गाजा में मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤à¥‹à¤‚ का पहाड़ 7 अकà¥à¤¤à¥‚बर को टूटा था। आतंकी संगठन हमास ने इजराइल पर हमला बोला जिसमें कोई 1400 लोग मारे गये और करीब 300 बंधक बना लिठगये। जवाब में इजराइल-हमास के टकराव को अब यह पांचवां महीना है और गाजा में राहत के कोई आसार नहीं दिख रहे। हमास के हमले पर यहूदी राजà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ थी मगर जिस अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ में यह सब हो रहा है उससे पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ हैरान है। हैरान होने वालों में इजराइल के कà¥à¤› मितà¥à¤° देश à¤à¥€ हैं।
बेंजामिन नेतनà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥‚ सरकार पहले दिन से कह रही है कि हमास के खिलाफ सैनà¥à¤¯ हमले जारी रहेंगे और तब तक होते रहेंगे जब तक कि आतंकी संगठन का सफाया नहीं हो जाता। जमीन की छोटी सी पटà¥à¤Ÿà¥€ गाजा में जो कà¥à¤› हो रहा है वैसा विनाश निकट à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में तो याद नहीं आता। गाजा के à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• विनाश को छोड़ à¤à¥€ दें तो इजराइल के हमलों में अब तक लगà¤à¤— 30,000 लोग मारे गठहैं। और माना जाता है कि सैकड़ों अà¤à¥€ मलबे में दबे हैं।
à¤à¥‹à¤œà¤¨, पानी, बिजली और असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जैसी बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ जरूरतों और सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं से वंचित इस दà¥à¤– का खामियाजा सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महिलाओं को à¤à¥à¤—तना पड़ रहा है। इनमें से कई महिलाà¤à¤‚ उमà¥à¤®à¥€à¤¦ से हैं और कइयों के बचà¥à¤šà¥‡ जनà¥à¤®à¥‡ ही हैं या छोटे हैं। इस पूरे पà¥à¤°à¤•रण में उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ किसी के à¤à¥€ दिल को तार-तार कर सकती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे सदियों तक उस चीज का दंश à¤à¥‡à¤²à¥‡à¤‚गे जिससे उनका दूर-दूर तक कोई वासà¥à¤¤à¤¾ ही नहीं था। यही बात फिलिसà¥à¤¤à¥€à¤¨ के उन लोगों के बारे में कही जा सकती है जिनका हमास से कोई नाता नहीं है मगर वे इजराइल के कहर का केवल इसलिठशिकार हो रहे हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे वहां हैं और दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से हमास के पाले में मान लिठगये हैं।
कà¥à¤› लोगों का मानना है कि गाजा को मानचितà¥à¤° से पूरी तरह से हटाया जा सकता है लेकिन हमास को मिटाया नहीं जा सकता। à¤à¤²à¥‡ ही कितनी à¤à¥€ सà¥à¤°à¤‚गों को समà¥à¤¦à¥à¤° के पानी में बहा दिया जाà¤à¥¤ इसमें कोई संदेह नहीं है कि 7 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को जो कà¥à¤› हà¥à¤† गलत था। यà¥à¤¦à¥à¤§à¤µà¤¿à¤°à¤¾à¤® की बातों के बीच इजराइल ने à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ जारी की है जिसमें कहा गया है कि शेष बंधकों में से लगà¤à¤— 50 की मौत हो सकती है। यानी जलà¥à¤¦ ही दोषारोपण का खेल फिर शà¥à¤°à¥‚ होगा।
इस मामले में दकà¥à¤·à¤¿à¤£ अफ़à¥à¤°à¥€à¤•ा ने इजराइल को अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में घसीटा है मगर उससे पहले ही विशà¥à¤µ मंचों पर चरà¥à¤šà¤¾ होने लगी थी कि कà¥à¤¯à¤¾ नेतनà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥‚ सरकार की हरकतें यà¥à¤¦à¥à¤§ अपराधों के अंतरà¥à¤—त आ सकती हैं। हालांकि अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से अà¤à¥€ तक यà¥à¤¦à¥à¤§à¤µà¤¿à¤°à¤¾à¤® का आहà¥à¤µà¤¾à¤¨ नहीं किया है लेकिन à¤à¤• नरसंहार के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ इजराइल का चेताया अवशà¥à¤¯à¥¤ इधर अमेरिका इस खूनी खेल को जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ खतà¥à¤® करने के लिठकूटनीति मोड में है। लेकिन वाशिंगटन को यह समà¤à¤¨à¤¾ होगा कि अधिकांश देश दो राजà¥à¤¯ समाधान के बारे में बात कर रहे हैं मगर इजराइल से उठरही आवाजों में वह संà¤à¤µ नहीं दिख रहा। कहा तो यह à¤à¥€ जा रहा है कि अगर आज डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस में होते तो चीजें अलग होतीं।
इन हालात के बीच इजराइज में इस तरह की बातें à¤à¥€ होने लगीं हैं कि नेतानà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥‚ इसलिठनहीं à¤à¥à¤• सकते कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‡ डर है कि चà¥à¤¨à¤¾à¤µ होने पर कहीं जनता उनà¥à¤¹à¥‡ सतà¥à¤¤à¤¾ से बाहर का रासà¥à¤¤à¤¾ न दिखा दे जो हमास के हमले से कà¥à¤°à¥‹à¤§à¤¿à¤¤ और शायद खà¥à¤¦ को अपमानित महसूस कर रही है। इसमें संदेह नहीं कि जो इजराइल के साथ हà¥à¤† वह गलत था लेकिन दो गलतियां मिलकर à¤à¤• सही नहीं बनातीं। समय है कि कà¥à¤› 'पवितà¥à¤°' और समà¤à¤¦à¤¾à¤° आवाजों को सà¥à¤¨à¤¾ जाà¤à¥¤
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login