पिछला दशक à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठकाफी परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤•ारी रहा है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जीवन का कोई à¤à¥€ पहलू इन बदलावों से अछूता नहीं रहा है। à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨ तो आसानी से देखे जा सकते हैं। लेकिन सामाजिक-सांसà¥à¤•ृतिक सà¥à¤¤à¤° पर हो रहे बदलाव सूकà¥à¤·à¥à¤® और अवचेतन हैं, फिर à¤à¥€ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ हैं। इस कॉलम का विषय इसी सामाजिक-सांसà¥à¤•ृतिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ पर है।
जब नोबेल पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार विजेता वी.à¤à¤¸. नायपॉल ने 1988 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का दौरा किया था, लगà¤à¤— उसी समय उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• 'इंडिया: ठमिलियन मà¥à¤¯à¥‚टिनिज नाउ' लिखनी शà¥à¤°à¥‚ की थी। तब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ को 'गंà¤à¥€à¤° गांधीवादी उदासी से à¤à¤°à¤¾' पाया था। यह à¤à¤• सरà¥à¤µà¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ उदासी थी, शायद लगà¤à¤— चार दशकों के असफल नेहरूवादी समाजवाद का परिणाम। नायपॉल लिखते हैं, 'पतन की बात थी, पहले के समय के मानकों से à¤à¤• अलग होना।'
सैकड़ों सालों के इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¤¿à¤• और बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ उपनिवेशवाद ने à¤à¤• उदà¥à¤¯à¤®à¥€ समाज को, जो अपने असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के अधिकांश समय के लिठदà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे समृदà¥à¤§ समाजों में से à¤à¤• था, à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• और बौदà¥à¤§à¤¿à¤• रूप से घायल, पराजित, निराश और à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦à¥€ बना दिया था।
1990 के दशक में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ पी.वी. नरसिमà¥à¤¹à¤¾ राव के नेतृतà¥à¤µ में शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• उदारीकरण ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के बाजारों को विदेशी निवेशों के लिठखोल दिया। हालांकि, शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सफलताओं के बाद आरà¥à¤¥à¤¿à¤• विकास में बाधाà¤à¤‚ आईं। आज, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आशावाद की लहर दौड़ रही है। यूरोप और मधà¥à¤¯ पूरà¥à¤µ में लंबे समय से चल रहे यà¥à¤¦à¥à¤§à¥‹à¤‚ के à¤à¥‚त, महंगाई, बढ़ते खादà¥à¤¯ और ऊरà¥à¤œà¤¾ की कीमतों से जूà¤à¤¤à¥€ कोविड के बाद की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आशा और विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ से à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में यà¥à¤µà¤¾ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— दोनों में ही à¤à¤¾à¤°à¤¤ को उसकी पूरà¥à¤µ औपनिवेशिक शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ ता पर वापस लाने की चाह है। यह आरà¥à¤¥à¤¿à¤• और सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त दोनों रूपों में है।
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की सबसे अधिक जनसंखà¥à¤¯à¤¾ वाला देश होने के नाते à¤à¤¾à¤°à¤¤ सबसे तेजी से बढ़ती (7.6 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤, Q2 FY24) बड़ी अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¥€ है। बिजली, खाना पकाने के गैस कनेकà¥à¤¶à¤¨, शौचालय, बैंक खाते, आवास, आदि तक पहà¥à¤‚च पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करके पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ मंतà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी की सरकार ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के गरीबों और सबसे हाशिठपर रहने वालों को इस तरह सशकà¥à¤¤ बनाया है, जैसा कि पहले कà¤à¥€ किसी सरकार ने नहीं किया था।
डिजिटलीकरण और मोबाइल कनेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परिदृशà¥à¤¯ में कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति ला दी है। सड़क किनारे के सà¥à¤Ÿà¥‰à¤², कियोसà¥à¤• और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤Ÿ विकà¥à¤°à¥‡à¤¤à¤¾à¤“ं पर डिजिटल à¤à¥à¤—तान के लिठकà¥à¤¯à¥‚आर कोड डिसà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡ देश à¤à¤° में मानक हैं। दिसंबर 2023 में यूनिफाइड पेमेंटà¥à¤¸ इंटरफेस (UPI) लेनदेन की संखà¥à¤¯à¤¾ 117.6 बिलियन तक पहà¥à¤‚च गई और मूलà¥à¤¯ में INR 183 टà¥à¤°à¤¿à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ तक पहà¥à¤‚च गया। यह 2022 के समान महीने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 59 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ और 42 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की वृदà¥à¤§à¤¿ है।
आधार, दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की सबसे वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• बायोमेटà¥à¤°à¤¿à¤• आईडी पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ और पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· लाठहसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण (DBT) का संयोजन लाà¤à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पारदरà¥à¤¶à¥€ सरकारी सबà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ ढांचे के विकास में à¤à¤• और दृशà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ परिवरà¥à¤¤à¤¨ हà¥à¤† है। सड़कों और राजमारà¥à¤—ों, पà¥à¤²à¥‹à¤‚, सà¥à¤°à¤‚गों, टà¥à¤°à¥‡à¤¨ टà¥à¤°à¥ˆà¤• और टà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚, मेटà¥à¤°à¥‹ रेल परियोजनाओं, हवाई अडà¥à¤¡à¥‹à¤‚ और बंदरगाहों पर खरà¥à¤š में तेजी आई है। बचपन में मैंने कà¤à¥€ पटना से दिलà¥à¤²à¥€ की सड़क यातà¥à¤°à¤¾ के बारे में नहीं सोचा था। अब मेरे चचेरे à¤à¤¾à¤ˆ हर समय à¤à¤¸à¤¾ करते हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ (IIT), à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ (IIM) और अखिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आयà¥à¤°à¥à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ (AIIMS) हैं।
अमेरिका के कोलंबस सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ में कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤•ेशन के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° रमेश राव ने कहा, 'अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अलावा à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने अनà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पà¥à¤°à¤—ति की है। कलातà¥à¤®à¤• उदà¥à¤¯à¤® से लेकर वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ और शिकà¥à¤·à¤¾ से लेकर खेल और राजनीति तक, बदलाव हर जगह हैं। हम में से पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• को उन बदलावों के केवल कà¥à¤› टà¥à¤•ड़े ही देखने को मिलते हैं।' सबहाश काक के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पिछले à¤à¤• दशक या उससे अधिक समय का सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ परिवरà¥à¤¤à¤¨ 'à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति के बारे में बोलते समय पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ कà¥à¤·à¤®à¤¾à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ सà¥à¤µà¤° का तà¥à¤¯à¤¾à¤— है।' काक ओकलाहोमा सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€, सà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤µà¥‰à¤Ÿà¤°, यूà¤à¤¸à¤ में कंपà¥à¤¯à¥‚टर विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के रेजेंटà¥à¤¸ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° हैं। वह पदà¥à¤®à¤¶à¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤•रà¥à¤¤à¤¾ हैं और पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ मंतà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी की विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी और नवाचार सलाहकार परिषद के सदसà¥à¤¯ हैं।
उपनिवेशवाद के बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤ अपने सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त घावों को सहलाते हà¥à¤ अपनी जनता, अतीत, संसà¥à¤•ृति, गà¥à¤°à¤‚थों और परंपराओं के बारे में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नकारातà¥à¤®à¤• कथा को लेकर वासà¥à¤¤à¤µ में जागरूक हो गया है। वह जागरूकता पिछले à¤à¤• दशक के दौरान à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ ताकत के रूप में उà¤à¤°à¥€ है।
जब यूरोपीय-बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶, फà¥à¤°à¥‡à¤‚च और पà¥à¤°à¥à¤¤à¤—ाली-ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ पर कबà¥à¤œà¤¾ किया, तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के बौदà¥à¤§à¤¿à¤• विरासत को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के बारे में जानकारी की दिशा मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से 'बाहरी से अंदरूनी' हो गई।
कनाडा के मैकगिल विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में बरà¥à¤•à¥à¤¸ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° ऑफ कंपैरेटिव रिलिजन अरविंद शरà¥à¤®à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, परंपरा के मूल 'अंदरूनी' लोगों 'अपनी खà¥à¤¦ की धारà¥à¤®à¤¿à¤• परंपराओं की अपनी समठमें à¤à¥€, पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ (गैर-देशी बाहरी) खातों से गहराई से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने लगे।' उपनिवेशवादियों ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के बारे में à¤à¤• ओरिà¤à¤‚टलिसà¥à¤Ÿ कहानी à¤à¥€ बनाई। इसने उनकी राजनीतिक शकà¥à¤¤à¤¿, वरà¥à¤šà¤¸à¥à¤µ, नसà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¦ और वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• उपनिवेशवाद का आधार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ और अकादमिक पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚-हिंदà¥à¤“ं को डिफॉलà¥à¤Ÿ रूप से आदिम दिखाया। हिंदà¥à¤“ं को आदिम, कà¥à¤°à¥‚र, असà¤à¥à¤¯ या दà¥à¤·à¥à¤Ÿ के रूप में चितà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने की उनकी आवशà¥à¤¯à¤•ता अपने आप को सà¤à¥à¤¯ और 'पà¥à¤°à¤¬à¥à¤¦à¥à¤§' के रूप में पेश करने की उनकी ततà¥à¤ªà¤°à¤¤à¤¾ से उपजी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हिंदू समाज को विकारों से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ बताया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ दावा किया कि 'सती' और 'जाति' जैसे तथाकथित 'सामाजिक बà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¯à¤¾à¤‚' हमेशा से हिंदू समाज और हिंदू धरà¥à¤® का हिसà¥à¤¸à¤¾ रही हैं।
विशà¥à¤µ अडलà¥à¤°à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ इंडोलॉजिसà¥à¤Ÿ, खासकर जरà¥à¤®à¤¨, का मानना था कि 'à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने (खà¥à¤¦ के) गà¥à¤°à¤‚थों के 'सचà¥à¤šà¥‡' अरà¥à¤¥ तक पहà¥à¤‚च नहीं थी। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ ने कà¤à¥€ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• आलोचनातà¥à¤®à¤• सोच विकसित नहीं की।' अडलà¥à¤°à¥€ हंटर कॉलेज में धरà¥à¤® और दरà¥à¤¶à¤¨à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° के पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° हैं। दूसरी ओर, सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ के बाद के मारà¥à¤•à¥à¤¸à¤µà¤¾à¤¦à¥€, à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पिछली उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और महिमा के किसी à¤à¥€ संदरà¥à¤ को जानबूà¤à¤•र छिपाते थे और उसे नकारते थे। वे यह दावा करते हà¥à¤ कि इससे हिंदू अतिवाद को बढ़ावा मिल सकता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ समाज के लगà¤à¤— हर पहलू को बदनाम करने के मामले में, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वहीं से शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की जहां उपनिवेशवादियों और मिशनरियों ने छोड़ा था।
औपनिवेशिक कथा को धीरे-धीरे लेकिन निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से पार करते हà¥à¤ मूल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ परंपरा (IKT) में रà¥à¤šà¤¿ का पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤° और उसके बारे में जागरूकता बढ़ रही है। इस जागरूकता में परंपरा को à¤à¤• मूल 'अंदरूनी' दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण से देखना à¤à¥€ शामिल है। पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के साथ-साथ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अà¤à¤¿à¤œà¤¾à¤¤ वरà¥à¤—, जो अपनी पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾ और निहित वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ और अनà¥à¤¯ à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨à¥‹à¤‚ से बोà¤à¤¿à¤² हैं, अंततः à¤à¤¾à¤°à¤¤ की समृदà¥à¤§ सांसà¥à¤•ृतिक विरासत को पहचानने को तैयार हैं, यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ अनिचà¥à¤›à¤¾ से।
काक ने कहा, 'पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संसà¥à¤•ृति और उसके जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ गरà¥à¤µ को 'नकारातà¥à¤®à¤• रंगों में चितà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता था। उपनिवेशित à¤à¤‚गà¥à¤²à¥‹à¤¸à¥à¤«à¥€à¤¯à¤° (हिंदू तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ और सांसà¥à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं का) उपहास करना जारी रखता था। à¤à¤¾à¤°à¤¤, परंपरागत रूप से à¤à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ समाज रहा है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ परंपरा सबसे लंबे समय तक चलने वाली परंपराओं में से à¤à¤• है, जो बौदà¥à¤§à¤¿à¤• जांच के लगà¤à¤— सà¤à¥€ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में अपार योगदान देती है।' उदाहरण के लिà¤, चिकितà¥à¤¸à¤• सà¥à¤¶à¥à¤°à¥à¤¤ ने 600 ईसा पूरà¥à¤µ में अपनी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• सà¥à¤¶à¥à¤°à¥à¤¤ संहिता में राइनोपà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€ का वरà¥à¤£à¤¨ किया था। इसी तरह, फीलà¥à¤¡à¥à¤¸ मेडल विजेता गणितजà¥à¤ž मंजà¥à¤² à¤à¤¾à¤°à¥à¤—व के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, तथाकथित पाइथागोरस पà¥à¤°à¤®à¥‡à¤¯ पहली बार बौदà¥à¤§à¤¾à¤¯à¤¨ के शà¥à¤²à¥à¤¬ सूतà¥à¤° में लगà¤à¤— 800 ईसा पूरà¥à¤µ में दिखाई देता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गणितजà¥à¤žà¥‹à¤‚ ने यूरोपीय लोगों से कम से कम à¤à¤• हजार साल पहले जोड़, घटाव और à¤à¤¾à¤— के मूल गणितीय à¤à¤²à¥à¤—ोरिथम में महारत हासिल कर ली थी। शबà¥à¤¦ 'à¤à¤²à¥à¤—ोरिथम' अल खà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¿à¤œà¥à¤®à¥€ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है, जिसने अपनी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों में à¤à¤¾à¤°à¤¤ से मूल गणितीय अवधारणाओं और गà¥à¤°à¤‚थों को उधार लिया और अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ किया था। कलन केरल सà¥à¤•ूल ऑफ मैथमेटिकà¥à¤¸ के माधà¥à¤¯à¤® से पशà¥à¤šà¤¿à¤® में फैल गया।
चौथी शताबà¥à¤¦à¥€ ईसा पूरà¥à¤µ में पाणिनि दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखा गया वà¥à¤¯à¤¾à¤•रण पर गà¥à¤°à¤‚थ, अषà¥à¤Ÿà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€, किसी à¤à¥€ मानव à¤à¤¾à¤·à¤¾ का à¤à¤•मातà¥à¤° पूरà¥à¤£, सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ और नियम-बदà¥à¤§ वà¥à¤¯à¤¾à¤•रण है। इसके अलावा, इसमें कई औपचारिक विशेषताà¤à¤‚ हैं जो सीधे कंपà¥à¤¯à¥‚टर विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के समानांतर हैं। दूसरी ओर, सातवीं शताबà¥à¤¦à¥€ ईसा पूरà¥à¤µ में लिखा गया यासà¥à¤• का निरà¥à¤•à¥à¤¤, शबà¥à¤¦-वà¥à¤¯à¥à¤¤à¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ पर पहला गंà¤à¥€à¤° काम है। यासà¥à¤• शबà¥à¤¦-वà¥à¤¯à¥à¤¤à¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤• सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के रूप में मानने वाले पहले विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ à¤à¥€ थे। अब मीडिया और शिकà¥à¤·à¤¾ जगत में शामिल लोगों सहित अधिक से अधिक लोग इस तथà¥à¤¯ को पहचान रहे हैं कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤• सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त राषà¥à¤Ÿà¥à¤° है। à¤à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤° जिसका कई हजार वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का इतिहास है। à¤à¤¸à¤¾ नहीं था कि à¤à¤• दिन 'संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• पिताओं' का à¤à¤• समूह इकटà¥à¤ ा हà¥à¤† और गणराजà¥à¤¯ बनाने का फैसला किया। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤· सनातन है, शाशà¥à¤µà¤¤ है।
जहां पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का आधार सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾, समानता और बंधà¥à¤¤à¥à¤µ है। वहीं, शà¥à¤°à¥€ अरविंदो के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ में सचà¥à¤šà¥‡ लोकतंतà¥à¤° का आधार धरà¥à¤® है। 'धरà¥à¤® के माधà¥à¤¯à¤® से' शà¥à¤°à¥€ अरविंदो ने वंदे मातरम (1908) में लिखा। यह à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ विकास खà¥à¤¦ को पूरा करता है, यह उसका रहसà¥à¤¯ है। आधà¥à¤¨à¤¿à¤• वेसà¥à¤Ÿà¤«à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ राजà¥à¤¯ की धारणा अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत नई है। यह केवल कà¥à¤› सदियों पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ है और इस धारणा पर आधारित है कि à¤à¤• सामानà¥à¤¯ राजनीतिक इकाई राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के लोगों की आकांकà¥à¤·à¤¾à¤“ं की सबसे अचà¥à¤›à¥€ सेवा करती है। हालांकि, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ में राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की धारणा बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ है। यह यूरोपीय केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की अवधारणा से à¤à¥€ अलग है।
'राषà¥à¤Ÿà¥à¤°' शबà¥à¤¦ का उपयोग वैदिक साहितà¥à¤¯ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤· की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पहचान का वरà¥à¤£à¤¨ करने के लिठकिया जाता है, जो उतà¥à¤¤à¤° में हिमालय के बरà¥à¤« से ढके पहाड़ों और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ में गहरे समà¥à¤¦à¥à¤° के बीच à¤à¤• सनà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ à¤à¥‚मि कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤· सात नदियों, सपà¥à¤¤ सिंधॠकी à¤à¥‚मि à¤à¥€ है। यह आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता, दिवà¥à¤¯à¤¤à¤¾, पवितà¥à¤°à¤¤à¤¾ और मातृतà¥à¤µ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से परिपूरà¥à¤£ है। अपनी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• 'इंडिया: ठसेकà¥à¤°à¥‡à¤¡ जियोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€' में डायना लिखती हैं कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ पवितà¥à¤° à¤à¥‚गोल की à¤à¥‚मि है जो 'देवताओं के निशान और नायकों के पदचिहà¥à¤¨ धारण करती है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की अपनी कहानी है। इसके विपरीत, मिथकों और किंवदंतियों के विशाल à¤à¤‚डार में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• कहानी का अपना सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है।'
कई शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚, विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ की आवाज मिली है। विदà¥à¤µà¤¾à¤¨-कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ संकà¥à¤°à¤¾à¤‚त साणॠके लिठहिंदà¥à¤¤à¥à¤µ 'हिंदू धरà¥à¤® का विरोध' है, जो हिंदू धरà¥à¤® के लिठअंदरूनी और बाहरी खतरों का विरोध करता है। राव ने कहा, 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ विरोधी और हिंदू विरोधी ताकतों की ताल अब बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨, सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿ, आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€ हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ की आवाजों की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से कम हो गई है जो तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚, आंकड़ों, तरà¥à¤• और चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ वापस धकेल रहे हैं। हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ à¤à¤• संसà¥à¤•ृत शबà¥à¤¦ है जिसका अरà¥à¤¥ है 'सार'— हिंदू धरà¥à¤® का सार।' अपनी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• 'हू इज हिंदू?' (1923) में वी.डी. सावरकर à¤à¤• हिंदू को 'वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ करते हैं जो (1) पूरे उपमहादà¥à¤µà¥€à¤ª को अपनी मां/पिता की à¤à¥‚मि मानता है। (2) हिंदू माता-पिता का वंशज है और (3) इस à¤à¥‚मि को पवितà¥à¤° मानता है।' à¤à¤• हिंदू की इस धारणा से, हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ को à¤à¤• समान राषà¥à¤Ÿà¥à¤° (राषà¥à¤Ÿà¥à¤°), à¤à¤• समान जाति (जाति) और à¤à¤• समान सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ (संसà¥à¤•ृति) के संदरà¥à¤ में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ की जाती है।'
हालांकि, अधिकांश पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ और कà¥à¤› à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ ने हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ को गलत समà¤à¤¾ है। वे इसे सà¥à¤¥à¤¿à¤° और à¤à¤•रूप मानते हैं। अरविंद शरà¥à¤®à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता यह है कि इसका संदरà¥à¤, पाठऔर उप-पाठसमय के साथ बदल गया है। हालांकि, हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ-वादी होने का आरोप लगाठबिना हिंदू धरà¥à¤® के बारे में अनà¥à¤•ूल शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में बात करना लगà¤à¤— असंà¤à¤µ है। इस तरह के पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨ में हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ का उपयोग हिंदू वरà¥à¤šà¤¸à¥à¤µ, फासीवाद/नाजीवाद, दकà¥à¤·à¤¿à¤£à¤ªà¤‚थी, हिंदू राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ आदि के लिठà¤à¤• परà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤µà¤¾à¤šà¥€ के रूप में किया जाता है। दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤•-इंडोलॉजिसà¥à¤Ÿ विशà¥à¤µ अडलà¥à¤°à¥€ और जॉयदीप बागची के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 'हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ का उपयोग अकà¥à¤¸à¤° अकादमिक हलकों में 'अनà¥à¤°à¥‚पताहीन (हिंदू) विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ करने के लिठकिया जाता है। इस चरितà¥à¤° चितà¥à¤°à¤£ ने कई लोगों को कोने में धकेल दिया था।'
अयोधà¥à¤¯à¤¾ में राम मंदिर का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ के बाद के à¤à¤¾à¤°à¤¤ के इतिहास की सबसे पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ घटनाओं में से à¤à¤• था। तरà¥à¤• के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कई पीढ़ियों में हिंदà¥à¤“ं के लिठसबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ घटना थी। काक के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, यह सामानà¥à¤¯ रूप से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ और विशेष रूप से हिंदà¥à¤“ं के बीच à¤à¤• नठ'आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸' का संकेत देता है। कà¥à¤› दशक पहले इस तरह के आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ ने वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल परिणाम दिठहोंगे।
पंडित वामदेव शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ (डॉ. डेविड फà¥à¤°à¥‰à¤²à¥‡) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 'राम मंदिर का पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¤• सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त जागृति का संकेत देता है। शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® और रामराजà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¤¤ के इतिहास, पहचान और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की आकांकà¥à¤·à¤¾à¤“ं के केंदà¥à¤° में हैं।' à¤à¤—वान राम की पà¥à¤°à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा अयोधà¥à¤¯à¤¾ में नवनिरà¥à¤®à¤¿à¤¤ राम मंदिर में हिंदà¥à¤“ं के लिठ500 साल के इंतजार और à¤à¤• लंबे और कड़े कानूनी यà¥à¤¦à¥à¤§ का परिणाम था। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के पांच जजों की पीठने हिंदà¥à¤“ं को शà¥à¤°à¥€à¤°à¤¾à¤® जनà¥à¤®à¤à¥‚मि सà¥à¤¥à¤² सौंपने का सरà¥à¤µà¤¸à¤®à¥à¤®à¤¤à¤¿ से फैसला सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤
मंदिर का पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ (नायपॉल के शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में) 'घायल सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾' के लोगों के लिठà¤à¤• पीढ़ीगत आघात के उपचार की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ का संकेत देता है। अब अधिक आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अपने नषà¥à¤Ÿ और कबà¥à¤œà¤¾ किठगठमंदिरों को फिर से हासिल करने और पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ करने की मांग कर रहे हैं। वे यह à¤à¥€ मांग कर रहे हैं कि उनके मंदिरों को सरकारी नियंतà¥à¤°à¤£ से मà¥à¤•à¥à¤¤ किया जाà¤à¥¤ काक ने कहा, 'हिंदू समानता चाहते हैं।'
जब पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾ मॉडल जागृत वामपंथी विचारधारा, à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° और अनियमितताओं के कारण गंà¤à¥€à¤° संकट के संकेत दिखा रहा है, तो à¤à¤¾à¤°à¤¤ और दूर-दूर के विदेशी देशों में धारà¥à¤®à¤¿à¤• छातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ और लेखन में नठसिरे से रà¥à¤šà¤¿ दिखाई दे रही है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गà¥à¤°à¤‚थों, परंपराओं और संसà¥à¤•ृति के महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से जानबूà¤à¤•र हटाठजाने को पहचानने के कारण उनके समावेश की लगातार मांग उठरही है। जवाहरलाल नेहरू विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में संसà¥à¤•ृत और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ सà¥à¤•ूल की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ में धारà¥à¤®à¤¿à¤• छातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ के à¤à¤• नठयà¥à¤— की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की। सà¥à¤•ूल की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ 2017 में संसà¥à¤•ृत अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के विशेष केंदà¥à¤° को अपगà¥à¤°à¥‡à¤¡ करने के बाद की गई थी। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ छातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿, खासकर शिकà¥à¤·à¤¾ जगत में, मारà¥à¤•à¥à¤¸à¤µà¤¾à¤¦à¥€ वामपंथ का à¤à¤•ाधिकार रहा है। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ मंतà¥à¤°à¥€ इंदिरा गांधी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¤¤ के शिकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ के रूप में वामपंथी इतिहासकार और शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦ सैयद नूरà¥à¤² हसन की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ की शिकà¥à¤·à¤¾ को बदल दिया। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से IKT को बाहर रखने के अलावा, वामपंथी इतिहासकारों ने à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ उपमहादà¥à¤µà¥€à¤ª के इतिहास को à¤à¥€ काफी विकृत किया।
अरà¥à¤£ शौरी ने अपनी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• 'पà¥à¤°à¤®à¥à¤– इतिहासकार: उनकी तकनीक, उनकी रेखा, उनका धोखा' (2014) में मारà¥à¤•à¥à¤¸à¤µà¤¾à¤¦à¥€ इतिहासकारों के अकादमिक à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° का परà¥à¤¦à¤¾à¤«à¤¾à¤¶ किया। फà¥à¤°à¥‰à¤²à¥‡ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 'à¤à¤• हिंदू पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¤à¥à¤¥à¤¾à¤¨ का अरà¥à¤¥ है वामपंथी बौदà¥à¤§à¤¿à¤• वरà¥à¤šà¤¸à¥à¤µ का अंत न केवल à¤à¤¾à¤°à¤¤ में, बलà¥à¤•ि अंततः पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में।' पिछले कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में धारà¥à¤®à¤¿à¤• छातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ में तेजी आई है। विकà¥à¤°à¤® संपत, संजीव सानà¥à¤¯à¤¾à¤² और जे. सांई दीपक जैसे लेखकों और सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने वामपंथी इतिहासकारों की कथाओं में खाली जगहों को à¤à¤° दिया है। साथ ही काक, अरविंद शरà¥à¤®à¤¾, मकरंद परांजपे, पंकज जैन, विशà¥à¤µ अडलà¥à¤°à¥€ और जॉयदीप बागची जैसे शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚, इंडोलॉजिसà¥à¤Ÿ और शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने इंडोलॉजी, योग और चेतना अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨, वेदांत और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¤µà¤¾à¤¦ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान दिया है।
विशà¥à¤µ अडलà¥à¤°à¥€ और जॉयदीप बागची की उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• 'द ने साइंस: ठहिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ ऑफ जरà¥à¤®à¤¨ इंडोलॉजी' ने यह उजागर किया कि पशà¥à¤šà¤¿à¤® के विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में इंडोलॉजी और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ विà¤à¤¾à¤—ों में à¤à¤¾à¤°à¤¤ का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ कैसे किया जाता है। इंडिक à¤à¤•ेडमी जैसे गैर-लाà¤à¤•ारी संगठन, जिसके टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ लेखक हैं, IKT के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पहलà¥à¤“ं पर पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं और शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं, विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ और लेखकों को अनà¥à¤¦à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं।
सबरीमाला मंदिर विवाद ने à¤à¤• नई नसà¥à¤² के नारीवादी कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं को सामने लाया जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने विरोधी पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ नारीवाद को असà¥à¤µà¥€à¤•ार कर दिया। सà¥à¤®à¥‡à¤§à¤¾ वरà¥à¤®à¤¾ ओà¤à¤¾, शेफाली वैदà¥à¤¯, अंजली जॉरà¥à¤œ और नेहा शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ जैसी लोगों की à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नारीवादी छातà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ और सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ धरà¥à¤® में निहित है। राव ने कहा 'रेडी टू वेट' अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤• बेहद सफल सामाजिक आंदोलन बन गया। à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤° की यà¥à¤µà¤¾ महिलाओं सहित कई हिंदू महिलाओं ने सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ अयपà¥à¤ªà¤¨ मंदिर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ को लेकर परंपरा का समरà¥à¤¥à¤¨ किया। सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿ, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤²à¥€, शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ महिलाओं ने बड़े-बड़े कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है। वे अब सड़कों पर मारà¥à¤š करने से पहले दो बार सोचते हैं।'
सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं का टकराव à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤° में कई सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ पर और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरीकों से खेला जा रहा है। जैसा कि आरà¤à¤¸à¤à¤¸ सरसंघचालक डॉ. मोहन à¤à¤¾à¤—वत ने à¤à¤• बार कहा था, 'à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पà¥à¤°à¤—ति उसे अमेरिका या चीन जैसा बनाने में नहीं है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤¾à¤°à¤¤ ही रहना चाहिà¤à¥¤' उपनिवेशवादियों से उपनिवेशित अà¤à¤¿à¤œà¤¾à¤¤ वरà¥à¤— तक 'सतà¥à¤¤à¤¾ का हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण' सचà¥à¤šà¥€ राजनीतिक, आरà¥à¤¥à¤¿à¤•, सामाजिक और सांसà¥à¤•ृतिक सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं था। पिछले à¤à¤• दशक में à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने हिंदू सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ को रोजमरà¥à¤°à¤¾ की जिंदगी के केंदà¥à¤° में रखने के लिठजमीनी सà¥à¤¤à¤° पर à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• उà¤à¤¾à¤° देखा है। सà¥à¤ˆ तेजी से à¤à¤¾à¤°à¤¤ से à¤à¤¾à¤°à¤¤ की ओर बढ़ रही है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¤• नया धारà¥à¤®à¤¿à¤• जागरण मानवता के लिठà¤à¤• वरदान है।
(यह कॉलम Indian Renaissance नामक पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के रूप में पà¥à¤°à¤•ाशित हà¥à¤† है। लेखक अवतांस कà¥à¤®à¤¾à¤° à¤à¤• à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦ हैं और सैन फà¥à¤°à¤¾à¤‚सिसà¥à¤•ो पà¥à¤°à¥‡à¤¸ कà¥à¤²à¤¬ के पतà¥à¤°à¤•ारिता पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ारों के पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤•रà¥à¤¤à¤¾ हैं। इस लेख में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ विचार और राय लेखक के हैं और जरूरी नहीं कि ये नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ की आधिकारिक नीति या सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हों।)
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