डॉ. अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ अरà¥à¤²
पिछले हफà¥à¤¤à¥‡ अचानक मीडिया में à¤à¤¸à¥€ खबरें आईं कि पेरिस के निकट à¤à¤• विमान से 'मानव तसà¥à¤•री' के आरोप में कà¥à¤› à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ को हिरासत में लिया गया है। लेकिन फà¥à¤°à¤¾à¤‚स के अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामला 'अवैध आवà¥à¤°à¤œà¤¨' से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। यातà¥à¤°à¥€ अपनी मरà¥à¤œà¥€ से विमान में सवार हà¥à¤ थे।
अब चारà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡ रोमानियाई à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤¨ के मà¥à¤‚बई में वापस उतरने के बाद पिछले तीन दिनों में निकारागà¥à¤† के अंतिम गंतवà¥à¤¯ के साथ अपनी यातà¥à¤°à¤¾ करने वाले लोगों और इसकी जांच करने वाले अधिकारियों ने इस मसले पर à¤à¤• खामोशी की चादर ओढ़ ली है। इस पूरे पà¥à¤°à¤•रण में दिल दहला देने वाली बात यह है कि 303 यातà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में नाबालिग और यहां तक कि छोटे बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ थे। जो बता रहे थे कि चीजें किस हद तक गई हैं।
करीब 25 लोगों ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ नहीं लौटने का फैसला किया और शरण को लेकर फà¥à¤°à¤¾à¤‚स की नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ से उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‡à¤‚ लगा रखी हैं। कà¥à¤› रिपोरà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ से à¤à¤¸à¤¾ मालूम होता है कि इस यातà¥à¤°à¤¾ के लिठलोगों ने संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में अपने गंतवà¥à¤¯ तक पहà¥à¤‚चने के लिठ80,000 अमेरिकी डॉलर के बराबर खरà¥à¤š किया होगा।
अकà¥à¤Ÿà¥‚बर 2022 और सितंबर 2023 के बीच अमेरिकी सीमा शà¥à¤²à¥à¤• और सीमा सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ (USCBP) की à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ बताती है कि हाल के दिनों में अवैध रूप से संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने की कोशिश करने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤¾à¤°à¥€ बढ़ोतरी हà¥à¤ˆ है। यह 100,000 के करीब पहà¥à¤‚च गई है। यह 2019-2020 से पांच गà¥à¤¨à¤¾ वृदà¥à¤§à¤¿ हà¥à¤ˆ है।
à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ देश में जो अवैध आपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ से निपटने की कोशिश कर रहा है, वहां लगà¤à¤— 750,000 के करीब बिना दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ वाले लोगों के साथ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ तीसरे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर हैं। अगर अतीत को देखा जाठतो अवैध अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने आमतौर पर संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ के लिठमधà¥à¤¯ अमेरिका और मैकà¥à¤¸à¤¿à¤•न सीमा को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता दी है।
अवैध अपà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸à¥€ कनाडा की सीमा के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ अमेरिका में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने की अपनी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देते हैं। चिलचिलाती गरà¥à¤®à¥€ और जंगली जानवरों के संपरà¥à¤• में आने के बावजूद यह रफà¥à¤¤à¤¾à¤° थमी नहीं है। मधà¥à¤¯ अमेरिका के माधà¥à¤¯à¤® से खतरनाक टà¥à¤°à¥‡à¤• कनाडाई-अमेरिकी सीमा के खराब मौसम का सामना करना कम खतरनाक नहीं है। लेकिन इसके बावजूद लोग जान हथेली में लिठइन रासà¥à¤¤à¥‹à¤‚ पर à¤à¤Ÿà¤• रहे हैं।
उदाहरण के लिठयूà¤à¤¸à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤ªà¥€ का कहना है कि इस सितंबर में करीब 8076 à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिक अमेरिका में घà¥à¤¸à¤¨à¥‡ की कोशिश करते हà¥à¤ पकड़े गà¤à¥¤ इनमें 38 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कनाडा-अमेरिका सीमा से थे। इन सीमाओं पर सरà¥à¤¦ में जमकर मौत के मà¥à¤‚ह में समाठलोगों पर कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° मीडिया रिपोरà¥à¤Ÿ à¤à¤• सामयिक विचार लाती है कि निरà¥à¤¦à¥‹à¤· आतà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚ जीवन की बेहतरी की तलाश में किस हद तक जाà¤à¤‚गी।
इन तमाम बातों पर गौर करते हà¥à¤ अब समय आ गया है कि à¤à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ आयोग अवैध आवà¥à¤°à¤œà¤¨ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पहलà¥à¤“ं पर गौर करे। खासकर à¤à¤¸à¥‡ समय में जब à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पासपोरà¥à¤Ÿ के लिठअपने दरवाजे खोलने वाले देशों की बढ़ती संखà¥à¤¯à¤¾ है। लेकिन à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अधिकारी उन लोगों से अनजान नहीं हो सकते जो तथाकथित बेहतर जीवन शैली के लिठà¤à¥‹à¤²à¥‡-à¤à¤¾à¤²à¥‡ लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। और विदेश à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ के नाम पर मोटी रकम की उगाही करते हैं।
• वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में à¤à¤¸à¤†à¤°à¤à¤® विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, सिकà¥à¤•िम में अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° डॉ. अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ अरà¥à¤² मानव हित से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ लिखती हैं।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login