अब à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से à¤à¥€ कम समय रह गया है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में चà¥à¤¨à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के तहत पहले चरण में 19 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को वोटिंग होगी और सात चरणों का यह सिलसिला अंततः 1 जून को समापà¥à¤¤ होगा। अगर कोई à¤à¤• चीज है जिसका लोग लोकतंतà¥à¤° में इंतजार करते हैं तो वह है अपने मताधिकार का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने की संविधान पà¥à¤°à¤¦à¤¤à¥à¤¤ गारंटी। विचारधाराओं और राजनीतिक दलों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ के बावजूद à¤à¤¾à¤°à¤¤ में लोग अपने नागरिक दायितà¥à¤µ को पूरा करने के पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ के रूप में अपनी उंगली पर उस अमिट काले बिंदॠया लकीर को पाने के लिठमतदान केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ पर कतार में लगने के लिठउतà¥à¤¸à¥à¤• रहते हैं। कà¥à¤› मामलों में तो पैदल ही लंबी दूरी तय करते हैं।
निःसंदेह à¤à¤¸à¥‡ लोग à¤à¥€ हैं जो किसी न किसी कारण मतदान से दूर रहते हैं। किसी को लगता है कि उनके à¤à¤• वोट से राजनीति में कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता। चाहे जो à¤à¥€ हो, पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वही रहेगी। और यही वह उदासीन समूह है जिसपर गैर-सरकारी समूह विशेष रूप से निशाना साधते हैं और समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करते हैं कि वोट मायने रखता है, खासकर लोकतंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में। अधिनायकवादी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चà¥à¤¨à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• दिखावा और पूरà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤°à¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ निषà¥à¤•रà¥à¤· है जिसमें असहमत लोगों का वही à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ होता है जो लंबे समय से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ है। यही कारण है कि लोकतंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ की आंतरिक और बाहरी दोनों तरफ से बारीकी से जांच की जाती है।
à¤à¤• गणना यह है कि 2024 में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में 64 राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ होंगे। फिर à¤à¥€ केवल दो ही अधिक धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ कर रहे हैं। à¤à¤• सबसे बड़े लोकतंतà¥à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में और दूसरा दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ लोकतंतà¥à¤° यानी संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में। लगà¤à¤— छह महीने बाद नवंबर में। आदरà¥à¤¶ आचार संहिता का अरà¥à¤¥ यह है कि अनà¥à¤¯ बातों के अलावा बेहिसाब धन चिंता का à¤à¤• वैध सà¥à¤°à¥‹à¤¤ रहा है और अधिकारी उचित सà¥à¤°à¥‹à¤¤ बताने में असमरà¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¤¾à¤°à¥€ पैमाने पर नकदी जबà¥à¤¤ कर रहे हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सामने चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ वासà¥à¤¤à¤µ में बहà¥à¤¤ बड़ी हैं। इनमें से पहली विकास के मोरà¥à¤šà¥‡ पर अमीरों और गरीबों के बीच के विशाल अंतर को पाटना है। गरीबी उनà¥à¤®à¥‚लन लंबे समय तक à¤à¤• राजनीतिक नारा और महज वोट लà¥à¤à¤¾à¤¨à¥‡ का हथकंडा बनकर नहीं रह सकता। तीवà¥à¤° आरà¥à¤¥à¤¿à¤• विकास की खोज में नीति निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं को देश के उन विशाल कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के बारे में गहराई से जागरूक होना होगा जो या तो अविकसित हैं या असमान रूप से विकसित हैं। और शिकà¥à¤·à¤¾ का कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° à¤à¤¸à¤¾ है जहां सरकारी सहायता पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤•ूलों, कॉलेजों और विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ और निजी संचालित संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के बीच अविशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ अंतर है जो अà¤à¤¿à¤œà¤¾à¤¤à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ और असà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र वातावरण की ओर ले जाता है।
लेकिन सब कà¥à¤› ठीक करने की चाहत में कà¥à¤› चीजें à¤à¥à¤²à¤¾à¤ˆ नहीं जा सकतीं। जैसे कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ को रहने के लिठà¤à¤• बेहतर जगह बनाना और à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ देश बनाना जो वासà¥à¤¤à¤µ में धारà¥à¤®à¤¿à¤• और जातिगत रेखाओं से परे और विषाकà¥à¤¤ बयानबाजी से रहित हो। सदà¥à¤à¤¾à¤µ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ चीज है जो दिखावट से नहीं टिक सकती बलà¥à¤•ि वासà¥à¤¤à¤µ में à¤à¥€à¤¤à¤° से आनी चाहिà¤à¥¤ यदि à¤à¤¾à¤°à¤¤ को मजबूत धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤· साख वाले राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के रूप में खà¥à¤¦ पर गरà¥à¤µ करना है तो यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ सà¤à¥€ दलों पर है। और यही लोकतंतà¥à¤° और वोट का वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• अरà¥à¤¥ है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login