रूस-यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ यà¥à¤¦à¥à¤§ की अगà¥à¤°à¤¿à¤® पंकà¥à¤¤à¤¿ में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के à¤à¤• समूह में से कम से कम à¤à¤• की मौत और अनà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के वापस लौटने की बेताबी की खबर फिर से याद दिलाती है कि टकराव के हालात में जीवन कैसा होता है। संघरà¥à¤·à¥‹à¤‚ की वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता कà¥à¤¯à¤¾ है। खास तौर से 'आउटसोरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग' के सहारे की जाने वाली जंग में।
जिस वैगनर समूह ने कथित तौर पर पिछले वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ के साथ अधिकांश लड़ाई की थी उसके बारे में अब कहा जाता है कि यह अतीत की बात हो गई है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसके शीरà¥à¤· सैनà¥à¤¯ कमांडर की à¤à¤• हवाई दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ में मौत हो चà¥à¤•ी है। अगर इस कहानी पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ किया जाठतो। मगर रूसी मोरà¥à¤šà¥‡ पर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ संदरà¥à¤ में वैगनर मशीनरी à¤à¤• तरफ रखते हैं।
जहां तक ​​à¤à¤¾à¤°à¤¤ का सवाल है इससे कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता कि रूस अपनी दो साल की आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤•ता को सही ठहराने के लिठकिसे इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर रहा है। तथà¥à¤¯ यह है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤‚à¤à¥‚ सैनिकों को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ बलों के सहायक करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के रूप में काम करने के बहाने लालच दिया गया था। कहा जाता है कि वे रूस के नियमित सैनिकों के साथ खंदकों में यूकà¥à¤°à¥‡à¤¨ के हमले का सामना कर रहे थे या कर रहे हैं।
à¤à¤¾à¤¡à¤¼à¥‡ के सैनिकों की इन बातों के सामने आने से 1980 के दशक के 'सोलà¥à¤œà¤°à¥à¤¸ ऑफ फॉरà¥à¤šà¥à¤¯à¥‚न' की यादें ताजा हो जाती हैं। खासकर दकà¥à¤·à¤¿à¤£ पूरà¥à¤µ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ के जंगलों में घिरे कैदियों को छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ या मधà¥à¤¯ और लैटिन अमेरिका में डà¥à¤°à¤— माफियाओं से मà¥à¤•ाबला करने के लिठà¤à¤¾à¤¡à¤¼à¥‡ के सैनिकों को बà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ वाले विजà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¨à¥‹à¤‚ की। कà¤à¥€-कà¤à¥€ खà¥à¤«à¤¼à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤œà¥‡à¤‚सियों में दà¥à¤·à¥à¤Ÿ ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ ने फà¥à¤°à¥€à¤²à¤¾à¤‚स ठगों की à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करने का बीड़ा उठाया है। लेकिन यह सारा आकरà¥à¤·à¤£, जिसमें वारà¥à¤·à¤¿à¤• गà¥à¤ªà¥à¤¤ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ à¤à¥€ शामिल थे, तब फीका पड़ गया जब देशों को इस तरह के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ से निपटने का बेहतर तरीका मिल गया।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ अब 'दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ के उन सैनिकों' की वापसी की उलà¤à¤¨ में है। जाने या अनजाने उन लोगों ने खà¥à¤¦ को मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ में डाला जो यह नहीं जानते थे कि मौत के सौदागर पैसा कमाने के लिठकिसी à¤à¥€ हद तक जा सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ के सैनिकों की à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करने वालों पर à¤à¥€ सारा दोष मढ़ना सही नहीं है। वे वैध यातà¥à¤°à¤¾ दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹à¤‚ के साथ रूस जाने में कैसे कामयाब रहे?
इस परिदृशà¥à¤¯ और इन किसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के बीच à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार को गहन जांच के लिठकदम उठाना चाहिà¤à¥¤ जब चीजें बिगड़ जाती हैं तो मौत या हतà¥à¤¯à¤¾ पर हंगामा करना आम हो गया है। मगर यह बात केवल दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ के सैनिकों तक सीमित नहीं है। यह बात उन यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के लिठà¤à¥€ है जो किसी सà¥à¤¨à¤¹à¤°à¥‡ सपने के साकार होने की आस में दूर देश जाते हैं और आखिर में खà¥à¤¦ को धोखे का शिकार पाते हैं। वे काम, नौकरी या किसी अनà¥à¤¯ à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‡ पर अपना देश छोड़े जाते हैं मगर मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ में फंस जाते हैं। फिर उनकी तà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¦ दासà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥‡à¤‚ कà¤à¥€ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सामने आती हैं या अकà¥à¤¸à¤° दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ या शोषण की बेरहम गलियों में दफà¥à¤¨ होकर रह जाती हैं।
खैर, इन हालात में सरकारें जो कर सकती हैं उसकी सीमाà¤à¤‚ हैं। इसमें विदेशों में दूतावास और वाणिजà¥à¤¯ दूतावास शामिल हैं। खासकर तब जब लोग यूरोप या अमेरिका में जीवन के तथाकथित बसर के लिठखतरनाक और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से अवैध यातà¥à¤°à¤¾ करने के लिठकहीं à¤à¥€ जाने को तैयार हैं। लोग अपनी चाहतों के चलते कपट-पाश में फंस जाते हैं और किसी à¤à¥€ गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ तसà¥à¤µà¥€à¤° पर यकीन कर लेते हैं। कà¥à¤² मिलाकर सारा माजरा लोगों की समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€, तंतà¥à¤° की होशियारी और à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करने वालों की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ पर आकर टिक जाता है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login