यह कोई बड़ा आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ नहीं है कि अमेरिका उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ में हर साल दस लाख से अधिक विदेशी छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ देकर अगà¥à¤°à¤£à¥€ बना हà¥à¤† है। इस सूची में शीरà¥à¤· पर चीन और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के छातà¥à¤° हैं। विदेशी छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की अमेरिका की ओर दौड़ à¤à¥€ इसलिठहैरान नहीं करती कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि विशà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤° पर इसे अà¤à¥€ à¤à¥€ सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• और निजी संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• और सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पà¥à¤°à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤® आपूरà¥à¤¤à¤¿à¤•रà¥à¤¤à¤¾ के तौर पर देखा जाता है। छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की कà¥à¤² आबादी का छह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ विदेशों से है। यह अपने आप में उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ की गवाही है। यह दूसरों के लिठईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾ का सबब à¤à¥€ हो सकता है। सालाना तौर पर यह अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया जाता है कि विदेशी छातà¥à¤° अमेरिकी अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में 38 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करते हैं। यह न तो कोई छोटी रकम है और न नजरअंदाज करने वाली राशि। à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका को छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ के मामले में चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ का सामना नहीं करना पड़ता। सà¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ केवल यूरोप और उतà¥à¤¤à¤°à¥€ अमेरिका के उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ से नहीं है। ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾, नà¥à¤¯à¥‚जीलैंड और सिंगापà¥à¤° तथा ताइवान जैसे देशों ने विदेशी छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और हाई-टेक सेकà¥à¤Ÿà¤° में खींचना शà¥à¤°à¥‚ किया है। यह पशà¥à¤šà¤¿à¤® को कड़ी टकà¥à¤•र है। अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत कम महंगी टà¥à¤¯à¥‚शन फीस और निकटता ने à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त के केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ को शैकà¥à¤·à¤¿à¤• रूप से आकरà¥à¤·à¤• बना दिया है। वे दिन गठजब à¤à¤¾à¤°à¤¤ से कोई छातà¥à¤° केवल मासà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ या पीà¤à¤šà¤¡à¥€ के लिठविदेशी डिगà¥à¤°à¥€ हासिल करता था। आज हाई सà¥à¤•ूल करने वाले छातà¥à¤° à¤à¥€ अगली डिगà¥à¤°à¥€ विदेश से हासिल करने के इचà¥à¤›à¥à¤• हैं। लिहाजा वैशà¥à¤µà¤¿à¤• संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में यह सà¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ बेहद गहन हो चली है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ जैसे देश के लिठयà¥à¤µà¤¾ दिमागों के पलायन को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ पलायन के रूप में देखना à¤à¤• बात और वृतà¥à¤¤à¤¿ है। उनकी वापसी की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कम रहती है। लेकिन समय-समय पर इस बात पर à¤à¥€ विचार होता है कि à¤à¤• समय जà¥à¤žà¤¾à¤¨ केंदà¥à¤° के रूप में जाना और देखा जाने वाला देश à¤à¤¾à¤°à¤¤ अब इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– शकà¥à¤¤à¤¿ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं रह गया है। अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में लगà¤à¤— 1000 विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ और लगà¤à¤— 50,000 कॉलेज हैं। लेकिन इनमें से मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी à¤à¤° संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ à¤à¥€ अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ रेटिंगà¥à¤¸ में जगह नहीं बना पाते। इसका कारण समगà¥à¤° परिपà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤·à¥à¤¯ में चीजों को देखने का अà¤à¤¾à¤µ है। कई बार उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ को सà¥à¤µà¤°à¥à¤— से उतरी चीज के रूप में देखने की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ रही है। हालांकि पिछले कई वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में वंचितों और गैर-विशेषाधिकार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ लोगों के लिठà¤à¥€ उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ के दरवाजे खोलने पर बहà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया गया है। सही à¤à¥€ है। मगर अà¤à¥€ कई दरारें हैं जिनको à¤à¤°à¤¨à¤¾ जरूरी है। अगर à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤• बार फिर से शिकà¥à¤·à¤¾ के शकà¥à¤¤à¤¿-केंदà¥à¤° के रूप मे सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ होना है तो नींव पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना होगा। यानी नरà¥à¤¸à¤°à¥€-केजी से 12वीं तक। यहां à¤à¥€ सबसे पहले सरकारी सà¥à¤•ूलों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की दरकार है। अमेरिका जैसे कई विकसित देश अपने पबà¥à¤²à¤¿à¤• सà¥à¤•ूलों पर गरà¥à¤µ करते हैं जो अंततः उचà¥à¤š गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ वाले छातà¥à¤° पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं और जिनकी तलाश में विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ रहते हैं। मगर नींव का मजबूत होना किसी à¤à¥€ शिखर पर पहà¥à¤‚चने के लिठजरूरी है।
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