हिंदू पहचान को खिलाफ लंबे समय से दोहरी सोच वाली मानसिकता का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— होता आया है। पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦ और à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ ने कई मौकों पर लगातार à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल की सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ को विकृत करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया। लेकिन हिंदू और हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ का मूल सनातन धरà¥à¤® है, जो अपने मूल विचार की वजह से अडिग है। सनातन का विचार कहता है- "धरà¥à¤® शाशà¥à¤µà¤¤ है उसे विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ नहीं किया जा सकता। धरà¥à¤® का संचार होता है, इसका सà¥à¤µà¥€à¤•ार या फिर असà¥à¤µà¥€à¤•ार किया जा सकता है, लेकिन यह कà¤à¥€ खंडित नहीं होता।"
हमारी शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला के इस à¤à¤¾à¤— में, हम हिंदू और हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ को लेकर पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ में कथित दà¥à¤µà¤‚द की पड़ताल के साथ यह बताà¤à¤‚गे कि हिंदू धरà¥à¤® और हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ कोई ताकतें नहीं हैं, बलà¥à¤•ि à¤à¤• ही सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त सनातन धरà¥à¤® से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सà¥à¤µà¤°à¥‚प दो शाखाà¤à¤‚ हैं-
दरअसल, हिंदू पहचान को पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ में दोहरी मानसिकता के साथ देखा गया, जिसमें धरà¥à¤® बनाम राजनीति, आसà¥à¤¥à¤¾ बनाम राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦, आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता बनाम विचारधारा जैसे à¤à¤œà¥‡à¤‚डे पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रूप से शामिल हैं। रटगरà¥à¤¸ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ की रिपोरà¥à¤Ÿ में इसे सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से देखा जा सकता है।
'रटगरà¥à¤¸ रिपोरà¥à¤Ÿ बनावटी, गैर जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¾à¤¨à¤¾'
हिंदू और हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ पर रटगरà¥à¤¸ की रिपोरà¥à¤Ÿ पढ़ने पर सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता है कि यह सिरà¥à¤« धरà¥à¤® विशेष को कमतर दिखाने के लिठहै। दरअसल, रिपोरà¥à¤Ÿ में बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¤à¥à¤¤à¤¾ का अà¤à¤¾à¤µ है और यह à¤à¤¸à¥‡ कथित तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर आधारित है, जो हकीकत से दूर हैं। रिपोरà¥à¤Ÿ में हिंदू धरà¥à¤® को अराजनीतिक आसà¥à¤¥à¤¾ के रूप में और हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ à¤à¤• खतरनाक, जातीय-राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारधारा के रूप में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया गया है। इसके अलावा रिपोरà¥à¤Ÿ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ के वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• सामाजिक योगदान को अनदेखा करती है, जिसका पूरा सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤° ही आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• और सामाजिक को à¤à¤•ीकरण पर आधारित है।
यह à¤à¥€ पढ़ें: रटगरà¥à¤¸ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ à¤à¤¾à¤— à¤à¤•: हिंदू और à¤à¤¾à¤°à¤¤ विरोधी आखà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ का गठजोड़
हिंदू धरà¥à¤® से गहराई से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हैं हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ की जड़ें
लंबे समय से ही हिंदू धरà¥à¤® को कमजोर के करने, अवैध ठहराने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के तहत पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦ हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ की हिंदू धरà¥à¤® से अलग करके परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ देते रहे हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में औपनिवेशक काल से ही इस पर कà¥à¤ ाराघात किया जाता रहा है।लेकिन हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ की जड़ें हिंदू धरà¥à¤® से गहराई से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हैं। इसे वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से सà¥à¤µà¥€à¤•ार à¤à¥€ किया गया है।
हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ हिंदू संसà¥à¤•ृति का सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त शबà¥à¤¦
हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ को अकà¥à¤¸à¤° धारà¥à¤®à¤¿à¤• अतिवाद के रूप में गलत तरीके से पेश किया गया। जबकि यह हिंदू लोगों की सांसà¥à¤•ृतिक और सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त पहचान के रूप में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ है। इस शबà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— 20वीं सदी की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में विनायक दामोदर सावरकर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ करने के बाद लोग à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡à¥¤ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• से लेकर संसà¥à¤•ृति की रकà¥à¤·à¤¾ तक के आंदोलनों में सनातन सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ ने हमेशा पारदरà¥à¤¶à¥€ मानसिकता के साथ लोगों को जोड़ा।
हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ à¤à¤• à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• चेतना
हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ, शाबà¥à¤¦à¤¿à¤• रूप से "हिंदूपन" यानी सामूहिक सांसà¥à¤•ृतिक, à¤à¥Œà¤—ोलिक और à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• चेतना को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करता है। यह शबà¥à¤¦ सà¤à¥€ हिंदà¥à¤“ं को à¤à¤• सूतà¥à¤° में पिरोने का कारà¥à¤¯ à¤à¥€ करता है। जैसे यहूदी धरà¥à¤® à¤à¤• धरà¥à¤® और सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त लोकाचार दोनों को समाहित करता है, उसी तरह हिंदू धरà¥à¤® à¤à¥€ है। हिंदू होने का मतलब सिरà¥à¤« कà¥à¤› आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं का पालन करना ही नहीं है, बलà¥à¤•ि धरà¥à¤®, करà¥à¤® और मोकà¥à¤· के सनातनी सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों पर आधारित à¤à¤• जीवंत, विकसित सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ में à¤à¤¾à¤— लेना à¤à¥€ है। हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦, लचीलेपन और सांसà¥à¤•ृतिक निरंतरता के संदरà¥à¤ में हिंदू पहचान की सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ है।
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रटगरà¥à¤¸ का नैरेटिव कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हà¥à¤† फेल?
रटगरà¥à¤¸ रिपोरà¥à¤Ÿ, SASAC (साउथ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ सà¥à¤•ॉलर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ कलेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ) जैसे समूहों के विचारों से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ है, जो हिंदू धरà¥à¤® और हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ के बीच अलगाव पर फोकसà¥à¤¡ है। ताकि हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ को धरà¥à¤® से अलग कर बदनाम किया जा सके। लेकिन हिंदू धरà¥à¤® के मूल में निहित हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ के इससे अलग किया जाना संà¤à¤µ नहीं है। उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ यानी रटगरà¥à¤¸ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के तथाकथित शिकà¥à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ की यह रिपोरà¥à¤Ÿ बौदà¥à¤§à¤¿à¤• रूप से à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करने वाली है।
हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ पर पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ à¤à¤•à¥à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ की रिपोरà¥à¤Ÿ का इतिहास हमेशा से चयनातà¥à¤®à¤• रहा है। à¤à¤¸à¥‡ में लेखक पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ इसकी विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ पर असर होता है। विडंबना यह है कि à¤à¤• अरब से अधिक हिंदà¥à¤“ं के विशà¥à¤µà¤¦à¥ƒà¤·à¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण नकराने के लिठà¤à¤¸à¥€ ही मनगढंत रिपोरà¥à¤Ÿ तैयार की जाती हैं, जिनका कोई मजबूत आधार नहीं होता।
पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ धारà¥à¤®à¤¿à¤• ढांचे को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€
पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ धारà¥à¤®à¤¿à¤• परंपराà¤à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° पवितà¥à¤° को धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤· से, निजी को सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• से अलग करती हैं। यह दà¥à¤µà¤¿à¤†à¤§à¤¾à¤°à¥€ हिंदू धरà¥à¤® जैसी पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ धारà¥à¤®à¤¿à¤• परंपराओं पर लागू नहीं होता, जहां आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•, सामाजिक और राजनीतिक जीवन आपस में जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ हैं। हिंदू धरà¥à¤® को पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ ढांचे में जबरन ढालने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ इस जटिलता को मिटा देते हैं।
हिंदू पहचान की पà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤• अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के रूप में हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ को नकारना हिंदà¥à¤“ं को अनà¥à¤¯ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ को दी जाने वाली सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त गरिमा से वंचित करना है। कोई à¤à¥€ यह मांग नहीं करता कि यहूदी अमेरिकी नागरिक जीवन में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठज़ायोनीवाद को तà¥à¤¯à¤¾à¤— दें। कोई à¤à¥€ इस बात पर जोर नहीं देता कि कैथोलिक पहचान को राजनीतिक या सांसà¥à¤•ृतिक मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से अलग रखा जाà¤à¥¤ न ही अशà¥à¤µà¥‡à¤¤ पहचान या सà¥à¤µà¤¦à¥‡à¤¶à¥€ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ता की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को राजनीतिक अरà¥à¤¥ रखने के लिठबदनाम किया जाता है। फिर, हिंदà¥à¤“ं को à¤à¤• खंडित पहचान कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सà¥à¤µà¥€à¤•ार करनी चाहिà¤?
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हिंदू धरà¥à¤® à¤à¤• सिरà¥à¤« à¤à¤• आसà¥à¤¥à¤¾ नहीं जीवंत परंपरा
हिंदू धरà¥à¤® à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ परंपरा है, जो सहसà¥à¤°à¤¾à¤¬à¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से विकसित है। यह अनगिनत à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं, रीति-रिवाजों और दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤•ूलों के माधà¥à¤¯à¤® से खà¥à¤¦ को आतà¥à¤®à¤¸à¤¾à¤¤, बहस, सà¥à¤§à¤¾à¤° और अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करती रही है। हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ है, जो औपनिवेशिक उनà¥à¤®à¥‚लन, सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त संकट और वासà¥à¤¤à¤¿à¤µà¤¿à¤•ता को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करती है।
हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ को फासीवाद जैसी विचारधारा के रूप में पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करना विकृत मानसिकता का परिणाम है। दरअसल, हठधरà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ या फिर राजनीतिक विचारधाराओं के विपरीत, हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤—त आतà¥à¤®-जागरूकता से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ है। हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ को पूरी तरह से नकारना हिंदू धरà¥à¤® की लचीलेपन को गलत समà¤à¤¨à¤¾ है। इसका मतलब यह है कि हिंदà¥à¤“ं को मंदिरों और धरà¥à¤®à¤—à¥à¤°à¤‚थों तक ही सीमित रहना चाहिà¤, जबकि अनà¥à¤¯ लोगों को समाज को आकार देने में पूरी à¤à¤¾à¤—ीदारी की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ है।
'हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ को हिंदू धरà¥à¤® से अलग देखना सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ पर खतरा'
हिंदू धरà¥à¤® को हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ से अलग करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ केवल अकादमिक बेईमानी नहीं है। यह à¤à¤• सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ पर खतरे का संकेत है। हालांकि यह धरà¥à¤® उन लोगों की सेवा करता है जो हिंदू पहचान को खंडित करना चाहते हैं, हिंदू धरà¥à¤® को अमानà¥à¤¯ करना चाहते हैं और हिंदूओं के धरà¥à¤® के विकृत करना चाहते हैं।
लेकिन हिंदà¥à¤“ं को आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• या राजनीतिक, पारंपरिक या आधà¥à¤¨à¤¿à¤•, निजी या सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• होने के बीच चयन करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है। इसे à¤à¤¸à¥‡ समà¤à¤¾ जा सकता है- हिंदू धरà¥à¤® की नदी है, तो हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ जीवन रूपी पृथà¥à¤µà¥€ पर बहने वाला पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¥¤
à¤à¤¸à¥‡ में यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ है कि हिंदू धरà¥à¤® और हिंदà¥à¤¤à¥à¤µ विरोधी नहीं हैं। यह à¤à¤• अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ है। à¤à¤• शाशà¥à¤µà¤¤ सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त है, तो दूसरा उनकी समकालीन अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¥¤ यह सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ है कि सनातन धरà¥à¤® को à¤à¤• जीवित शकà¥à¤¤à¤¿ है, जिसे à¤à¥‡à¤¦ पाना पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ देशों के कथित विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥‡à¤¦ पाना संà¤à¤µ नहीं है।
नोट: लेखक विषयों पर शोध और कंटेंट में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठChatGPT का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करते हैं।
(इस लेख में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किठगठविचार और राय लेखक के अपने हैं और जरूरी नहीं कि वे नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ की आधिकारिक नीति या सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हों।)
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