à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ अपने सरà¥à¤µà¤®à¤¾à¤¨à¥à¤¯ नेता नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी के नेतृतà¥à¤µ में à¤à¤• बार फिर और लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। मगर इस बार अपने दम पर नहीं, सहयोगी दलों के सहारे। मगर आनंद के इस अवसर में मोदी, à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ और पारà¥à¤Ÿà¥€ के विशाल समरà¥à¤¥à¤• वरà¥à¤— को à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ मलाल है जिसने जीत की खà¥à¤¶à¥€ और सरकार बनाने के उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ को परोकà¥à¤· रूप से गायब कर दिया है। जिस पà¥à¤°à¤šà¤‚ड जीत के मंसूबे साधे गये थे और मीडिया में माहौल बनाया गया था उसकी हवा 4 जून को मतगणना की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के साथ ही निकल गई थी। किंतॠजीत तो जीत ही है। लिहाजा à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मोदी à¤à¤• à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• उपलबà¥à¤§à¤¿ की बराबरी करते हà¥à¤ सरकार बनाने की तैयारी में हैं। यह à¤à¥€ सच है कि à¤à¤²à¥‡ ही इस जीत पर दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की सबसे बड़ी राजनीतिक पारà¥à¤Ÿà¥€ में कà¥à¤› कसक हो मगर विशà¥à¤µà¤à¤° में मोदी का डंका बज रहा है।
मोदी को वैशà¥à¤µà¤¿à¤• नेता मानकर अमेरिका, बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨, रूस, फà¥à¤°à¤¾à¤‚स, इटली और इजराइल ने बधाई दी है। चीन ने à¤à¥€ दी है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार से कदमताल की गति बढ़ाने की बात कही है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पड़ोसी शà¥à¤°à¥€à¤²à¤‚का, बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶, नेपाल और मालदीव से à¤à¥€ बधाई आई है। इजराइल के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बेंजामिन नेतनà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥‚ ने तो मोदी को हिंदी में लिखकर बधाई à¤à¥‡à¤œà¥€ है। लिखा है- मैं à¤à¤¾à¤°à¤¤ के साथ दोसà¥à¤¤à¥€ और नई ऊंचाइयों पर जाने के लिठउतà¥à¤¸à¥à¤• हूं। यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ जेलेंसà¥à¤•ी ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे बड़े लोकतंतà¥à¤° के नेता के साथ काम करना सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¥€ होगा। वहीं, इटली की पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ जॉरà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ मेलोनी ने बधाई देते हà¥à¤ कहा कि हम दोनों देशों की दोसà¥à¤¤à¥€ मजबूत करने के लिठमिलकर काम करेंगे। तमाम बधाइयों का सà¥à¤µà¤°-संदेश कमोबेश à¤à¤¸à¤¾ ही है। लगà¤à¤— सब में परसà¥à¤ªà¤° रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की पà¥à¤°à¤—ाढ़ता पर जोर है। खबरों में दावा है कि करीब 75 देशों से मोदी के लिठजीत की बधाई आई है।
यह सही है कि विशà¥à¤µ के सबसे बड़े लोकतंतà¥à¤° में चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ जीत और सरकार बनाने की तैयारियों के बावजूद सतà¥à¤¤à¤¾à¤§à¤¾à¤°à¥€ पारà¥à¤Ÿà¥€ और उसके नेतृतà¥à¤µ के लिठयह समय आतà¥à¤®à¤®à¤‚थन का है। इसलिठकि जिस बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड और विचारधारा के रथ पर सवार होकर सतà¥à¤¤à¤¾à¤§à¤¾à¤°à¥€ पारà¥à¤Ÿà¥€ ने चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ा था उसकी गति विपकà¥à¤·à¥€ गठबंधन ने कà¥à¤‚द कर दी है। साथ ही सतà¥à¤¤à¤¾à¤§à¤¾à¤°à¥€ पारà¥à¤Ÿà¥€ का यह à¤à¥à¤°à¤® à¤à¥€ टूट गया है कि देश में अब उसके अवाला कोई नहीं है। सियासी विरोध तो à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ को समठआ सकता है लेकिन जनता ने उससे किस बात का 'पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¥‹à¤§' लिया है, यह जानना-समà¤à¤¨à¤¾ सबसे अधिक पारà¥à¤Ÿà¥€ के नायक के लिठजरूरी है।
बहरहाल, यह देश और पारà¥à¤Ÿà¥€ का आंतरिक मसला हो सकता है और है à¤à¥€à¥¤ लेकिन दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के ताकतवर मà¥à¤²à¥à¤•ों समेत शेष देश इसे मोदी की लगातार तीसरी जीत के तौर पर ही देख रहे हैं। इस जीत में मोदी के कद की बढ़त देखी जा रही है। वही बढ़त जिसने मोदी को वैशà¥à¤µà¤¿à¤• नेता बना दिया है। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की विदेश नीति में कोई बड़ी तबà¥à¤¦à¥€à¤²à¥€ होगी इसमें संदेह है। अलबतà¥à¤¤à¤¾ गठबंधन सरकार की जो मजबूरियां होती हैं यदि वे आड़े नहीं आईं तो मोदी का कारवां चलता रहेगा। इस पर अà¤à¥€ से कà¥à¤› नहीं कहा जा सकता। जहां तक विपकà¥à¤·à¥€ गठबंधन की बात है तो उसने अà¤à¥€ शांत रहकर देखने की योजना बनाई है।
वैसे à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी की पहचान कड़े फैसले लेने वाले नेता की है। उनका सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ अड़चनों का आदि नहीं है। उनकी शासन शैली जब वे गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ थे तब à¤à¥€ वही थी जो बीते 10 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में बतौर पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ देखने को मिली है। गठबंधन को वह कैसे संà¤à¤¾à¤²à¥‡à¤‚गे यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल अधिक अटकलें लगाना ठीक नहीं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बात 'मोदी है तो मà¥à¤®à¤•िन है' पर आकर ठहर जाती है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login