'पà¥à¤°à¥‡à¤¸ के दमन की à¤à¤• लंबी और दà¥à¤–द परंपरा है। पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ रोम में समà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥€à¤•रण करने वाले इतिहासकारों को निरà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ कर दिया गया या उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मार दिया गया। जांच के दौरान असहमति जताने वालों को सूली पर जला दिया गया। 20वीं सदी में फासीवाद के उदय ने राजà¥à¤¯ तंतà¥à¤° को सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤¸ के खिलाफ़ कर दिया। मà¥à¤¸à¥‹à¤²à¤¿à¤¨à¥€ के इटली से लेकर हिटलर के जरà¥à¤®à¤¨à¥€ तक, जहां 4,000 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अखबारों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध लगा दिया गया या उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जबà¥à¤¤ कर लिया गया।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ जैसे उतà¥à¤¤à¤°-औपनिवेशिक देशों में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¤•ाशनों पर अंकà¥à¤¶ लगाने के लिठबà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶-यà¥à¤— के राजदà¥à¤°à¥‹à¤¹ कानूनों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया गया। विडंबना यह है कि आज, उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ कानूनों में से कई का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ की संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ राजà¥à¤¯ की आलोचना को चà¥à¤ª कराने के लिठकिया जाता है।
चाहे राजाओं के अधीन हो या चà¥à¤¨à¥‡ हà¥à¤ नेताओं के अधीन, पà¥à¤°à¥‡à¤¸ की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ हमेशा तब हमले के दायरे में आती है जब सतà¥à¤¤à¤¾ जांच के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ असहिषà¥à¤£à¥ हो जाती है।'
हर साल 3 मई को दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में विशà¥à¤µ पà¥à¤°à¥‡à¤¸ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ दिवस मनाया जाता है। यह दिन पà¥à¤°à¥‡à¤¸ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ के मूल सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों का जशà¥à¤¨ मनाने, वैशà¥à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर इसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने, मीडिया को हमलों से बचाने और करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ अपनी जान गंवाने वाले पतà¥à¤°à¤•ारों को शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि देने के लिठमनाया जाता है। लेकिन 2025 में यह दिन किसी उतà¥à¤¸à¤µ से कम... à¤à¤•जà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ और असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के लिठà¤à¤• हताश पà¥à¤•ार की तरह लगा।
पà¥à¤°à¥‡à¤¸ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ का मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ आगे बढ़ने के बजाय दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के अधिकांश हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में पीछे हटता जा रहा है। लोकतंतà¥à¤° और तानाशाही दोनों ही देशों में सरकारें पतà¥à¤°à¤•ारों को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मजबूर करने और चà¥à¤ª कराने के अपने पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ में अधिक असहिषà¥à¤£à¥, अधिक दमनकारी और अधिक बेशरà¥à¤® होती जा रही हैं।
सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° मीडिया के लिठसिकà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥€ जगह
सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° पतà¥à¤°à¤•ारिता पर शिकंजा कसने की परेशान करने वाली पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ अब सतà¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¦à¥€ राजà¥à¤¯à¥‹à¤‚ तक सीमित नहीं है। संवैधानिक गारंटी और लोकतांतà¥à¤°à¤¿à¤• ढांचे वाले देशों में à¤à¥€ हम मीडिया की सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ में कमी देख रहे हैं। आलोचनातà¥à¤®à¤• मीडिया आउटलेटà¥à¤¸ को बदनाम किया जा रहा है, उन पर छापे मारे जा रहे हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बंद किया जा रहा है या उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खरीद लिया जा रहा है। कानूनों को हथियार बनाया जा रहा है। निगरानी बड़े पैमाने पर हो रही है। धमकी और गिरफ़à¥à¤¤à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बढ़ रही हैं।
रिपोरà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ विदाउट बॉरà¥à¤¡à¤°à¥à¤¸ (RSF) और कमेटी टू पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ जरà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤¸ (CPJ) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वरà¥à¤· 2023 में 99 पतà¥à¤°à¤•ारों और मीडियाकरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की हतà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤ˆ, जो लगà¤à¤— à¤à¤• दशक में सबसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मौतें हैं। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में 550 से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पतà¥à¤°à¤•ार जेल में बंद हैं। इनमें से कई सिरà¥à¤«à¤¼ अपना काम करने के लिठजेल में बंद हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में, सतà¥à¤¤à¤¾ को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देने वाली रिपोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग करने के लिठदरà¥à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ पतà¥à¤°à¤•ारों को गिरफ़à¥à¤¤à¤¾à¤° किया गया, छापे मारे गठया देशदà¥à¤°à¥‹à¤¹, आतंक अथवा वितà¥à¤¤à¥€à¤¯ कदाचार कानूनों के तहत परेशान किया गया।
रूस, चीन, ईरान, तà¥à¤°à¥à¤•ी और मà¥à¤¯à¤¾à¤‚मार में सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° पतà¥à¤°à¤•ारिता को अपराध माना जाता है। फिलिसà¥à¤¤à¥€à¤¨ में गाजा को कवर करने वाले पतà¥à¤°à¤•ारों को जानलेवा माहौल का सामना करना पड़ता है। 2023 के अंत से अब तक 100 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मीडियाकरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की हतà¥à¤¯à¤¾ हो चà¥à¤•ी है। इनमें से कई की हतà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¸à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हà¥à¤ˆ है जिसकी अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर जांच की ज़रूरत है। इनमें से हर मामले में डराने वाला संदेश साफ़ है: चà¥à¤ª रहो, या कीमत चà¥à¤•ाओ।
सतà¥à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤¸ से कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ डरती है
पतà¥à¤°à¤•ारिता पर हर हमले के मूल में à¤à¤• सरल सतà¥à¤¯ छिपा है: à¤à¤• सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤¸ सतà¥à¤¤à¤¾ पर सवाल उठाती है। यह à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤°, अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯, दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° और à¤à¥‚ठको उजागर करती है। यह पà¥à¤°à¤®à¥à¤– आखà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देती है और à¤à¤¸à¥€ कहानियां बताती है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ लोग छिपाना पसंद करेंगे।
यही कारण है कि दूर-दराज़ और दूर-दराज़ की वामपंथी विचारधाराà¤à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤¸ को संदेह की नजर से देखती हैं। वे जांच नहीं, वफ़ादारी की मांग करते हैं। सवाल नहीं, पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° की चाहत रखते हैं।
अनà¥à¤ªà¤¾à¤²à¤¨, साहस नहीं
मगर फिर à¤à¥€, यह वही साहस है जो पतà¥à¤°à¤•ारिता को उसके सरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ रूप में परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ करता है। à¤à¤• पतà¥à¤°à¤•ार विचारधारा का सिपाही नहीं बलà¥à¤•ि लोकतंतà¥à¤° का पà¥à¤°à¤¹à¤°à¥€ होता है। पतà¥à¤°à¤•ारिता सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ नहीं बलà¥à¤•ि जवाबदेही है।
सतà¥à¤¯ की कीमत
और à¤à¤¸à¥‡ हज़ारों लोग हैं। कà¥à¤› जिनके नाम हम जानते हैं, अधिकांश जिनके नाम हम नहीं जानते। वे वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¥ नहीं गà¤à¥¤ उनके साहस ने à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ पेशे की नींव रखी जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ करना, रिपोरà¥à¤Ÿ करना और खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾ करना जारी रखता है।
à¤à¤• वैशà¥à¤µà¤¿à¤• आंदोलन: सीमाओं से परे पतà¥à¤°à¤•ार
बढ़ते दमन के सामने, हमारा जवाब कà¥à¤¯à¤¾ होना चाहिà¤? हमारी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सीमाओं के पार à¤à¤•जà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ होनी चाहिà¤à¥¤ सतà¥à¤¯-कथन करने वालों का à¤à¤• वैशà¥à¤µà¤¿à¤• गठबंधन जो à¤à¤•-दूसरे का बचाव करने, à¤à¤•-दूसरे के काम को बढ़ावा देने और à¤à¤• साथ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ करने के लिठपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§ हो। यह à¤à¤• आंदोलन के पीछे की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है जिसे हमें अब ततà¥à¤ªà¤°à¤¤à¤¾ से बनाना चाहिà¤: सीमाओं से परे पतà¥à¤°à¤•ार यानी जरà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤¸ बियॉनà¥à¤¡ बॉरà¥à¤¡à¤°à¥à¤¸à¥¤
विशà¥à¤µ पà¥à¤°à¥‡à¤¸ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ दिवस पर à¤à¤• शपथ
इस दिन, आइठहम अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ को फिर से नया करें। न केवल पतà¥à¤°à¤•ारों के रूप में, बलà¥à¤•ि वैशà¥à¤µà¤¿à¤• नागरिकों के रूप में।
आइठहम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾ करें...
(लेखक द इंडियन पैनोरमा के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ संपादक हैं। उनसे salujaindra@gmail.com पर संपरà¥à¤• किया जा सकता है)
(इस लेख में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ विचार और राय लेखक के अपने हैं और जरूरी नहीं कि वे नà¥à¤¯à¥‚ इंडिया अबà¥à¤°à¥‰à¤¡ की आधिकारिक नीति या सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हों)
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