चà¥à¤¨à¤¾à¤µ किसी à¤à¥€ देश का आंतरिक मामला होते हैं और नतीजों में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ निरà¥à¤£à¤¾à¤¯à¤• à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। लेकिन लग रहा है कि अमेरिका के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में इस बार 'बाहरी' मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ गहरा असर डालने वाले हैं। इजराइल-हमास जंग à¤à¤¸à¤¾ ही मसला है जो 2024 के चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में अमेरिकी सतà¥à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ान की दशा और दिशा दोनों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाला à¤à¤• कारक बनता दिख रहा है। इस मामले मे बाइडन पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ की नीति और फैसलों को लेकर देशà¤à¤° में पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ मà¥à¤–र हो रहे हैं। खबरों में दावा किया जा रहा है कि फिलिसà¥à¤¤à¥€à¤¨ के समरà¥à¤¥à¤¨ में विरोध-पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ विसà¥à¤¤à¤¾à¤° ले रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर इजराइल को लगातार रसद और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• मदद को लेकर à¤à¥€ हवाà¤à¤‚ सतà¥à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ान के माकूल नहीं बह रहीं।
खबरों में दावा किया जा रहा है कि फिलिसà¥à¤¤à¥€à¤¨ के समरà¥à¤¥à¤¨ में और इस पà¥à¤°à¤•रण में सतà¥à¤¤à¤¾ की नीतियों के विरोध में होने वाले पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ में 2000 से अधिक लोगों को गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° किया जा चà¥à¤•ा है। अमेरिका के करीब हर कोने में फिलिसà¥à¤¤à¥€à¤¨ के समरà¥à¤¥à¤¨ में पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ हà¥à¤ हैं और बड़े पैमान पर गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जारी हैं। 17 अपà¥à¤°à¥ˆà¤² को कोलंबिया विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से शà¥à¤°à¥ हà¥à¤ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ अब देशà¤à¤° के विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ परिसरों तक फैल गठहैं। छातà¥à¤° इसà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤²-हमास यà¥à¤¦à¥à¤§ को खतà¥à¤® करने की मांग कर रहे हैं। इस यà¥à¤¦à¥à¤§ में गाजा पटà¥à¤Ÿà¥€ में अब तक 34 हजार से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों की मौत हो चà¥à¤•ी है।
हालांकि अà¤à¥€ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में करीब छह महीने शेष हैं लेकिन कà¥à¤› ही दिन पहले à¤à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सरà¥à¤µà¥‡ के दावों या निषà¥à¤•रà¥à¤·à¥‹à¤‚ ने à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की à¤à¤• हलà¥à¤•ी तसà¥à¤µà¥€à¤° दिखाने की कोशिश की है। इस तसà¥à¤µà¥€à¤° यानी सरà¥à¤µà¥‡ में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ बाइडन अपने पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दà¥à¤µà¥€ और पूरà¥à¤µ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª से पिछड़ रहे हैं। अगर बात इजराइल-हमास टकराव और इस पूरे पà¥à¤°à¤•रण में अमेरिका की à¤à¥‚मिका की करें तो वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ हाउस के दोनों दावेदारों की नीतियां जनता के सामने हैं। अमेरिका के मतदाता इस मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ को कितना वजन देते हैं इसका आकलन तो बाद में होगा लेकिन फिलिसà¥à¤¤à¥€à¤¨ के समरà¥à¤¥à¤¨ में देशà¤à¤° में माहौल बनने का मतलब तो सतà¥à¤¤à¤¾-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ान के खिलाफ जाना ही निकलता है। इजराइल-हमास मामले को लेकर लोग बाइडन पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ की नीतियों के समरà¥à¤¥à¤• à¤à¥€ हैं और हो सकते हैं लेकिन गाजा में हà¥à¤ˆ हजारों मौतों और महिलाओं व बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ और यातना के लिठतो राजी नहीं हो सकते।
à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि अमेरिकी पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ ने इजराइल से जवाबी यà¥à¤¦à¥à¤§ रोकने के लिठबार-बार न कहा हो, यà¥à¤¦à¥à¤§à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में राहत और मानवीय सहायता की पहà¥à¤‚च के लिठरासà¥à¤¤à¤¾ और समय देने की बात न की हो लेकिन हमास के हमले का उतà¥à¤¤à¤° देने के लिठइजराइल को आरà¥à¤¥à¤¿à¤• मदद की मंजूरी और हथियारों की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कà¥à¤¯à¤¾ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है। परà¥à¤¦à¥‡ के आगे और उसके पीछे चलने वाले इन दृशà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को समà¤à¤¨à¤¾ इतना उलà¤à¤¨ à¤à¤°à¤¾ à¤à¥€ नहीं है। यह सब कà¥à¤› अमेरिका की जनता ही नहीं दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° की जमात देख रही है।
अलबतà¥à¤¤à¤¾ यह परिदृशà¥à¤¯ बदल सकता है यदि नवंबर से पहले इजराइल-हमास टकराव खतà¥à¤® होने की कोई सूरत बन जाà¤à¥¤ अगर à¤à¤¸à¤¾ होता है और इस जंग को खतà¥à¤® करने में अमेरिका की कोई कारगर à¤à¥‚मिका à¤à¥€ सामने आ जाती है तो मतदाताओं का फैसला तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से सकारातà¥à¤®à¤• छवि वाले बाइडन के लिठचà¥à¤¨à¤¾à¤µ में कितना फायदा पहà¥à¤‚चा सकता है इसका कà¥à¤› अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ तो लगाया ही जा सकता है। बेशक, मतदाताओं का मन कई बातों पर निरà¥à¤à¤° करता है किंतॠविदेश नीति à¤à¥€ à¤à¤• पहलू तो है ही। कई बार तातà¥à¤•ालिक कारण और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ हालात अतीत के हर अचà¥à¤›à¥‡-बà¥à¤°à¥‡ काम पर à¤à¤¾à¤°à¥€ पड़ जाते हैं।
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login