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ग्रीन कार्ड बैकलॉग का समाधान, I-140 अप्रूव्ड लोगों को EAD देने की FIIDS की मांग

अमेरिका की आर्थिक तरक्की में योगदान देने वाले भारतीय मूल के तकनीकी विशेषज्ञों और छात्रों को ग्रीन कार्ड मिलने में हो रही देरी एक बड़ी चुनौती है। इस समस्या के समाधान के लिए फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (FIIDS) तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहा है।

FIIDS के नीति एवं रणनीति मामलों के प्रमुख खांडेराव कंड। / Courtesy Photo

अमेरिका हमेशा से अवसरों à¤•ी धरती रही à¤¹à¥ˆà¥¤ à¤¦à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ भर के होनहार लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण। लोग यहां à¤†à¤¤à¥‡ हैं, नई-नई चीजें à¤ˆà¤œà¤¾à¤¦ करते हैं और अमेरिका की तरक्की में अपना योगदान देते हैं। आज अमेरिका एक अहम मोड़ पर खड़ा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में 'अमेरिका को फिर से महान बनाने' à¤•ा लक्ष्य तकनीक, व्यापार और वैश्विक प्रभाव में अमेरिका की बढ़त को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। इसमें अंतरराष्ट्रीय छात्रों और तकनीकी विशेषज्ञों की अहम भूमिका है, जिनमें से ज्यादातर भारतीय मूल के हैं। 

लेकिन ग्रीन कार्ड मिलने में बहुत देर हो रही है। इस देरी को खत्म करना बहुत जरूरी है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने सरकारी आदेशों से इस दिशा में बहुत तेजी à¤¦à¤¿à¤–ाई है। अब जरूरत है कि सरकारी आदेश जारी करके, उन लोगों और उनके परिवारों को रोजगार के लिए अनुमति देने वाले डॉक्युमेंट्स (EADs) दिए जाएं à¤œà¤¿à¤¨à¤•े I-140 पेटीशन अप्रूव्ड हैं, लेकिन वीजा बैकलॉग में सालों से फंसे हुए हैं। à¤¸à¤¾à¤¥ ही उनके उन बच्चों को भी, जिनकी उम्र 21 साल हो चुकी है। ऐसा फैसला न सिर्फ à¤…मेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि उच्च कुशल लोगों के लिए अमेरिका को सबसे बेहतरीन जगह बनाए रखने में भी मदद करेगा। 

हुनरमंद लोगों को देश में काम पर रखने के महत्व को मान्यता देते हुए 20 जून को à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ à¤Ÿà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने अमेरिकी कॉलेज ग्रेजुएट्स के लिए तुरंत EADs (रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज) देने का समर्थन करते हुए बयान दिया था। à¤«à¤¾à¤‰à¤‚डेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (FIIDS) à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ à¤Ÿà¥à¤°à¤®à¥à¤ª से इस वादे को पूरा करने का आग्रह करता है। अमेरिकी यूनिवर्सिटियों के ग्रेजुएट्स को EADs देने से उन्हें अमेरिका में ही रहने, काम करने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, न कि कड़े इमिग्रेशन नियमों की वजह से कहीं और नौकरी ढूंढ़ने के लिए। 

सिलिकॉन वैली के टेक्नोप्रेन्योर और स्टार्टअप सलाहकार होने के नाते à¤®à¥ˆà¤‚ने देखा है कि कैसे अप्रवासियों ने इसे बनाया है। पिछले एक दशक में, अप्रवासियों ने GDP में 220 अरब डॉलर का योगदान दिया है। 72 अरब डॉलर टैक्स चुकाए हैं। 45 अरब डॉलर रियल एस्टेट में निवेश किए हैं। 44% स्टार्टअप की स्थापना की है और 24% पेटेंट प्राप्त किए हैं। भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने अमेरिका की तकनीकी और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

270,000 से ज्यादा भारतीय मूल के छात्र सालाना शिक्षा क्षेत्र में 10 अरब डॉलर से अधिक à¤•ा योगदान देते हैं। à¤­à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के अधिकारी 50 से ज्यादा फॉर्च्यून 500 कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। à¤µà¥‡ अमेरिका में आर्थिक इनोवेशन à¤”र रोजगार सृजन को बढ़ावा देते हैं। लेकिन, इन योगदानों के बावजूद 400,000 से ज्यादा उच्च कुशल भारतीय पेशेवर एक पुरानी इमिग्रेशन सिस्टम à¤®à¥‡à¤‚ फंसे हुए हैं। à¤µà¥‡ स्थायी निवास के लिए दशकों से इंतजार कर रहे हैं।

ये बैकलॉग सिर्फ à¤‡à¤¨ लोगों का निजी बोझ नहीं हैं। यह एक राष्ट्रीय आर्थिक मुद्दा है। जब उच्च कुशल वर्कर्स à¤…पने वर्तमान नियोक्ताओं के साथ फंस जाते हैं और नौकरी बदलने में असमर्थ होते हैं, जहां à¤µà¥‡ अधिक योगदान दे सकें, व्यवसाय शुरू कर सकें, या आव्रजन प्रतिबंधों के कारण स्वतंत्र रूप से इनोवेशन à¤•र सकें, तो अमेरिका चीन जैसे वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले अपनी बढ़त खो देता है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक खतरा बन गया है। 

कानूनी अप्रवासी: करदाता, उद्यमी à¤”र अमेरिका की समृद्धि के लिए आवश्यक

गैरकानूनी अप्रवासियों à¤–ासकर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बीच, अनजान लोग कानूनी अप्रवासियों के खिलाफ भी पूर्वाग्रह व्यक्त करते हैं। जागरूकता पैदा करना जरूरी है कि à¤—ैरकानूनी अप्रवासियों के विपरीत, कानूनी अप्रवासी करदाता हैं। à¤•ानून का पालन करने वाले हैं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं। वे विशेष कौशल लाते हैं। à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ शुरू करते हैं। à¤°à¥‹à¤œà¤—ार पैदा करते हैं और आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं। ये अप्रवासी शांतिप्रिय, मेहनती और उद्यमी हैं, जो अमेरिकी सपने का प्रतीक हैं और राष्ट्र की आर्थिक नींव को मजबूत करते हैं। 

जन्मसिद्ध नागरिकता का समाधान और निष्पक्षता सुनिश्चित करना

राष्ट्रपति à¤Ÿà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने जन्मसिद्ध नागरिकता पर प्रतिबंध की घोषणा की है, खासकर गैरकानूनी आव्रजन और आपराधिक रेकॉर्ड वाले व्यक्तियों के संदर्भ में। हालांकि, इस नीति में किसी भी बदलाव में गैरकानूनी अप्रवासियों और कानूनी, उच्च-कुशल काम करने वाले पेशेवरों के बीच अंतर करना होगा। H-1B, L-1 और अन्य रोजगार-आधारित वीजा à¤§à¤¾à¤°à¤•ों के परिवारों, साथ ही उनके कानूनी आश्रितों को, अनधिकृत आव्रजन से निपटने के उद्देश्य से बनाई गई नीतियों से अनुचित रूप से प्रभावित नहीं होना चाहिए। भले ही यह मामला अब अदालत में है। à¤²à¥‡à¤•िन जन जागरूकता की आवश्यकता है। à¤¯à¤¹ सुनिश्चित करना कि कानूनी अप्रवासियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाए, अमेरिका की उस प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए आवश्यक है जो कड़ी मेहनत और आर्थिक योगदान को महत्व देती है। 

इमिग्रेशन à¤®à¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर FIIDS की à¤µà¤•ालत

फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (FIIDS), जिसका à¤®à¥ˆà¤‚ संस्थापक और नीति एवं रणनीति प्रमुख हूं, ने अमेरिका की आव्रजन नीतियों में सुधार के लिए वकालत की है। मकसद ये है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश को प्रतिस्पर्धी बनाए रखा जा सके। FIIDS ने कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं और प्रमुख हितधारकों के साथ जुड़कर उन बदलावों को आगे बढ़ाने के लिए काम किया है जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उच्च-कुशल अप्रवासियों को लाभान्वित करते हैं। 

  • 11 मार्च, 2015 को FIIDS ने कैपिटल हिल पर एक नीतिगत चर्चा की मेजबानी की। à¤‡à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ कुशल पेशेवरों के लिए आव्रजन प्रक्रियाओं को कारगर बनाने के महत्व पर जोर à¤¦à¤¿à¤¯à¤¾ गया।
  • 13 जून को, FIIDS ने कैपिटल हिल पर एक शिखर सम्मेलन का नेतृत्व किया, जिसमें 100 निर्वाचित अधिकारियों से मुलाकात कर ग्रीन कार्ड बैकलॉग को खत्म करने और GC बैकलॉग वाले माता-पिता के बच्चों (जिनकी उम्र 21 साल हो चुकी है) के लिए EAD की वकालत की गई।
  • FIIDS ने USCIS के साथ लगातार संवाद बनाए रखा है। H1B वीजा à¤†à¤§à¥à¤¨à¤¿à¤•ीकरण (जनवरी 2024 में घोषित), स्टार्टअप वीजा à¤”र छंटनी किए गए H-1B पेशेवरों के लिए राहत उपायों पर अपनी राय (दिसंबर 2023) पेश à¤•ी है। à¤‡à¤¨à¤®à¥‡à¤‚ से कई हालिया नीतिगत परिवर्तनों में परिलक्षित हुए हैं।
  • FIIDS ने देश-वार कोटा सीमा को समाप्त करने, GC बैकलॉग को खत्म करने और OPT को बढ़ाने वाले विधेयकों का समर्थन करने के लिए निर्वाचित अधिकारियों से वकालत की।
  • FIIDS ने COVID के बाद वीजा à¤¨à¤¿à¤¯à¥à¤•्ति में देरी को कम करने पर काम किया और इन चिंताओं को दूर करने के लिए राज्य विभाग में ब्यूरो ऑफ à¤•ांसुलर सर्विसेज à¤¸à¥‡ मुलाकात की और राज्य में ही H1B वीजा à¤¸à¥à¤Ÿà¥ˆà¤®à¥à¤ªà¤¿à¤‚ग पर उनके पायलट प्रोग्राम पर चर्चा की। 

लगातार वकालत के प्रयासों के माध्यम से, FIIDS ने यह जागरूकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है कि अप्रवासियों की भूमिका अमेरिका को शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित और बनाए रखने में कैसे महत्वपूर्ण है। उन लोगों को EAD देने की मांग जिनके I-140 पिटीशन स्वीकृत हैं, अमेरिका को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखने की इस प्रतिबद्धता को जारी रखती है।

अमेरिका के भविष्य के लिए आह्वान

चूंकि राष्ट्रपति ट्रम्प ऐसी नीतियों का समर्थन कर रहे हैं जो अमेरिकी ताकत और आर्थिक समृद्धि को प्राथमिकता देती हैं। FIIDS राष्ट्रपति से आग्रह करता है कि वे I-140 स्वीकृत कुशल पेशेवरों और उनके 21 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को EAD देने के लिए कार्यकारी कार्रवाई करें जो बैकलॉग में फंसे हुए हैं। मकसद ये है कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने में अमेरिका की स्थिति को मजबूत किया जा सके। FIIDS गर्मियों में कैपिटल हिल पर एक वकालत दिवस आयोजित करेगा ताकि निर्वाचित अधिकारियों के बीच तकनीकी, चिकित्सा और कानूनी अप्रवासी नीति मुद्दों के बारे में जागरूकता पैदा की जा सके और आव्रजन नीति में सुधार किया जा सके।

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