(विनोद कà¥à¤®à¤¾à¤° शà¥à¤•à¥à¤²à¤¾)
अयोधà¥à¤¯à¤¾ में शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤®à¤²à¤²à¤¾ के à¤à¤µà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा समारोह में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ पारà¥à¤Ÿà¥€ के नेता शामिल नहीं हà¥à¤à¥¤ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के वरिषà¥à¤ नेता पूरà¥à¤µ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· सोनिया गांधी, अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· मलà¥à¤²à¤¿à¤•ारà¥à¤œà¥à¤¨ खड़गे, लोकसà¤à¤¾ में पारà¥à¤Ÿà¥€ के नेता अधीर रंजन चौधरी और पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मनमोहन सिंह को à¤à¥€ समारोह का नà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¾ दिया गया था। हालांकि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने इसे à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ का राजनीतिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® बताते हà¥à¤ इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। हालांकि उनका कहना था कि इस फैसले का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है।
सीपीà¤à¤®, सीपीआई और तृणमूल कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने à¤à¥€ यह कहते हà¥à¤ पà¥à¤°à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में हिसà¥à¤¸à¤¾ नहीं लिया कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसमें राजनीति दिख रही है। शरद पवार ने कहा कि यह मेरा निजी मसला है कि मà¥à¤à¥‡ किस मंदिर में जाना चाहिठऔर किसमें नहीं। समाजवादी पारà¥à¤Ÿà¥€, राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ जनता दल, दà¥à¤°à¤®à¥à¤•, शिवसेना (उदà¥à¤§à¤µ) और जनता दल (यू) à¤à¥€ बायकॉट बà¥à¤°à¤¿à¤—ेड का हिसà¥à¤¸à¤¾ बन गà¤à¥¤ लेकिन कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ का मामला अलग है। वह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में à¤à¤¾à¤— लेने को लेकर दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ में थी। उसे लग रहा था कि अगर वह समारोह में शामिल होती तो मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ का à¤à¤• बड़ा वरà¥à¤— नाराज हो सकता है और अगर शामिल नहीं होती तो हिंदू नाराज हो सकते हैं। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की चिंता इस तथà¥à¤¯ के साथ और बढ़ जाती है कि पारà¥à¤Ÿà¥€ ने हाल के कà¥à¤› चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ यानी करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• और तेलंगाना में मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ का विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ फिर से पाने में सफलता हासिल की है। इन राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की à¤à¥‚मिका बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रही। à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® मतदाताओं ने यह महसूस करना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है कि कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ दल à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के खिलाफ अपनी लड़ाई को उस सà¥à¤¤à¤° तक नहीं ले जा सकते जो समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ को फायदा पहà¥à¤‚चाठइसलिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• में जनता दल (सेकà¥à¤¯à¥à¤²à¤°) और तेलंगाना में à¤à¤¾à¤°à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° समिति (बीआरà¤à¤¸) के बजाय कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को तवजà¥à¤œà¥‹ दी।
कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ का डर था कि जैसे ही पारà¥à¤Ÿà¥€ का कोई नेता अयोधà¥à¤¯à¤¾ के समारोह में शामिल होगा, मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® वोट कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ से छिटक सकते हैं। पूरी तरह नहीं तो कम तो होने ही लगेंगे। à¤à¤¸à¤¾ होना कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के लिठन केवल 19 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से अधिक मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® आबादी वाले उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में बलà¥à¤•ि 17 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से अधिक मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® आबादी वाले बिहार में à¤à¥€ बड़ा à¤à¤Ÿà¤•ा साबित हो सकता है। हालांकि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ नेता और कलà¥à¤•ि पीठाधीशà¥à¤µà¤° पà¥à¤°à¤®à¥‹à¤¦ कृषà¥à¤£à¤® अयोधà¥à¤¯à¤¾ समारोह में शामिल हà¥à¤à¥¤ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को पशà¥à¤šà¤¿à¤® बंगाल में à¤à¥€ बेहतर पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है। हालांकि तथाकथित धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤· राजनीतिक दल यह अचà¥à¤›à¥€ तरह से जानते हैं कि हिंदू मतदाता केवल कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में à¤à¤¾à¤— लेने से ही उनके पास नहीं आà¤à¤‚गे, इसलिठमà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® वोट कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खोना। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ जैसे राजनीतिक दलों के लिठसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ हो जाती है, जिनके पास सपा और राजद की तरह à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ वोट बैंक नहीं है जिनके उतà¥à¤¤à¤° में यादव और मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® वोट हैं। दकà¥à¤·à¤¿à¤£ में वोकालिगा और मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® वोट जनता दल (à¤à¤¸) के साथ और डीà¤à¤®à¤•े के पास दà¥à¤°à¤µà¤¿à¤¡à¤¼ वोट हैं। जद (यू) अब à¤à¤¨à¤¡à¥€à¤ में शामिल हो चà¥à¤•ी है और à¤à¤šà¤¡à¥€ कà¥à¤®à¤¾à¤°à¤¸à¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• समारोह में à¤à¥€ शामिल हà¥à¤ थे।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में राजनीतिक दलों के साथ समसà¥à¤¯à¤¾ यह है कि मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨ अà¤à¥€ à¤à¥€ इस तथà¥à¤¯ को सà¥à¤µà¥€à¤•ार नहीं कर पा रहे हैं कि राम मंदिर à¤à¤• वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता है इसलिठमंदिर की वजह से कोई à¤à¥€ पहल उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नाराज कर सकती है। यहां तक कि समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के नेता यह कहने का कोई मौका नहीं चूकते कि मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ हमेशा मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ रहेगी और वे बाबरी मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के विधà¥à¤µà¤‚स को कयामत (फैसले के दिन) तक नहीं à¤à¥‚लेंगे। लेकिन दरअसल यह अदालत के फैसले से लिया गया à¤à¤• वाकà¥à¤¯à¤¾à¤‚श है जिसमें कहा गया था कि मंदिर हमेशा मंदिर ही रहेगा। मंदिरों और मसà¥à¤œà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ पर कानूनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को अदालत ने 1994 में उस समय परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किया था, जब सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ की पांच-नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶à¥‹à¤‚ की पीठने कहा था कि मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ "इसà¥à¤²à¤¾à¤® धरà¥à¤® का अनिवारà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¤¾" नहीं है और नमाज कहीं à¤à¥€ पढ़ी जा सकती है। वहीं सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने अयोधà¥à¤¯à¤¾ मामले में अपना फैसला सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾ कि "मूरà¥à¤¤à¤¿ उस पवितà¥à¤° उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ है जिसे कानूनी रूप से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का दरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है। मूरà¥à¤¤à¤¿ के नषà¥à¤Ÿ होने से वह पवितà¥à¤° उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ खतà¥à¤® नहीं हो जाता। लेकिन इस सबके बावजूद कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के नीति निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं के मन में à¤à¥à¤°à¤® कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¥€ तरह पता था कि अगर कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ पारà¥à¤Ÿà¥€ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में शामिल नहीं हà¥à¤ˆ तो पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी और à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ इसे चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ बनाने का मौका नहीं छोड़ेगी। वे यह दिखाने की कोशिश करेंगे कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ पारà¥à¤Ÿà¥€ के नेताओं को à¤à¤—वान राम पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ नहीं है। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ पहले से ही इस मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर रकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• à¤à¥‚मिका में है।
पà¥à¤°à¤¾à¤£-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा समारोह को लेकर à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ उफान पर हैं लेकिन कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को इस दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ से थोड़ा आगे रहना चाहिठकि कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में शामिल होने के बावजूद हिंदू वोट खाली न रहें। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· मलà¥à¤²à¤¿à¤•ारà¥à¤œà¥à¤¨ खड़गे हमेशा हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ और सनातन के कटॠआलोचक रहे हैं। पारà¥à¤Ÿà¥€ अदालत में हलफनामा दायर करके à¤à¤—वान राम के असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ पर सवाल उठाते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• पौराणिक चरितà¥à¤° करार दे चà¥à¤•ी है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ राजनीतिक परिदृशà¥à¤¯ में सोनिया गांधी की धारà¥à¤®à¤¿à¤•ता पर हमेशा सवाल उठता रहा है। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ अपने नेताओं की à¤à¤¸à¥€ छवि के साथ, अà¤à¤¿à¤à¥‚त हिंदू मतदाताओं का दिल नहीं जीत सकती। जातिगत जनगणना की मांग करके जातिगत à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¤¡à¤¼à¤•ाने की कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की योजना बà¥à¤°à¥€ तरह विफल रही है। à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की नई सोशल इंजीनियरिंग ने ओबीसी और à¤à¤¸à¤¸à¥€ नेताओं के à¤à¤• बड़े वरà¥à¤— को हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ का योदà¥à¤§à¤¾ बना दिया है। इसी के दम पर उसने हाल ही में हà¥à¤ तीन हिंदी à¤à¤¾à¤·à¥€ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को बà¥à¤°à¥€ तरह पटकनी दी। इसलिठकांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ और अनà¥à¤¯ राजनीतिक दलों को बहà¥à¤¤ सावधानी से चलने की जरूरत है। कà¥à¤› सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ बताते हैं कि न केवल यूपी और बिहार में गैर-यादव ओबीसी बलà¥à¤•ि यादव à¤à¥€ इस बार सपा और राजद को वोट नहीं देने जा रहे हैं जैसा कि अतीत में à¤à¥€ होता रहा है।
अतीत में à¤à¤¾à¤‚कें तो 1986 में अदालत के आदेश पर जब रामजनà¥à¤®à¤à¥‚मि के ताले खोले गठथे, जब राजीव गांधी सरकार के पास पà¥à¤°à¤šà¤‚ड बहà¥à¤®à¤¤ था। बाद में उसने वीà¤à¤šà¤ªà¥€ को 1989 में निरà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¾à¤¦ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर शिलानà¥à¤¯à¤¾à¤¸ की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ दी थी। फिर à¤à¥€ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ परिणाम कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के लिठनिराशाजनक रहे। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ यह अचà¥à¤›à¥€ तरह जानती है कि शिलानà¥à¤¯à¤¾à¤¸ ने पारà¥à¤Ÿà¥€ को चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ रूप से बहà¥à¤¤ बड़ा à¤à¤Ÿà¤•ा दिया था। तब से अब तक की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के लिठऔर à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल है। तब कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के पास à¤à¤• समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ वोट बैंक था लेकिन अब उसके पास à¤à¤¸à¥‡ लोगों का à¤à¤• कमजोर वोट बैंक है जो या तो नरेंदà¥à¤° मोदी या फिर à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ से नफरत करते हैं। इनमें से अधिकांश मतदाता जाति आधारित कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ दलों के साथ हैं। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ का कोई आंकड़ा नहीं है। हिंदू à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के खिलाफ इसके नेताओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठगठबयान लोगों को उससे दूर ले जा रहे हैं। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के दूसरा सà¥à¤¤à¤° का नेतृतà¥à¤µ इस बात को समà¤à¤¤à¤¾ है लेकिन सोनिया और राहà¥à¤² के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ मौजूद मंडली इस à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को अपने पास नहीं पहà¥à¤‚चने देती। इसके अलावा, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हिंदू धरà¥à¤® के खिलाफ दिठगठà¤à¤¾à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और बयानों पर कà¤à¥€ आपतà¥à¤¤à¤¿ नहीं जताई। लेकिन चà¥à¤¨à¤¾à¤µ परिणामों का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करने से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होता है कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कà¥à¤› रणनीतिक गलती की है।
अंत में, राहà¥à¤² गांधी की बात करें तो वह à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ को घेरने के लिठइंदिरा गांधी और जवाहर लाल नेहरू का अनà¥à¤•रण करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन नेताओं के पास अपना à¤à¤• आà¤à¤¾à¤®à¤‚डल था जबकि राहà¥à¤² के पास à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› नहीं है जो लोगों पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सके। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के लंबे शासन ने कई विरोधाà¤à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ को जनà¥à¤® दिया है। वह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तरà¥à¤• के साथ संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ के बजाय, à¤à¤¾à¤°à¤¤ पर शासन करने के à¤à¤•मातà¥à¤° अधिकार की अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ के लिठआकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• हो जाते हैं। इस मानसिकता के कारण, वे बिना किसी हिचकिचाहट के हिंदà¥à¤“ं की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को आहत कर बैठते हैं जो कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के सपोरà¥à¤Ÿ बेस को और अधिक चोट पहà¥à¤‚चा रहा है। अब कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के सामने सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ यह है कि वह या तो उन 10 करोड़ से अधिक मतदाताओं को अपने साथ रखे जो हर हाल में उसे वोट देते रहे हैं और धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤· राजनीति करते हà¥à¤ मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® वोटों को अपने पास बनाठरखे या फिर हिंदू वोटों की तरफ à¤à¥à¤•ाव पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करे। यही वजह है जो न केवल इस मामले में बलà¥à¤•ि कई अनà¥à¤¯ मामलों में à¤à¥€ पारà¥à¤Ÿà¥€ के फैसले को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर रही है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login