ध्यान इस बात से हट जाएगा कि वो करदाताओं का पैसा लूटकर खुद और अपने अरबपति दोस्तों को 4.5 ट्रिलियन डॉलर का टैक्स ब्रेक दे रहे हैं।

इमिग्रेंट्स को निशाना बनाकर ट्रम्प अमेरिकी लोगों का ध्यान इस बात से भटका रहे हैं कि उन्होंने कांग्रेस से सत्ता छीन ली है और उन जजों के फैसलों को नजरअंदाज à¤•रने का इरादा रखते हैं जो उन्हें पसंद नहीं हैं। इससे वो संविधान और हमारे स्थापित चेक एंड बैलेंस को खत्म कर रहे हैं। 

ये हर अमेरिकी इमिग्रेंट के लिए एक बहुत बड़ा अलार्म होना चाहिए। à¤‡à¤¨à¤®à¥‡à¤‚ अमेरिकी नागरिकता या स्थायी निवास का दर्जा रखने वाले, किसी भी तरह के वीजा à¤ªà¤° रहने वाले और जो दशकों से बिना किसी इमिग्रेशन स्टेटस के 'छाया' à¤®à¥‡à¤‚ रह रहे हैं, सभी शामिल हैं। कई भारतीय इमिग्रेंट्स से, जिनसे मैंने चुनाव प्रचार के दौरान बात की थी, उन्हें लगता था कि ट्रम्प के प्रोजेक्ट 2025 में बताए गए प्रयास उन्हें प्रभावित नहीं करेंगे। à¤¯à¤¾ उनके खिलाफ à¤‡à¤¸à¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं किए जाएंगे। जिसमें जन्मसिद्ध नागरिकता को रद्द करना या वर्क या स्टूडेंट वीजा à¤ªà¤° रहने वालों को सामूहिक रूप से देश से निकालना शामिल है। लेकिन पद संभालने के कुछ ही महीनों में ट्रम्प के कार्यों से साफ à¤¹à¥‹ गया है कि उनके देश से इमिग्रेंट्स को निकालने के प्रयास में कोई भी सुरक्षित नहीं है।

जन्मसिद्ध नागरिकता को रद्द करने के भयानक परिणाम भी हो सकते हैं। क्या उनकी योजना नवजात शिशुओं को देश से निकालने की है? क्या वे ग्रीन कार्ड धारकों के बच्चों से नागरिकता छीन लेंगे? क्या वे बच्चे की नागरिकता के लिए दोनों माता-पिता को अमेरिकी नागरिक होने की शर्त रख सकते हैं? 14वें संशोधन की सुरक्षा को नष्ट करना बेहद खतरनाक है। 

मुझे पता है कि वीजा à¤ªà¤° रहना और कानूनी इमिग्रेशन प्रक्रिया कितनी लंबी होती है। à¤®à¥à¤à¥‡ अपनी अमेरिकी नागरिकता पाने में 17 साल लगे और मुझे तरह-तरह के वीजा à¤­à¥€ लेने पड़े। असल में, मैं कांग्रेस का एकमात्र मौजूदा सदस्य हूं à¤œà¤¿à¤¸à¤•े पास H-1B वीजा à¤°à¤¹à¤¾ है। उस वीजा à¤”र मेरे स्टूडेंट वीजा à¤ªà¤° रहते हुए, मुझे याद है कि आगे क्या होगा। à¤—्रीन कार्ड के लिए कभी न खत्म होने वाले वेटिंग लिस्ट में फंसे रहने का क्या एहसास होता है (भारतीय H-1B धारकों के लिए वेटिंग लिस्ट 200 साल लंबी है)।

लेकिन ये इमिग्रेंट्स ही हैं जो हमारी अर्थव्यवस्था को चलाते हैं। ये हमारे दोस्त और हमारे पड़ोसी हैं। और जैसा कि हमारे कानूनों में कहा गया है, अगर किसी व्यक्ति का, चाहे उसकी इमिग्रेशन स्थिति कुछ भी हो, अमेरिका में कोई बच्चा पैदा हुआ à¤¹à¥ˆ, तो वो नागरिक है। ट्रम्प ये अधिकार छीन नहीं सकते।

जन्मसिद्ध नागरिकता अमेरिका के वादे और अमेरिकी सपने का आधार है। à¤…मेरिकी धरती पर पैदा हुआ हर बच्चा तुरंत समाज का पूर्ण और समान सदस्य बन जाता है, चाहे उसके पूर्वजों का रंग, धर्म, मूल या कानूनी स्थिति कुछ भी हो। इस विचार ने पीढ़ियों के बच्चों को एक मजबूत अमेरिका बनाने और अपने सपनों को पूरा करने में मदद की है। डॉक्टर, शिक्षक, व्यापारी नेता या यहां à¤¤à¤• कि अमेरिका के राष्ट्रपति बनने में। ट्रम्प का एग्जीक्यूटिव आदेश à¤‡à¤¨ सपनों को छीन लेगा।

इस कार्रवाई से, जैसा कि वो अक्सर करते हैं, ट्रम्प डर, फूट और नफरत फैलाने की अपनी इच्छा के पक्ष में लंबे समय से चले आ रहे कानूनी मिसाल और संविधान की अवहेलना कर रहे हैं। लेकिन यह देश कोई राजशाही नहीं है। à¤Ÿà¥à¤°à¤®à¥à¤ª कोई राजा नहीं हैं। à¤‰à¤¨à¥à¤¹à¥‡à¤‚ कानून को दरकिनार करने का अधिकार नहीं है।

संविधान एक जटिल दस्तावेज à¤¹à¥ˆ जिससे अक्सर वैध कानूनी सवाल उठते हैं। लेकिन ये उनमें से नहीं है। भले ही 156 साल पुराना हो, 14वां à¤¸à¤‚शोधन बिलकुल स्पष्ट है। à¤œà¤¨à¥à¤®à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ नागरिकता हमारे देश के कानूनों में निहित है।

(लेखिका प्रमिला जयपाल वाशिंगटन के 7वें जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए कांग्रेस में अपना पांचवां à¤•ार्यकाल पूरा कर रही हैं। वे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गईं पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी महिला हैं। à¤‡à¤¸ लेख में व्यक्त विचार और राय लेखिका के अपने हैं और जरूरी नहीं कि ये न्यू इंडिया अब्रॉड की आधिकारिक नीति को दर्शाते हों।)

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