विशà¥à¤µ के दो सबसे बड़े लोकतंतà¥à¤° यानी à¤à¤¾à¤°à¤¤ और अमेरिका के बीच कई समानताà¤à¤‚ हैं। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में दोनों देशों के बीच संबंध à¤à¥€ सहज और सà¥à¤¦à¥ƒà¤¢à¤¼ हैं। मगर लगातार मजबूत होती मितà¥à¤°à¤¤à¤¾ की मà¥à¤¨à¤¾à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और सहज रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के कà¥à¤› असहज पहलू à¤à¥€ हैं जो रह-रहकर सामने आते रहते हैं। जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ से लेकर आतंकवाद के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ार तक दोनों देशों की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾à¤à¤‚ समान हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ और अमेरिका आतंतवाद का दंश à¤à¥‡à¤² चà¥à¤•े हैं लिहाजा इस चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ को लेकर दोनों ही देशों की नीतियां कमोबेश à¤à¤• जैसी हैं लेकिन à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने जिस शखà¥à¤¸ को आतंकी घोषित किया है उसका अमेरिकी नागरिकता की आंड़ में 'à¤à¤• तरह का संरकà¥à¤·à¤£' मिठास के बीच खटास जैसा है। यह मसला सहज संबंधों को असहज करने वाला है। अमेरिका की धरती पर पनà¥à¤¨à¥‚ की हतà¥à¤¯à¤¾ की 'नाकाम साजिश का खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾' और उसमें à¤à¤¾à¤°à¤¤ की संलिपà¥à¤¤à¤¤à¤¾ का दावा कालांतर में किसी à¤à¤• को गलत साबित करने वाला है। इस मसले पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ में जो जांच चल रही है उसका निषà¥à¤•रà¥à¤· à¤à¤¾à¤°à¤¤ या अमेरिका में से किसी à¤à¤• को गलत साबित कर देगा। और उस जांच के नतीजे और तरीकों या कहें कि पà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤•ता पर à¤à¥€ सवाल उठने तय हैं।
दोनों देश इस असहज कर देने वाले मामले को अपनी तरह से डील करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इस या किसी अनà¥à¤¯ मामले में तीसरे पकà¥à¤· अथवा देश की तरफदारी किसी को सहज तो किसी को असहज करने वाली है। मिसाल के तौर पर पनà¥à¤¨à¥‚ मामले में रूस खà¥à¤²à¤•र à¤à¤¾à¤°à¤¤ के साथ खड़ा। रूस ने इस मामले में अमेरिका को ही सवालों में घेर दिया है। रूस का कहना है कि अपने आरोप के पकà¥à¤· में अमेरिका ने अब तक कोई à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤®à¤‚द साकà¥à¤·à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ नहीं किया है। यह तरफदारी à¤à¤¾à¤°à¤¤ को खà¥à¤¶ करने वाली है लेकिन अमेरिका को नाखà¥à¤¶à¥¤
इससे पहले रूस ने ही अमेरिका पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ के घरेलू मामलों में दखल देने का आरोप लगाया था। और कà¥à¤› समय पहले à¤à¤¾à¤°à¤¤ के चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª का आरोप à¤à¥€ अमेरिका पर लग चà¥à¤•ा है। चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª के रूसी आरोप पर तो अमेरिका को सफाई तक देनी पड़ी थी। घरेलू मामलों में दखल को लेकर तो रूस के विदेश मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ की पà¥à¤°à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ मारिया जखारोव ने यह तक कह दिया था कि वॉशिंगटन को à¤à¤¾à¤°à¤¤ की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मानसिकता और इतिहास की समठनहीं है। पà¥à¤°à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ ने यह à¤à¥€ कहा था कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ ही नहीं दूसरे देशों की धारà¥à¤®à¤¿à¤• आजादी में à¤à¥€ अमेरिका अड़ंगा लगाता रहता है।
ईरान के चाबहार बंदरगाह को लेकर à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤-अमेरिका सहज नहीं हैं। चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव है इसलिठवॉशिंगटन चाहता है दिलà¥à¤²à¥€ की à¤à¥€ तेहरान से नजदीकियां न हों। चाबहार बंदरगाह के à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ के सह पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन को लेकर à¤à¤¾à¤°à¤¤ से हà¥à¤ समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ के बाद अमेरिकी चेतावनी पर विदेश मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¤¸. जयशंकर ने दो टूक कहा है कि इस मसले पर अमेरिका को अपना संकीरà¥à¤£ नजरिया छोड़ना चाहिà¤à¥¤ इसी तरह रूस-यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ यà¥à¤¦à¥à¤§ पर अमेरिका का पकà¥à¤· à¤à¤•तरफा है जबकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ दोनों यà¥à¤¦à¥à¤§à¤°à¤¤ देशों के साथ संतà¥à¤²à¤¨ कायम करके चल रहा है। इजराइल-फिलिसà¥à¤¤à¥€à¤¨ टकराव में à¤à¥€ अमेरिका à¤à¤• तरफ खड़ा है जबकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ अपने मितà¥à¤° इजराइल से यà¥à¤¦à¥à¤§à¤µà¤¿à¤°à¤¾à¤® की गà¥à¤¹à¤¾à¤° लगाने के साथ ही संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° में फिलिसà¥à¤¤à¥€à¤¨ की सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ सदसà¥à¤¯à¤¤à¤¾ की आवाज उठा रहा है।
यह सही है कि दोनों देशों के संबंध अब इतने मजबूत और परिपकà¥à¤µ हो चà¥à¤•े हैं कि उनको कमजोर करने की कोई साजिश या सियासत आसानी से कामयाब नहीं हो पाà¤à¤—ी लेकिन राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ को लेकर तो कोई à¤à¥€ समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ करने वाला नहीं है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login