अमेरिका में नà¥à¤¯à¥‚ जरà¥à¤¸à¥€ के रॉयल अलà¥à¤¬à¤°à¥à¤Ÿ पैलेस में जà¥à¤žà¤¾à¤¨ संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ के सैकड़ों à¤à¤•à¥à¤¤ जगतगà¥à¤°à¥ शà¥à¤°à¥€ अविचलदेवाचारà¥à¤¯ महाराज और डॉ. साधà¥à¤µà¥€ शà¥à¤°à¥€ गीतादीदी की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में गà¥à¤°à¥ महिमा परायण में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठजमा हà¥à¤à¥¤ सेंटà¥à¤°à¤² नà¥à¤¯à¥‚ जरà¥à¤¸à¥€ के कैवल गà¥à¤°à¥à¤ª ने जगतगà¥à¤°à¥à¤œà¥€ के अमृत जनà¥à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤µ (75वां जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ समारोह) के समà¥à¤®à¤¾à¤¨ में इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का आयोजन किया।
इस परायण में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ गतिविधियां हà¥à¤ˆà¤‚, जैसे कि परमगà¥à¤°à¥ पदà¥à¤•ा पूजन, पूजà¥à¤¯ जगतगà¥à¤°à¥à¤œà¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨, साधà¥à¤µà¥€ शà¥à¤°à¥€ गीतादीदी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤°à¥ महिमा सतà¥à¤¸à¤‚ग और दिवà¥à¤¯ परमगà¥à¤°à¥ की उपासना। जगतगà¥à¤°à¥à¤œà¥€ के पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨ और गीता दीदी की कथा में जीवन में गà¥à¤°à¥ के महतà¥à¤µ और संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• परमगà¥à¤°à¥ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤ करà¥à¤£à¤¸à¤¾à¤—र महाराज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ गà¥à¤°à¥-शिषà¥à¤¯ परंपरा पर पà¥à¤°à¤•ाश डाला गया। यà¥à¤µà¤¾à¤“ं और यà¥à¤µà¤¾à¤“ं ने सà¥à¤µà¤¯à¤‚ सेवा की और विशेष गतिविधियों में à¤à¤¾à¤— लिया जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने धरà¥à¤® और संसà¥à¤•ृति से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ में मदद मिली।
रविवार 22 सितंबर को à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ ने जगतगà¥à¤°à¥à¤œà¥€ का जनà¥à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ à¤à¥€ मनाया। à¤à¤• शोà¤à¤¾à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤°à¤¾ (जà¥à¤²à¥‚स) निकाली गई जिसमें à¤à¤•à¥à¤¤ धारà¥à¤®à¤¿à¤• कीरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की धà¥à¤¨ पर गा रहे थे और नाच रहे थे। यà¥à¤µà¤¾à¤“ं ने कीरà¥à¤¤à¤¨ गाठऔर à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ ने जगतगà¥à¤°à¥à¤œà¥€ के साथ अपने वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त अनà¥à¤à¤µ साà¤à¤¾ किà¤à¥¤
à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ ने बताया कि कैसे जगतगà¥à¤°à¥à¤œà¥€ के 'सतà¥' और आà¤à¤¾ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने धरà¥à¤® के करीब खींचा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ बताया कि कैसे जगतगà¥à¤°à¥à¤œà¥€ ने शिकागो में बनाठगठकैवल जà¥à¤žà¤¾à¤¨ मंदिर और अमेरिका में सालाना यà¥à¤µà¤¾ शिविरों के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ को उनके धरà¥à¤® और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पथ पर आगे बढ़ने में मदद की। जगतगà¥à¤°à¥à¤œà¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं और à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ को परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखते हà¥à¤ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•, मानसिक और शारीरिक रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन जीने के लिठसिखाते हैं।
गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के सरसा में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ कैवल जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पीठगà¥à¤°à¥à¤—दà¥à¤¦à¥€ सरसापà¥à¤°à¥€, परमगà¥à¤°à¥ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤ करà¥à¤£à¤¸à¤¾à¤—र महाराज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ à¤à¤• समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤² है। यह आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾, à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ और सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• गतिविधियों का केंदà¥à¤° है। यह अपने समृदà¥à¤§ इतिहास और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• विरासत के लिठपà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ है, जो दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° से उन à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करता है जो आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• विकास और जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की तलाश करते हैं।
कैवल जà¥à¤žà¤¾à¤¨ संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• परमगà¥à¤°à¥ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤ करà¥à¤£à¤¸à¤¾à¤—र महाराज à¤à¤• दूरदरà¥à¤¶à¥€ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• संत थे जिनकी शिकà¥à¤·à¤¾à¤à¤‚ आज à¤à¥€ अनगिनत अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करती हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने विकà¥à¤°à¤® संवत 1829 (1773 ईसà¥à¤µà¥€) में पृथà¥à¤µà¥€ पर अवतार लिया और अपने जीवन को कैवल जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° और मानवता के उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के लिठसमरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ कर दिया। उनका गहरा जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और करà¥à¤£à¤¾ उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ रचित अनेक शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ और शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं में परिलकà¥à¤·à¤¿à¤¤ होती है। परमगà¥à¤°à¥ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤ करà¥à¤£à¤¸à¤¾à¤—र महाराज ने 105 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ का नेतृतà¥à¤µ किया। à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿, जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और सेवा की विरासत की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ की।
संसà¥à¤¥à¤¾ की तरफ से बताया गया है कि पूजà¥à¤¯ जगतगà¥à¤°à¥ शà¥à¤°à¥€ अविचलदेवाचारà¥à¤¯ महाराज आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के पà¥à¤°à¤•ाश सà¥à¤¤à¤‚ठहैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपना जीवन दिवà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° और मानवता के उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के लिठसमरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ कर दिया है। सषà¥à¤Ÿà¤® कà¥à¤µà¥‡à¤°à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ शीतलदासजी महाराज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• जीवन में दीकà¥à¤·à¤¿à¤¤ होकर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने काशी में संसà¥à¤•ृत और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ शासà¥à¤¤à¥à¤° में उनà¥à¤¨à¤¤ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया। पिछले 53 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जà¥à¤žà¤¾à¤¨ संपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯ के सातवें कà¥à¤µà¥‡à¤°à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ के रूप में सेवा की है। हिंदू शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ और दरà¥à¤¶à¤¨ की अपनी गहरी समठके साथ अनगिनत à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ का मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ किया है। उनकी शिकà¥à¤·à¤¾à¤à¤‚ आतà¥à¤®-साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार और सारà¥à¤µà¤à¥Œà¤®à¤¿à¤• कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के महतà¥à¤µ पर जोर देती है।
डॉ. साधà¥à¤µà¥€ शà¥à¤°à¥€ गीतादीदी à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• नेता हैं। वह अपने पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨à¥‹à¤‚ और शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से कई लोगों के लिठमारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤• पà¥à¤°à¤•ाश रहीं हैं। कम उमà¥à¤° से ही वे à¤à¤—वत, देवी à¤à¤—वत और शिव पà¥à¤°à¤¾à¤£ जैसे पवितà¥à¤° गà¥à¤°à¤‚थों के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ और वरà¥à¤£à¤¨ में गहरी रूप से शामिल रहीं हैं। उनका आशà¥à¤°à¤® यà¥à¤µà¤¾ लड़कियों के लिठà¤à¤• पोषक वातावरण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। शिकà¥à¤·à¤¾, कौशल विकास और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। पूजà¥à¤¯ जगतगà¥à¤°à¥à¤œà¥€ के मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने रिकॉरà¥à¤¡ किठगठकीरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚, अषà¥à¤Ÿà¤•ों और सतà¥à¤¸à¤‚गों के माधà¥à¤¯à¤® से आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ योगदान दिया है। वे अनाथ वंचित लड़कियों के लिठà¤à¤• आशà¥à¤°à¤¯ à¤à¥€ चलाती हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ घर और शैकà¥à¤·à¤¿à¤•, जीवन कौशल विकास और अनà¥à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤• संसाधन पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती हैं।
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