29 जून को नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ईसाई दिवस मनाया जाà¤à¤—ा। उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि इस उतà¥à¤¸à¤µ में पूरे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° अमेरिका से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ईसाई, चाहे वे किसी à¤à¥€ धरà¥à¤®, कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°, à¤à¤¾à¤·à¤¾ या संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ के हों, दो सहसà¥à¤°à¤¾à¤¬à¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से ईसाई धरà¥à¤® की विरासत और परंपराओं का जशà¥à¤¨ मनाने के लिठà¤à¤• साथ आà¤à¤‚गे। संघ परिवार के 'ततà¥à¤µà¥‹à¤‚' के लिठयहां और à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ईसाई धरà¥à¤® को नकारातà¥à¤®à¤• रूप में पेश करना फैशन सा बन गया है। वे अकà¥à¤¸à¤° इसे औपनिवेशिक काल से जोड़ते हैं। वे à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ईसाई धरà¥à¤® को पूरी तरह से यूरोपीय उपनिवेशवाद का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ बताने के लिठदेश और विदेश में बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहे हैं।
किंतॠà¤à¤¸à¤¾ करके वे न केवल समाज के उस हिसà¥à¤¸à¥‡ को बदनाम कर रहे हैं जिसने à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सामाजिक-आरà¥à¤¥à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤—ति में बहà¥à¤¤ योगदान दिया है बलà¥à¤•ि à¤à¤• कलंक को à¤à¥€ ढो रहे हैं और अपने राजनीतिक उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हाशिठपर धकेल रहे हैं। यह à¤à¤• मनगढ़ंत à¤à¥‚ठहै जिसे दोहराया जाता है। अलबतà¥à¤¤à¤¾, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ईसाई दिवस विशेष रूप से उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ कहानियों को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देने के लिठशà¥à¤°à¥‚ किया गया था। यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ ईसाई परंपराओं, विशेष रूप से केरल के सेंट थॉमस ईसाइयों की उपेकà¥à¤·à¤¾ करता है, जो उपनिवेशवाद से à¤à¤• सहसà¥à¤°à¤¾à¤¬à¥à¤¦à¥€ से à¤à¥€ पहले के हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ईसाई धरà¥à¤® की जड़ें बहà¥à¤¤ गहरी हैं, जो 52 ई. में मालाबार तट पर पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ सेंट थॉमस के आगमन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हैं। सदियों से चली आ रही यह पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ परंपरा à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ईसाई धरà¥à¤® की सà¥à¤µà¤¦à¥‡à¤¶à¥€ पà¥à¤°à¤•ृति का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ है। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि ईसा मसीह के बारह शिषà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• सेंट थॉमस सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ आठथे। पहली शताबà¥à¤¦à¥€ के दौरान दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤ के साथ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रोमन और मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µà¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° ने मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µà¥€ मिशनरियों के लिठउपमहादà¥à¤µà¥€à¤ª तक पहà¥à¤‚चना संà¤à¤µ बना दिया।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ईसाइयों ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सामाजिक सà¥à¤§à¤¾à¤°, शिकà¥à¤·à¤¾ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान दिया है। आज à¤à¤¾à¤°à¤¤ की आबादी का केवल 2.3% हिसà¥à¤¸à¤¾ होने के बावजूद उनका योगदान सदियों से चला आ रहा है और वे à¤à¤¾à¤°à¤¤ के आधà¥à¤¨à¤¿à¤• संसà¥à¤¥à¤¾à¤—त ढांचे में गहराई से समाहित हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आधà¥à¤¨à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ में अगà¥à¤°à¤£à¥€ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ, जिसमें हाशिठके समूह à¤à¥€ शामिल हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कई कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में आधà¥à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤•ूल सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किà¤, खासकर केरल, तमिलनाडॠऔर पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° में। मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ कà¥à¤°à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¯à¤¨ कॉलेज (1837), सेंट जेवियरà¥à¤¸ कॉलेज (1869), लोयोला कॉलेज (चेनà¥à¤¨à¤ˆ) और सेंट सà¥à¤Ÿà¥€à¤«à¤‚स कॉलेज (दिलà¥à¤²à¥€), 1881 जैसे संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ शिकà¥à¤·à¤¾ के विशिषà¥à¤Ÿ केंदà¥à¤° बन गà¤à¥¤
ईसाइयों समावेशिता पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया। लड़कियों, दलितों और आदिवासी समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उनमें सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रà¥à¤šà¤¿ लेने से बहà¥à¤¤ पहले ही पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ गरीबों तक पहà¥à¤‚चने के लिठसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं में सà¥à¤•ूल à¤à¥€ खोले। विलियम कैरी और अलेकà¥à¤œà¥‡à¤‚डर डफ ने अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ शिकà¥à¤·à¤¾ को बढ़ावा दिया। केरल में सीरियाई ईसाई समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ ने केरल में 100% साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ का नेतृतà¥à¤µ किया।
ईसाइयों के मिशन सामाजिक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ पैरोकार थे, जो अकà¥à¤¸à¤° जाति-आधारित बहिषà¥à¤•ार को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देते थे और मानवीय गरिमा को बढ़ावा देते थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने और दलितों को सशकà¥à¤¤ बनाने पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया, जो à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सबसे अधिक उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¿à¤¤ समूहों में से à¤à¤• है। लैंगिक समानता को बढ़ावा देना उनके मिशन का à¤à¤• और उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ था, जिसे पूरे उपमहादà¥à¤µà¥€à¤ª में महिलाओं की शिकà¥à¤·à¤¾ और रोजगार के माधà¥à¤¯à¤® से हासिल किया गया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° और मधà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आदिवासी समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ à¤à¥€ काम किया, शिकà¥à¤·à¤¾, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और कानूनी वकालत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ईसाइयों के लिà¤, नà¥à¤¯à¥‚यॉरà¥à¤• में इस दिन को मनाते समय बहà¥à¤¤ कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ है जिसके लिठवे आà¤à¤¾à¤°à¥€ हैं। अगले कà¥à¤› दिनों में अमेरिका और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– शहरों में à¤à¥€ जशà¥à¤¨ मनाया जाà¤à¤—ा। हालांकि, जब हम इस महान विरासत का जशà¥à¤¨ मना रहे हैं, तो हम उन खतरनाक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में à¤à¥€ जानते हैं जिनका सामना à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ईसाई à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अति-राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और संघ परिवार के संगठनों की ओर से कर रहे हैं। उनकी अंतरातà¥à¤®à¤¾ की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ और संविधान के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पूजा करने की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ को गंà¤à¥€à¤° रूप से चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दी जा रही है, खासकर à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ शासित राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में। मणिपà¥à¤° अà¤à¥€ à¤à¥€ हमारे दिलों में à¤à¤• ताजा घाव बना हà¥à¤† है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जिन लोगों को शासन सौंपा गया है, वे लगातार हो रही मौत, दà¥à¤– और विनाश को अनदेखा कर रहे हैं। उन लोगों के लिठà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ की जानी चाहिठजो पीड़ित हैं और जो अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के सामने चà¥à¤ª हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ ईसाई दिवस की हारà¥à¤¦à¤¿à¤• शà¥à¤à¤•ामनाà¤à¤‚।
(संकलन : जॉरà¥à¤œ अबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤®)
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