डॉ. सूफिया खानम
पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ 28 (COP28) के समापन के दौरान जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ से सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ देशों ने जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ के सिलसिले को कम करने के लिठजरूरी कदमों पर बहस की। इन बैठकों में तमाम सदसà¥à¤¯ देश इन चरà¥à¤šà¤¾à¤“ं में मशगूल रहे कि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ को कैसे कम किया जाठऔर उसके लिठअनà¥à¤•ूलन कैसे किया जाà¤à¥¤ तय किया गया कि जितनी जलà¥à¤¦à¥€ हो सके जीवाशà¥à¤® ईंधन से दूरी कायम करने के लिठकदम उठाठजाने चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने के लिठसà¤à¥€ सदसà¥à¤¯ देशों को मिलकर काम करना चाहिठऔर विकसित देशों को विकासशील देशों को à¤à¤¸à¤¾ करने में मदद करने की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ लेनी चाहिà¤à¥¤
à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने G20 का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ होने के साथ-साथ जलवायॠकारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सामने गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² साउथ की आवाज का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करने में नेतृतà¥à¤µà¤•ारी à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆà¥¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ और विशà¥à¤µ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के बारे में बातचीत का नेतृतà¥à¤µ किया और सà¤à¥€ ने इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के अचà¥à¤›à¥‡ उतà¥à¤¤à¤° खोजने के जतन किये। ये परियोजनाà¤à¤‚ टीम वरà¥à¤• को बढ़ावा देती हैं और à¤à¥‚मि हानि, नीली अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, हरित हाइडà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨, संसाधन दकà¥à¤·à¤¤à¤¾ और चकà¥à¤°à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ जैसे मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ से निपटती हैं।
जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ के जोखिमों से निपटने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कंपनियों को à¤à¤• साथ काम करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करना à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ उदà¥à¤¯à¥‹à¤— परिसंघ (CII) जलवायॠकारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ चारà¥à¤Ÿà¤° का लकà¥à¤·à¥à¤¯ था। इनमें से कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को हल करने में मदद के लिठCII और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ उदà¥à¤¯à¥‹à¤— कई परियोजनाओं पर मिलकर काम कर रहे हैं। इसके 170 से अधिक सदसà¥à¤¯ हैं और पिछले वरà¥à¤· में इसने à¤à¤¾à¤°à¤¤ के 7 औदà¥à¤¯à¥‹à¤—िक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में काम किया है। उदाहरण के लिठCII -गोदरेज गà¥à¤°à¥€à¤¨ बिजनेस सेंटर (IGBC) वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ को सलाह देकर पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक संसाधनों को बचाने में मदद करना चाहता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ की हरित à¤à¤µà¤¨ पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ का नेतृतà¥à¤µ CII-GBC ने किया है। IGBC ने अपने कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के हिसà¥à¤¸à¥‡ के रूप में 10.27 बिलियन वरà¥à¤— फà¥à¤Ÿ से अधिक कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को कवर करने वाली 11,300 से अधिक हरित à¤à¤µà¤¨ परियोजनाओं को पंजीकृत किया है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में इनमें से 3,260 परियोजनाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ हो चà¥à¤•ी हैं और पूरी तरह से चालू हैं।
इन सà¤à¥€ चरà¥à¤šà¤¾à¤“ं में COP के दौरान à¤à¤¾à¤°à¤¤ की जलवायॠकारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ पर बहà¥à¤¤ जोर दिया गया। चाहे वह गà¥à¤°à¥€à¤¨ कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿ पहल हो या जलवायॠसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾ पर हसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° न करना हो कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसे लगा कि जलवायॠनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ अधिक महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी ने à¤à¤¾à¤°à¤¤ की नई गà¥à¤°à¥€à¤¨ कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿ पहल पर जोर दिया। इसे परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारà¥à¤¯ करने वाली परियोजनाओं के लिठगà¥à¤°à¥€à¤¨ कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿ देकर लोगों को परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ की देखà¤à¤¾à¤² करने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने के लिठबनाया गया था। ये कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿ मानवाधिकारों की रकà¥à¤·à¤¾ में à¤à¥€ मदद करते हैं।
जलवायॠवितà¥à¤¤ के मोरà¥à¤šà¥‡ पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने विशà¥à¤µ बैंक और अनà¥à¤¯ सह-वितà¥à¤¤à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ निजी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ जैसे संगठनों की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾à¤“ं की ज़रूरतों पर अधिक जोर दिया जो जोखिम-वापसी संबंध में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठविकासशील देशों की सरकारों के साथ काम कर सकते हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने बहà¥à¤ªà¤•à¥à¤·à¥€à¤¯ विकास बैंक (MDB) के सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ चरà¥à¤šà¤¾ की और बातचीत की गति को आगे बढ़ाने पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ाश डाला। यह पहल विकासशील देशों की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• वृदà¥à¤§à¤¿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किठबिना हरित ऊरà¥à¤œà¤¾ की ओर बदलाव के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
लगà¤à¤— 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ शहरी आबादी मलिन बसà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ (अनौपचारिक ठिकानों ) में रहती है। इसीलिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ में राजà¥à¤¯ सरकारें पेरिस समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ के आधार पर शूनà¥à¤¯-उतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨ लकà¥à¤·à¥à¤¯ को पूरा करने के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कदम उठा रही हैं। उदाहरण के लिठचेनà¥à¤¨à¤ˆ ने 2050 तक अपने शूनà¥à¤¯-उतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨ लकà¥à¤·à¥à¤¯ तक पहà¥à¤‚चने की योजना बनाई है। यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ 2070 की समय सीमा से 20 वरà¥à¤· पहले है।
कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर, विशेष रूप से दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ के संदरà¥à¤ में, à¤à¤¾à¤°à¤¤ COP के तहत BASIC (बà¥à¤°à¤¾à¤œà¥€à¤², दकà¥à¤·à¤¿à¤£ अफà¥à¤°à¥€à¤•ा, चीन, à¤à¤¾à¤°à¤¤) बà¥à¤²à¥‰à¤• के साथ संवादरत है जहां राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ हितों को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता मिलती है। दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ˆ देशों को जलवायॠसंकट से निपटने के लिठकà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। हालांकि बंगाल की खाड़ी बहà¥-कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ तकनीकी और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सहयोग पहल (BIMSTEC) और दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ सहकारी परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® (SACEP) जैसे दो कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ मंच हैं लेकिन देशों को दà¥à¤µà¤¿à¤ªà¤•à¥à¤·à¥€à¤¯ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ सहयोग अपनाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² साउथ की उà¤à¤°à¤¤à¥€ शकà¥à¤¤à¤¿ के रूप में à¤à¤¾à¤°à¤¤ पर बहà¥à¤ªà¤•à¥à¤·à¥€à¤¯ मंचों के माधà¥à¤¯à¤® से अनà¥à¤¯ कमजोर देशों के लिठआवाज उठाने की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ टिकाऊ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ के लिठजलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ सूचकांक 2023 में पहले ही 7वां सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ हासिल कर चà¥à¤•ा है। टिकाऊ और लचीले विकास के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² साउथ के लिठउसके 'नेतृतà¥à¤µ' को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚बित करेगी और कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से जलवायॠलकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठà¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ का मारà¥à¤— पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤ करेगी।
(लेखिका बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ इंटरनेशनल à¤à¤‚ड सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤Ÿà¥‡à¤œà¤¿à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œ (BIISS) ढाका, बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ में वरिषà¥à¤ शोध अधà¥à¤¯à¥‡à¤¤à¤¾ हैं)
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